आप अपनी उम्र को बढ़ने से तो नहीं रोक सकते मगर बढ़ती उम्र के प्रभावों को कम जरूर कर सकते हैं. अगर आप युवा और सक्रिय बने रहना चाहते हैं तो इन बातों का खयाल रखें:

खानपान

हम क्या खाते हैं और कैसे खाते हैं इस का हमारे स्वास्थ्य, व्यक्तित्व और सक्रियता से सीधा संबंध है. ऐसे में हमें अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

क्या खाएं

द्य ऐंटीऔक्सीडैंट्स से भरपूर खाद्यपदार्थ जैसे सूखे मेवे, साबूत अनाज, चिकन, अंडे, सब्जियां और फल खाएं. ऐंटीऔक्सीडैंट्स फ्री रैडिकल्स से लड़ते हैं और बुढ़ापे के लक्षणों को धीमा करते हैं. ये इम्यून सिस्टम यानी रोग से लड़ने की क्षमता को मजबूत बना कर संक्रमण से बचाते हैं.

उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त कम होने लगती है. इस के लिए दिन में कम से कम एक कप ग्रीन टी पीएं तो याददाश्त कम नहीं होगी.

ओमेगा-3 फैटी ऐसिड्स और मोनो सैचुरेटेड फैट से भरपूर खाद्यपदार्थों जैसे मछली, सूखे मेवे, जैतून का तेल आदि का सेवन करें. ओमेगा-3 आप को जवां और खूबसूरत बनाता व रखता है.

द्य विटामिन सी शरीर के लिए प्राकृतिक बोटोक्स के समान कार्य करता है. इस से त्वचा की कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं और उस पर ?ार्रियां नहीं पड़तीं. इस के लिए संतरा, मौसमी व पत्तागोभी आदि का सेवन करें.

कुछ मीठा खाने का मन करे तो गहरे रंग की चौकलेट खाएं यह फ्लैवेनौल से भरपूर होती है जो रक्त नलिकाओं की कार्यप्रणाली को स्वस्थ रखने में सहायता करती है.

दोपहर के खाने के साथ एक कटोरी दही जरूर खाएं. यह कैल्सियम का अच्छा स्रोत है जो औस्टियोपोरोसिस से बचाता है.

युवा व सक्रिय रहना चाहती हैं तो ओवरईटिंग से बचें. जितनी भूख है उस का 80% ही खाएं.

क्या न खाएं

ऐसे खाद्यपदार्थ जिन में रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है, न खाएं. इन से कमरका घेरा बढ़ता है. अत्यधिक मीठे फल, जूस, चीनी, गेहूं आदि का सेवन कम करें.

सोयाबीन, कौर्न, कनोला औयल के सेवन से बचें क्योंकि इन में पौली सैचुरेटेड वसा अधिक मात्रा में होती है. इन के स्थान पर ब्राउन राइस और जैतून के तेल का सेवन करें.

लाल मांस, पनीर, वसायुक्त दूध और क्रीम में अत्यधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट होता है. इन से धमनियां ब्लौक हो सकती हैं और हृदयरोग हो सकता है.

मैदे से बनी सफेद ब्रैड, पास्ता, पिज्जा आदि का कम सेवन करें.

कैलोरी इनटेक पर रखें नजर मोटापे और केलौरी इनटेक में सीधा संबंध है. मोटापा बढ़ने से न केवल स्वास्थ्य प्रभावित होगा वरन शारीरिक सक्रियता भी घटेगी और उम्र भी अधिक दिखने लगेगी.

जीवनशैली में बदलाव अपनी रोजमर्रा की आदतों में छोटेछोटे बदलाव ला कर हम लंबे समय तक युवा और सक्रिय रह सकते हैं:

अपने दिमाग को हमेशा व्यस्त रखें. कुछ नया

सीखती रहें ताकि दिमाग सक्रिय रहे और आप मानसिकरूप से युवा बनी रहें.

कुछ हारमोन उम्र बढ़ाने और स्वस्थ बनाए रखने में योगदान देते हैं. ग्रोथ हारमोन, टेस्टोस्टेरौन, ऐस्ट्रोजेन, थायराइड, कार्टिसोल और डीएचई ऐजिंग की प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. अपने हारमोन स्तर पर नियंत्रण रखें ताकि आप ऐजिंग से जुड़े लक्षणों से दूर रह सकें.

कम से कम 6-7 घंटे की नींद लें. जब आप नींद ले रहे होती हैं तो त्वचा की कोशिकाएं अपनी मरम्मत करती हैं जिस से त्वचा की ?ार्रियां और फाइनलाइंस दूर हो जाती हैं.

आप चीजों को किस नजरिए से देखती हैं, यह एक महत्त्वपूर्ण कारक है जो आप को जवां व खूबसूरत बनाए रखने में मदद करता है. हर चीज के सकारात्मक पहलू को देखें. अपनेआप को खुश और मोटिवेटेड रखें.

त्वचा को जवां और सुरक्षित रखें धूप में बाहर जाने से त्वचा का रंग काला पड़ जाता है. इन काले हिस्सों पर ?ार्रियां भी जल्दी पड़ जाती हैं. इसलिए बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें.

त्वचा को स्वस्थ व हाइड्रैटेड बनाए रखने के लिए त्वचा के अनुरूप नौनटौक्सिक मौइस्चराइजर्स चुनें. सोने से पहले इसे खासतौर पर जरूर लगाएं.

फेशियल ऐक्सरसाइज चेहरे की पेशियों का व्यायाम चेहरे को ?ार्रियों से बचाता है. माथे को ?ार्रियों से बचाने के लिए अपने दोनों हाथों को माथे पर रखें और उंगलियों को हेयरलाइन व भौंहों के बीच फैला लें. धीरेधीरे उंगलियों को हलके दबाव के साथ बाहर की ओर खिसकाएं.

कुछ अच्छी फेशियल ऐक्सरसाइज हैं

चीक लिफ्ट: अपने होंठों को हलके से बंद करें और गालों को आंखों की ओर खींचने की कोशिश करें. चौड़ी मुसकान के साथ अपने होंठों के बाहरी कोनों को उठाएं. 10 सैकंड के लिए इसी मुद्रा में रहें. हंसना गालों के लिए अच्छी ऐक्सरसाइज है.

फिश फेस: यह गालों और जबड़ों के लिए अच्छी ऐक्सरसाइज है. इस से आप के होंठ सही शेप में आ जाते हैं. हलके से होंठ बंद करें. गालों को जहां तक हो सके भीतर की ओर खींचें. इसी मुद्रा में मुसकराने की कोशिश करें और 15 सैकंड तक इसी मुद्रा में रहें. इसे 5 बार दोहराएं.

पपेट फेस: यह ऐक्सरसाइज पूरे चेहरे पर काम करती है. यह गालों की पेशियों को मजबूत बनाती है. वे ढीली नहीं पड़तीं. अपनी उंगलियों के पोरों को गालों पर रखें और मुसकराएं. गालों को ऊपर की ओर खींचें और मुसकान की मुद्रा में 30 सैकंड तक रहें.

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