एजुकेशनिष्ट और ‘मिसेज इंडिया 2016’ मोहिनी शर्मा ने बचपन में मिस इंडिया बनने का सपना देखा था, क्योंकि वह मिस वर्ल्ड प्रियंका चोपड़ा, मिस यूनिवर्स सुस्मिता सेन और मिस वर्ल्ड ऐश्वर्या राय से बहुत अधिक प्रेरित थी. इस ड्रीम को उन्होंने शादी के बाद पूरा किया, लेकिन वह मिसेज वर्ल्ड का क्राउन जीत नहीं सकी. उस दिन से उन्होंने प्रण लिया है कि वह इस सपने को बहुत जल्द साकार कर देगी और भारत को मिसेज वर्ल्ड के ख़िताब से परिचय करवाएगी. इसके लिए उन्हें ‘मिसेज इंडिया आई एन सी’ को करने का लाइसेंस मिला और मोहिनी जी जान से इसमें लग गई है. मोहिनी इन दिनों मिसेज श्री लंका 2020 के लिए एक जज के रूप में गई है, जिसमे वह उस देश की खूबसूरती के साथ-साथ इंटेलीजेंसी का निर्णय करेगी. श्री लंका से मोहिनी ने बात की और बताया कि मैं उन सभी महिलाओं के सपने को साकार करना चाहती हूँ, जिन्होंने मिसेज इंडिया में जीतने का ख्वाब देखा है. 

            बातचीत के दौरान उनका कहना है कि भारतीय महिलाओं में खूबसूरती के साथ-साथ प्रतिभा भी बहुत है, केवल उन्हें सही गाइड करने की जरुरत है, जिसे मैं करने की कोशिश कर रही हूँ. इसके अलावा हर लड़की मिस इंडिया बनकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ताज जीतने का सपना देखती है. मैंने भी देखा था, लेकिन तब मेरे पेरेंट्स की सोच मुझसे अलग थी, जिसे मैंने शादी के बाद पूरा किया. इसके लिए मुझे आत्मनिर्भर बनना पड़ा, जिससे मेरे अंदर निर्णय लेने की क्षमता जगी. मैं मिस इंडिया में भले ही न जा पाई हो, मिसेज इंडिया में पूरी तैयारी के साथ गई और पेजेंट जीती. मुझे साल 2016 में ‘मिसेज इंडिया वर्ल्ड’ का टाइटल मिला और वर्ल्ड में इंडिया को रिप्रेजेंट करने के लिए कोरिया के सियोल में काफी तैयारी के साथ गयी थी, लेकिन मिसेज वर्ल्ड के टाइटल नहीं जीत पाई. आज जितनी भी महिलाएं ब्यूटी पेजेंट के लिए आती है, सभी हमारे देश की ताज को जीत चुकी सुंदरियों से प्रेरित होकर ही देश के कोने-कोने से आती है और मैं उन्हें स्टाइलिश, ग्रूमिंग एक्सपर्ट, फिटनेस एक्सपर्ट, मेकअप आदि के बारें में गाइड करती हूँ.  

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           शादी के बाद अधिकतर महिलाएं अपने व्यक्तित्त्व को भूलकर घर परिवार में लग जाती है, ऐसे में किसी ब्यूटी पेजेंट में भाग लेने की बात सोच नहीं पाती, पर मोहिनी ने अपने सपने को मरने नहीं दिया और आगे बढ़ी. इस बारें में मोहिनी बताती है कि हर महिला के परिवार में लोगों की सोच अलग-अलग होती है, कुछ परिवार में महिलाएं घर से बाहर नहीं जाती, तो कुछ में जाती भी है तो निश्चित  समय पर घर आ जाती है, क्योंकि उस परिवार की महिलाओं ने बचपन से इसी माहौल को देखा है और अब घर बहू आने के बाद उन्हें आज़ादी नहीं देती, ऐसे में चाहकर भी महिला आगे कुछ सोच नहीं पाती. इसके अलावा आसपास के माहौल और परिवार का भी असर उन पर पड़ता है. उससे निकलकर किसी निर्णय को आत्मनिर्भर महिला ही ले सकती है. अभी जमाना काफी बदल चुका है, तकनीक और डिजिटल मीडिया ने बहुत सारी सुविधाएं पैसे कमाने का दिया है. घर पर रहकर घर-गृहस्थी  सम्हालना भी बड़ी बात है, लेकिन अगर किसी प्रकार की हॉबी या शौक महिला को है, तो उसे भी करने की कोशिश करनी चाहिए.  

