40 साल के हंसमुख और विनम्र अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला की अचानक सिवियर हार्ट अटैक से मौत पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए एक सदमा है और हो भी न क्यों? फिटनेस फ्रीक सिद्धार्थ ने कभी वर्कआउट को मिस नहीं किया, एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अगर बॉडी फिट है तो माइंड भी फिट है.ये बात सही है, लेकिन कई बार अधिक वर्कआउट भी शरीर के लिए घातक होता है, क्योंकि सिद्धार्थ स्ट्रेस में कभी नहीं दिखे, उनका काम इंडस्ट्री में कुछ न कुछ नियमित चलता था. फिर चाहे वह टीवी शो, फिल्म,रियलिटी शो या ओटीटी हर जगह वे अच्छे काम और हंसमुख स्वभाव के लिए जाने जाते थे और सबसे अच्छी बात वे अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते थे और माँ के बहुत करीब थे. खाली समय में वे अपने परिवार के साथ रहना अधिक पसंद करते थे, ऐसे होनहार, स्पोर्ट्स पर्सन, जिन्दादिली इंसान का अचानक गुजर जाना सबके लिए एक हादसे के सिवा कुछ नहीं कहा जा सकता.

ऐसे जिंदादिल 40 वर्षीय बिग बॉस 13 विनर अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला की अचानक हार्ट एटैक से गुजर जाने की वजह पूछे जाने पर मुंबई के चेंबूर की जेन मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के कार्डियोलोजिस्ट डॉ. नारायण गडकर कहते है कि आज के यूथ 20, 30 और 40 की उम्र में हार्ट प्रॉब्लम के शिकार हो जाते है और इसकी वजह उनका स्ट्रेसफुल लाइफ का होना है, जिसमें कम वेतन, नौकरी न रहना, वित्तीय कमी का होना, पर्सनल प्रॉब्लम आदि कई है, लेकिन अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला का सीवियर हार्ट एटैक की वजह पता नहीं है, लेकिन कुछ वजह निम्न हो सकते है,

• अचानक हार्ट एटैक की वजह स्ट्रेस, कोमॉर्बिडीटीस जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन, आर्टरीज का हेल्दी न होना, जिसमें अनजाने में आर्टरीज में प्लाक का जमा हो जाना, धूम्रपान की वजह से खून की धमनियों का पतला हो जाना आदि कई है. हाई कोलेस्ट्रोल के होने पर भी हार्ट की समस्या हो जाती है. खासकर फिट युवा पीढ़ी कुछ लक्षण होने पर भी उसे इग्नोर करती है और समय पर उसका इलाज नहीं करवाती.

• कई बार यूथ व्यायाम भी अपनी शरीर की अवस्था को न समझते हुए करते है, जिसका प्रभाव शरीर पर अधिक पड़ जाता है. किसी भी फिटनेस रूटीन को अपनाने से पहले सम्बंधित डॉक्टर की सलाह लेना जरुरी है. उस एक्सरसाइज को अवॉयड करें, जिससे हार्ट पर अधिक दबाव महसूस होता हो.

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• 6 पैक और टोंड बॉडी के लिए यूथ सप्लीमेंट का सहारा भी लेते है, जो कई बार उनके लिए समस्या बन जाती है. डॉक्टर नारायण आगे कहते है कि कुछ सप्लीमेंट्स हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ाने के अलावा कुछ हार्ट रिलेटेड लक्षण मसलन अचानक घबराहट का होना और लीवर की समस्या होना आदि है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना किसी प्रकार की सप्लीमेंट्स न लें.

• हार्ट एटैक की समस्या को पता लगाना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि फिट इंसान डॉक्टर के चक्कर लगाना नहीं चाहते और सीने की दर्द को एसिडिटी समझ कर उसकी दवाई लेते है, जिससे उन्हें बचाना मुश्किल होता है. इस बारें में डॉ. नारायण का कहना है कि चेस्ट में हेवीनेस का होना,चेस्ट पेन, सांस लेने में तकलीफ, अचानक बहुत अधिक पसीना आना,हल्का सिरदर्द, चक्कर आना आदि है, ऐसा महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ, ताकि इलाज में देर न हो.

ये सही है कि हार्ट एटैक की समस्या यूथ में आजकल अधिक है, डॉक्टर्स मानते है कि अधिकतर पेशेंट तब उनके पास आते है, जब बहुत देर हो जाती है और वे उन्हें बचाने के लिए कुछ कर नहीं पाते. डॉ. गडकर कहते है कि आज के हालात को देखते हुए धूम्रपान और शराब सबसे पहले छोड़ने की जरुरत है.अगर आपको इन सब चीजों की लत है तो उसे छुड़ाने वाली संस्थाओं से संपर्क करें और उनकी सेशन को ज्वाइन करें. संतुलित भोजन जिसमें कई प्रकार के नट्स, बैरिज, सीड्स, फ्रेश फ्रूट्स, सब्जियां, दालें आदि होना आवश्यक है. कम तेल, नमक और शुगर का प्रयोग अपने भोजन में करें. जंक, ऑयली, स्पाइसी और डिब्बे बंद फ़ूड को हमेशा अवॉयड करें. अधिक मात्र में पानी पियें, कार्बोनेटेड ड्रिंक को एक बड़ा NO कहना सीखें,व्यायाम नियमित करें, पर सघन एक्सरसाइज करने से बचें. अपना वजन उम्र और सेहत के हिसाब से संतुलित रखे. समय-समय पर कोलेस्ट्रोल और ब्लड शुगर को चेक करवाएं, तनाव से बचने की कोशिश करें, क्योंकि इससे भी हार्ट एटैक की संभावना बढती है. खुद को हमेशा शांत रखें या मैडिटेशन करें.

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