‘‘लड़कियों की शादी देर से होने का एक कारण यह भी है कि आज लड़कियां अपना कैरियर बना कर आत्मनिर्भर बन कर ही शादी करना चाहती हैं. लेकिन जब नौकरी के दौरान किसी लड़की की शादी होती है तो बढ़ती हुई जिम्मेदारियों के साथ उस का कैरियर भी प्रभावित होने लगता है. इसलिए अगर आप की शादी हाल ही में हुई है या होने वाली है तो शादी और आफिस के बीच सामंजस्य बैठा कर चलें ताकि आप की शादीशुदा जिंदगी और आफिस दोनों ही प्रभावित न हों,’’ यह कहना है कैरियर काउंसलर प्रांजलि मल्होत्रा का.
रचना का कहना है, ‘‘जब मेरी नईनई शादी हुई तो आफिस और घर में सामंजस्य बैठाना मुश्किल हो गया. अपने मायके में मैं ने वे सब काम जो कभी नहीं किए थे वे मुझे ससुराल में करने पड़े. यहां तक कि मेरा लंच भी मेरी मम्मी बाहर तक पकड़ाने आती थीं और अब ससुराल में अपने पूरे परिवार का लंच बनाना पड़ता है. इसी के चलते देर हो जाती थी. इस वजह से मेरे बौस मुझ से नाराज रहने लगे और एक दिन मेरी जौब पर बन आई तो मुझे होश आया और मैं ने उस दिन से अपने आफिस पर पूरा ध्यान देना शुरू कर दिया.’’
प्राथमिकता को समझें
शादी से पहले की और बाद की स्थितियों में बहुत बड़ा फर्क है. शादी के बाद आप को दोहरी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं. इसलिए अपने बढ़े हुए कार्यभार को देख कर घबरा न जाएं बल्कि उसे इस तरह मैनेज करें कि सब कुछ व्यवस्थित रहे. शादी होने से पहले ही अपने भावी पति से अपने आफिस के बारे में बीचबीच में बात करती रहें. उन्हें बताएं कि आप किस तरह का कार्य करती हैं और आप का कितना जिम्मेदारी वाला काम है ताकि वे आप के काम की प्रकृति के बारे में सब जान जाएं और भविष्य में जरूरत पड़ने पर आप का साथ दे सकें.
काम को मैनेज करें
आप की अनुपस्थिति में आप के जिस सहयोगी को आप का कार्यभार सौंपा जा रहा हो उस से मीटिंग करें और अपने कामकाज से संबंधित सभी जरूरी बातें उसे बता दें ताकि उसे आसानी हो और कोई काम समझ न आ रहा हो तो उसे समझा दें.
शादी के लिए ली गई छुट्टियों से लौटने पर एक दिन पहले फोन कर के अपने सहयोगी से अपने कामकाज के बारे में पूरी जानकारी ले लें ताकि आफिस आने पर आप किसी काम से अनभिज्ञ न रहें और आप को काम में कोई परेशानी न हो.
कई लड़कियों की आदत होती है कि शादी की छुट्टियों से आने के बाद भी वे काम के मूड में कम और मस्ती के मूड में ज्यादा रहती हैं. खुद तो काम करती नहीं, अपनी सहेलियों को भी शादी से जुड़ी बातें बताने के लिए घेरे बैठी रहती हैं. ऐसी बातें या हरकतें बौस से छिपी नहीं रहतीं इसलिए बेकार की बातों में समय व्यर्थ कर अपनी बनीबनाई इमेज को खराब न करें.
पहनावे पर ध्यान दें
नईनई शादी के बाद आफिस जाते समय अपने पहनावे व मेकअप पर भी ध्यान दें कि वह बहुत ज्यादा भड़कीला न हो.
शादी के बाद अचानक ही किसी भी लड़की के जीवन में जिम्मेदारियां आना स्वाभाविक है और अगर वह संयुक्त परिवार में है तो जिम्मेदारियां कुछ ज्यादा ही आ जाती हैं. फिर भी इन सब बातों के चलते आफिस को नजरअंदाज न करें.
कई लड़कियां परिवार की जिम्मेदारी बढ़ने के कारण बारबार छुट्टियां लेती हैं. आफिस से घर जाने की जल्दी मचाती हैं और देर से आफिस पहुंचती हैं, जिस से उन के काम पर तो असर पड़ता ही है, साथ ही बौस कोई जिम्मेदारी वाला काम भी उन्हें देने से पहले कई बार सोचते हैं. अपना सुबह का काम इस तरह से विभाजित करें कि आप घर का कामकाज भी निबटा लें और आफिस पहुंचने में देर भी न हो.
मेहमानों को छुट्टी के दिन ही घर बुलाएं. वर्किंग डे में बुलाने पर आप को दिक्कत हो सकती है.
अगर आप की कोई घरेलू परेशानी है तो उस का रोना आफिस में न रोएं. घर की परेशानियां घर ही छोड़ आएं, उन्हें अपने आफिस के काम पर हावी न होने दें.