शारीरिक रूप से फिट, दिल से कल्पनाशील और दिमाग से तरोताजा रहने के लिए न तो किसी जादू की जरूरत है और न ही किसी बहुत जटिल एक्सरसाइज से पसीना बहाने की. बस किसी से डूबकर प्यार करिये और ये तीनों मकसद हासिल कर लीजिए, बशर्ते आपकी किस्मत अच्छी हो यानी आपका प्यार एकतरफा न हो, उसे उतने ही गर्मजोशी से स्वीकारा जाए, जितनी गर्मजोशी से आपने पहल की होे. जी हां, यह कोई मजाक नहीं है. विज्ञान की कसौटी में बार बार कसा गया वह सच है, जिसे एक-दो नहीं लाखों लोगों ने आजमाकर देखा है और किसी ने धोखा नहीं खाया. दरअसल जब हम किसी से प्यार करते हैं तो दिल में, आसमान में उड़ने के लिए उमंगे मचलती हैं. ये उमंगें बहुत कुछ करती हैं मसलन- पेट में गुदगुदी करती हैं और हमारी ढेर सारी कैलोरी भी जलाती हैं. नतीजे में हम फिट रहते हैं, खुश रहते हैं और दिमागी रूप से चैतन्य रहते हैं.

रिसर्च बताती है कि जब हम जिसे प्यार करते हैं, उसे गर्मजोशी से चूमते हैं तो 90 कैलोरी जलती हैं. पता नहीं पिछली सदी के 70 के दशक में पश्चिमी दुनिया में धूम मचाने वाले म्यूजिक बैंड बीट्लस को यह बात पता थी या नहीं, लेकिन जब बीट्लस ने झूमकर गया ‘आई नीड समबडी टू लव’ और कुछ लोगों ने इस गीत को व्यवहार में आजमाया तो पाया कि हां, आश्चर्यजनक रूप से किसी को प्यार करना, खुश और सेहतमंद होने की गारंटी है. जब हम किसी के साथ एक बेहद नशीले रोमांस से गुजरते हैं तो दिल से लेकर दिमाग तक पोर पोर तरोताजा हो जाते हैं. इससे हमारे शरीर का अतिरिक्त बौडी फैट पिघलकर हमें सांचे में ढाल देता है. हालांकि यह सब कुछ इतना मशीनी भी नहीं है, इस मामले में सबके अनुभव अलग अलग हैं.

मानव संबंधों के विश्वकोश के सह-संपादक रहे पीएचडी हैरी रीस कहते हैं, ‘हमने बहुत से लोगों से इस संबंध में उनके निजी अनुभवों को जाना है कि एक दूसरे को बहुत गहराई से प्यार करने पर प्यार की भावनाएं दोनो पार्टनरों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के नजरिये से गहरे तक प्रभावित करती हैं. रिसर्च बताती है कि एक दूसरे को बहुत गहरे प्यार करने वाले जोड़े आमतौर पर डॉक्टर के पास बहुत कम जाते हैं. हजारों लोगों के निजी अनुभवों के जरिये यह जाना गया है कि ऐसे जोड़ों को किसी वजह से अगर डॉक्टर के पास जाना भी पड़ता है, तो अव्वल तो इन्हें अस्पताल में ठहरने की जरूरत नहीं पड़ती और रूकना भी पड़ा तो बाकी लोगों के मुकाबले यह अवधि बहुत कम होती है.’

हालांकि रीस कहते हैं विज्ञान इसके पीछे के अंतिम सच को यूनिवर्सल तथ्य के रूप में जान पाने में असमर्थ है. लेकिन जो ठोस अनुमान है, वो यही है कि जब हम किसी से प्यार करते हैं तो अपना और उसका अच्छे से ख्याल रखते हैं. एक दूसरे को अच्छा लगने की कोशिश करते हैं. साफ सुथरा और खुश रहते हैं. अवसाद से मुक्त रहते हैं. ऐसे में इस तरह के हार्मोन्स का स्राव नहीं होता या बहुत कम होता है, जो हमें थकाते और चिड़चिड़ा बनाते हैं. वास्तव में जब हम किसी के साथ दिल की गहराईयों तक प्रेम में डूबे होते हैं तो शराब कम पीते हैं, नकारात्मक बातें कम करते हैं, इस सबसे भी सेहत पर बहुत फर्क पड़ता है. प्यार की खुशी हमारे रक्तचाप को संतुलित रखती है. न यह इसे बहुत ज्यादा बढ़ने देती है और न ही डूबने की हद तक घटने देती है. जब हम किसी के साथ प्यार में डूबे होते हैं तो चिंताएं बहुत कम होती हैं, जरूरतें भी बहुत ज्यादा नहीं होतीं. किसी को डूबकर प्यार करने से हमें तमाम किस्म के प्राकृतिक दर्दों से छुट्टी मिल जाती है. 1 लाख 27 हजार ऐसे वयस्क लोगों के बीच यह सर्वे किया गया, जो किसी के प्यार में थे या उनकी कुछ ही दिन पहले शादी हुई थी.

ऐसे लोगों में महज 5 फीसदी सिरदर्द और कमरदर्द की शिकायतें पायी गईं. दरअसल जब हम किसी के प्यार में होते है तो हम तनाव में नहीं जाते. अगर कभी किसी वजह से तनाव में घिरे भी तो इसका बहुत बेहतर तरीके से प्रबंधन कर लेते हैं. तनाव का सोशल सपोर्ट से बहुत सीधा रिश्ता होता है यानी अगर हम तनाव में हों और कोई हमारे तनाव को बांटने के लिए कोई हो तो भले व्यवहारिक रूप से ये तनाव बंटे न, पर कम जरूर हो जाता है. जब हम किसी से गहरे प्यार में होते हैं तो हमें सर्दी जुकाम जैसी छोटी मोटी शारीरिक समस्याएं नहीं होती. एंजायटी और डिप्रेशन से भी हम बचे रहते हैं और अगर कभी ऐसी समस्याएं हो जाएं तो भी बहुत जल्द ही खत्म हो जाती हैं. इससे पता चलता है कि प्यार करने और फिट रहने का सिर्फ भावनात्मक रिश्ता ही नहीं है, इसका शारीरिक रिश्ता भी है. जब आपको दिल से प्यार करने वाला पार्टनर अंतरंगता के क्षणों में आपके कपड़े उतारता है, तो 80 कैलोरी तक बर्न होती हैं. यही फायदा मालिश से होता है और संभोग में 144 से 207 तक कैलोरी जलती है. जब आप अपने प्रेम करने वाले पार्टनर के साथ डांस करते हैं तो 200 कैलोरी जलती है. इस तरह हम प्यार में सिर्फ खुश नहीं रहते, फिट भी रहते हैं.

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