देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने जमकर कहर बरपाया. ना जा कितने ही लोग मृत्यु को प्राप्त हो गए. अब जबकि दूसरी लहर के केस कम होने लगे हैं लॉकडाउन भी खतम हो गया और सब कुछ अनलॉक होने लगा है तो तीसरी लहर की आशंका ने चिंताएं बढ़ा दी हैं. विशेषज्ञों के अनुसार जिस तरह से भारत में लॉकडाउन खुल रहा है और लोग फिर से लापरवाही बरत रहे हैं, तो उनका मानना है कि तीसरी लहर जल्‍द ही दस्‍तक दे सकती है या यूं कहें कि बस कुछ ही हफ्तों में तीसरी लहर के आने की आशंका है.  कुछ विशेषज्ञ मान रहे हैं कि तीसरी लहर को टाला नहीं जा सकता है इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि इस बार खतरा बड़ा होगा. विशेषज्ञों के मुताबिक अक्‍टूबर तक दस्‍तक देगी तीसरी लहर!

खबरो के मुताबिक गंगाराम अस्‍पताल के डॉक्‍टर, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल वेद चतुर्वेदी ने बताया कि वायरस म्‍यूटेट हो रहा है और ऐसे में यही माना जा रहा है कि थर्ड वेव आ सकती है इतना ही नहीं उन्होंने इंग्‍लैंड का उदाहरण दिया क्योंकि वहां पर अचानक फिर से केसेज बढ़ने लगे हैं. भारत में 21 जून से लॉकडाउन हटना था लेकिन स्थिति को देखते हुए फिर से कुछ जगहों पर लॉकडाउन लगने लगा है. क्योंकि अनलॉक होने पर लोग फिर से लापरवाही करते नजर आ रहे हैं. मार्केट में भीड़ देखने को आए दिन मिल रहे हैं.

ये भी पढ़ें- पुरुषों को शुक्र मनाना चाहिए कि महिलाएं उन्हें धक्का देकर दूर रहने को नहीं कहतीं !

सबसे ज्यादा समस्या तो उनके साथ आ रही है जो लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं. हालांगि सरकारें भी काफी तैयारी कर रही हैं थर्ड वेव से बचने के लिए ताकि अगर थर्ड वेव आ भी जाए तो उससे ज्‍यादा असर न पड़े. उन्‍होंने लोगों से अपील भी की है कि वो सरकार का साथ दें और तीसरी लहर को हराएं.

खबरों के मुताबिक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि तीसरी लहर को अधिक नियंत्रित किया जाएगा, क्योंकि मामले बहुत कम होंगे, क्योंकि तेजी से टीकाकरण शुरू हो रहा है और दूसरी लहर से कुछ हद तक मिली नैचुरल इम्युनिटी भी होगी.’लॉकडाउन का भी फायदा होगा.अभी तक देश में 26 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं. ज्यादातर हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बताया था  कि इस साल टीकाकरण अभियान में काफी तेजी आएगी और ऐसा हो भी रहा है.

मानसून का भी पड़ सकता है असर

कुछ डॉक्‍टरों और खबरों के अनुसार तो कोरोना वायरस पर  बारिश का भी असर पड़ता है. विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में नमी कोरोना और बाकी वायरल बीमारियों को फायदा होता है. जैसे-जैसे नमी कम होती है, वैसे-वैसे वायरस को पनपने में मदद मिलती है. ऐसे में निश्चित तौर पर मॉनसून का कोरोना पर असर पड़ता है और वायरस धीरे- धीरे फैलने लगता है और चूकिं बारिश का मौसम चल रहा है ऐसे में खतरा ज्यादा होने की संभावना है.पूरे देश में मॉनसून पहुंच चुका है और देश के कई हिस्‍सों में जोरदार बारिश जारी है. इस बार कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच ही मॉनसून ने दस्‍तक दी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल यूनिवर्सिटी ऑफ डेलावेयर की संक्रामक रोग विभाग की वैज्ञानिक जेनिफर होर्ने ने कहा था कि बारिश का पानी वायरस की सफाई नहीं कर सकता है. इससे वायरस फैलने और पनपने की रफ्तार भी धीमी नहीं होगी.

ये भी पढ़ें- भूल जाएं कि सरकार आंसू पोंछेगी

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...