           परिवार के सहयोग के बारें में मोहिनी कहती है कि मिसेज इंडिया जीतने के 2 साल बाद मुझे मिसेज इंडिया करने का लाइसेंस मिला. मेरे पति आनंद माने ने शुरू में बहुत सपोर्ट किया, क्योंकि मुझे व्यवसाय के क्षेत्र में अधिक जानकारी नहीं थी. उन्होंने लोगों से परिचय करवाया, व्यवसाय की बारीकियां समझाई. अब मैं सबकुछ सीख गयी हूँ और उन्होंने भी इसका दायित्व मुझपर छोड़ दिया है. 

         आज किसी ब्यूटी पेजेंट को जीतना आसान नहीं होता, क्योंकि कॉम्पिटिशन बहुत टफ हो चुका है. ऐसे में किसी महिला का इसमें भाग लेने के लिए बहुत पहले से अच्छी तैयारी करनी पड़ती है. मोहिनी कहती है कि अभी सब एडवांस हो गया है. ब्यूटी पेजेंट जीतने के कुछ खास टिप्स निम्न है,

  • नेशनल इवेंट में पहले बॉडी प्रेजेंटेशन की बारी आती है, जिसमें बॉडी प्रेजेंटेबल होनी चाहिए, न तो अधिक दुबला और न ही अधिक हैवी. 
  • एटिकेट्स यानि मैनर्स, व्यवहार के तरीके, जिसमें महिला का चलना, उठना, हँसना, बैठना आदि सही होने की जरुरत होती है, 
  • बातचीत का तरीका, इसमें किसी बड़े ओहदे के व्यक्ति या फिर कोई गरीब से बात करने का तरीका, जिसमें किसी को अपमानित न करना आदि पर विशेष ध्यान देना पड़ता है, 
  • डाइट जो महिला की शारीरिक और मानसिक संतुलन को बनाए रखने में सहयोग दे, 
  • स्ट्रेस को भगाने की दिशा में खुद को अधिक मजबूत होना पड़ता है, जिसमें योगा, मैडिटेशन, वर्कआउट आदि से महिला को मजबूत होने की जरुरत होती है. 

कई बार ऐसा देखा गया है कि फिनाले में जज के प्रश्न पूछने पर प्रतियोगी, थोड़ी भी घबरा जाने या हकलाने पर वे जीत के करीब पहुंचकर भी हार जाती है. नेशनल प्रतियोगिता में इन सब बातों को ठीक कर लेने से महिला को जीतने से कोई नहीं रोक सकता. इंटरनेशनल ब्यूटी पेजेंट में प्रतियोगिता बहुत अधिक कठिन होती है, क्योंकि वहां अलग-अलग देशों से उनकी विनर्स आती है, वहां क्राउन जीतने के लिए एडवांस स्तर की तैयारी करनी पड़ती है. इसके अलावा रैम्प वाक् प्रैक्टिस और सोशल मीडिया में प्रेजेंस का होना भी बहुत जरुरी है. 

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               ब्यूटी पेजेंट में महिला का खूबसूरत होना जरुरी है या नहीं पूछने पर मोहिनी का कहना है कि आज विज्ञान इतना एडवांस हो गया है कि ब्यूटी, खूबसूरत दिखना, सही कद-काठी सब  खरीदी जा सकती है, लेकिन इंटेलीजेंसी ख़रीदा नहीं जा सकती. इसलिए हमारी ये कोशिश रहती है कि मॉडरेट लुकिंग, कॉंफिडेंट और इंटेलीजेंट महिला, जो अंतर्राष्ट्रीय मंच पर फिट हो उसे ही भेजा जाता है. पिछले 20 सालों से कोई मिसेज इंडिया वर्ल्ड का ख़िताब जीत नहीं पाई है, मैं उसी को लाने की तैयारी में लगी हूँ. मेरा सभी से गुजारिश है कि आप सपने अवश्य देखें, तभी आप उसे पूरा कर सकेंगे. 

            इसके आगे मोहिनी कहती है कि अप्रैल का महीना ‘सेक्सुअल असॉल्ट अवेरनेस मंथ’ के रूप में माना जाता है, ताकि महिलाओं का इस बारें में जागरूकता हो. दुष्ट आचरण अधिकतर महिला और बच्चों के साथ होता है. जितना अधिक जागरूकता बढ़ेगी, महिला उतनी एलर्ट रहेगी. एलर्टनेस ही एक महिला को किसी भी अनहोनी से बचा सकती है, इसके लिए स्ट्रोंग होना या मार्शल आर्ट सीखने की जरुरत नहीं होती, क्योंकि महिला एलर्ट रहने पर आसानी से आने वाली समस्या को समझ जाती है. अवेरनेस से ही एलर्ट आती है. 

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