अक्टूबर माह के आते ही फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो जाती है और हम अपने घरों  बदलाव लाने का मन बनाने लगते हैं इस बदलाव में शामिल होते हैं घर के पर्दे, फर्नीचर और किचिन एसेसरीज. तो फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो चुकी है और यदि आप अपने घर के पर्दे बदलने का प्लान कर रहे हैं तो हम आपको पर्दों से सम्बंधित विस्तृत जानकारी दे रहे हैं जो आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है.

कैसा फैब्रिक चुनें

-यदि आप पार्टी, फंक्शन या फॉर्मल स्पेस आदि के लिए विशेष रूप से पर्दे बदलना या खरीदना चाह रहीं हैं तो हैवी सिल्क या साटन के पर्दों का चुनाव कर सकतीं है परन्तु इन्हें घर पर धोने की अपेक्षा ड्राइक्लीन करवाना पड़ता है यह बात ध्यान में रखनी होगी.

-आजकल ब्लाइंड्स और कॉटन साटन भी चलन में है इन्हें आराम से घर पर ही धोकर प्रेस कराकर नया सा लुक प्राप्त किया जा सकता है.

-हॉल जैसे कैजुअल स्पेस के लिए लिनन और किंकली क्रश्ड पर्दे लिए जा सकते हैं. यहां के लिए ऐसे पर्दे लें जिन्हें आसानी से धोया जा सके क्योंकि यहां के पर्दे बहुत जल्दी गंदे होते हैं.

-गर्मियों में हल्के तो सर्दियों में भारी और मोटे फेब्रिक के पर्दे अच्छे रहते हैं पर्दे खरीदते समय इस बात का ध्यान अवश्य रखें.

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रंग है अहम

-पर्दों के रंग का चयन पूरी तरह आपकी पसन्द पर निर्भर करता है क्योंकि कुछ लोंगों को पूरे कमरे का एक जैसा लुक पसन्द होता है तो किसी को फर्नीचर के कन्ट्रास कलर तो किसी को पर्दों में हल्का सा बदलाव पसन्द होता है.

-यदि आपके घर मे छोटे बच्चे हैं तो ड्राइंग रूम जैसे कैज्युल स्पेस को छोड़कर बाकी जगहों के गहरे रंग के पर्दे ही लें क्योंकि बच्चे हाथ मुंह आदि पोंछकर बहुत जल्दी इन्हें गन्दा कर देते हैं.

-यदि आप छोटे कमरे को बड़ा सा लुक देना चाहतीं हैं तो हल्के रंग के पर्दे लगाएं .

-बेडरूम में गहरे रंग के पर्दे लगाना ही उचित रहता है ताकि आपको सोने में रोशनी से कोई परेशानी न हो.

-बच्चों के कमरे में नर्सरी प्रिंट के और चटकीले रंगों का प्रयोग करना ठीक रहता है.

कैसा रखें नाप

खिड़की के पर्दे जहां खिड़की की नाप से थोड़े लंबे तो दरवाजों के पर्दे एकदम नाप के

अच्छे लगते हैं. आजकल यूं भी बड़ी और चौड़ी खिड़कियों का चलन है जहां पर फ्लोर लेंथ पर्दे ही अच्छे लगते हैं ये कमरे को एकदम भव्य लुक प्रदान करते हैं. आजकल बाजार में रेडीमेड पैनल्स मिलते हैं जिन्हें लाकर आसानी से फिट किया जा सकता है. किचिन और बाथरूम को छोड़कर प्रत्येक कमरे में फ्लोर लेंथ पर्दे लगाए जा सकते हैं.

यदि आप अपने कमरे या खिड़की को स्टाइलिश या ट्रेंडी लुक देना चाहते हैं तो खिड़की से पर्दों की लंबाई और चौड़ाई कम से कम 3 इंच अधिक रखें इससे पर्दे में प्लीट्स ज्यादा आएंगी जो कमरे कोस्टायलिश बनाएंगी.

रॉड का चयन कैसे करें

आजकल बाजार में निम्न रॉड्स मौजूद हैं आप अपनी पसन्द और आवश्यकतानुसार इनमें से चयन कर सकते हैं-

-क्लासिक रॉड

ये रॉड एडजस्टेबल होते हैं और इन्हें किसी भी जगह पर इनमें लगी केप के साथ आसानी से ब्रेकेट पर एडजस्ट किया जा सकता है. यदि आप टिश्यू या शिमर के पर्दे ले रहे हैं तो आप डबल रॉड का प्रयोग भी कर सकते हैं.

-रिटर्न रॉड

यू शेप वाले ये रॉड भी एडजस्टेबल होते हैं इन्हें दीवार पर सीधा ही लगाया जा सकता है यू शेप में होने के कारण ये धूप की रोशनी को ब्लॉक करने में काफी मददगार होते हैं.

-ट्रेक रॉड

इसे दीवार या सीलिंग पर आसानी से फिट किया जा सकता है. पर्दे इस पर आसानी से मूव कर सकते हैं

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-टेंशन रॉड

ये सबसे सस्ता और आसान विकल्प है, रेंटल घरों में इनका प्रयोग ही उचित रहता है ताकि ट्रान्सफर होने या घर बदलने पर इन्हें रिमूव किया जा सके. इन्हें बिना किसी हार्डवेयर के आसानी से लगाया जा सकता है परन्तु इन पर बहुत भारी पर्दे लगाना सही नहीं रहता.

इसके अतिरिक्त यदि आप सिल्क, लिनन जैसे भारी फेब्रिक के पर्दे ले रहे हैं तो भारी और मजबूत रॉड का चयन करें.

ऐसे दें पुराने पर्दों को नया लुक

यदि आपका बजट नए पर्दे खरीदने का नहीं है तो भी आप निम्न टिप्स से अपने घर को एकदम नया सा लुक दे सकतीं हैं-

-मिक्स एंड मैच

आपके घर में जो भी पर्दे हैं उन्हें आप मिक्स करके लगाएं मसलन चैक और लाईनिंग को प्लेन के साथ या फ़िर कन्ट्रास कलर से मैच करके लगाएं.

-पुरानी साड़ी और चुन्नियां

यदि आपकी कुछ साड़ियां और चुन्नियां ऐसी हैं जिन्हें आप पहनती नहीं हैं तो उनका प्रयोग करके अपने घर के लुक को बदल डालें. साड़ियों का प्रयोग करते समय उनका पल्लू निकाल कर लम्बाई में पर्दे बनाएं इससे बॉर्डर साइड में आ जायेगा जो दिखने में बहुत सुंदर लगेगा.

-रिप्लेस करें

कई बार हमारा पर्दों का बजट बहुत अधिक नहीं होता ऐसे में आप केवल ड्रॉइंग रूम के नए पर्दे लेकर शेष को रिप्लेस कर दें मसलन ड्रॉइंग रूम के बैडरूम में और बैडरूम के हॉल में इससे कम बजट में ही आप नया लुक प्राप्त कर लेंगीं.

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