‘जस्सी जैसी कोई नहीं’ फेम मोना सिंह ने फास्टिंग का वह तरीका अपनाया, जिसने उनके वजन को 15 किलो कम कर दिया लेकिन ऐसी फास्टिंग आपको एक परमानेंट डिजीज तो नहीं दे रही है.


बीमारी को न्यौता तो नहीं दे रहीं 
कुछ स्टडीज ये बताते हैं कि इंटरमीटेंट फास्टिंग महिलाओं के लिए फायदेमंद नहीं है लेकिन इसकी पौपुलरिटी इतनी बढ़ गई है कि महिलाएं स्लिम दिखने के लिए होने के उपायों की परवाह नहीं करती है. ऐसा पाया गया है कि तीन सप्ताह तक लगातार इंटरमीटेंट फास्टिंग करनेवाली महिलाओं में ब्ल्ड शूगर इरेगुलर हो जाता है जबकि पुरुषों में ऐसा नहीं है, यह भी पाया गया कि जिन महिलाओं ने फास्टिंग की उसके मेन्सट्रूएशन सायकल में बदलाव आया. दरअसल कैलोरी में होने वाले बदलाव को लेकर फीमेल बौडी बहुत ही सेंसेटिव होता है.

किसकिस ने फौलो किया यह डाइट रूटीन मोना सिंह से पहले भी कई फेमस पर्सनालिटीज ने इंटरमीटेंट फास्टिंग करके अपना वजन कम किया है. इसमें कपिल शर्मा से फेमस हुई भारती सिंह भी शामिल है. कौमेडी क्वीन भारती सिंह ने इंटरमीटेंट फास्टिंग बीमारियों से लड़ने के लिए किया, वे बौर्डर लाइन डायबिटीक थीं, उन्हें वजन कम करने को कहा गया था. भारती के अलावा सारा अली खान और आलिया भट्ट ने भी इसी तरीके को अपना कर अपना वेट लॉस किया. 

कैसे करते हैं और कितने तरह का होता है इंटरमीटेंट फास्टिंग में 16 घंटे के करीब भूखे रहना होता है जैसे आप शाम को 7 बजे खाना खा लें और दूसरे दिन 11 बजे तक कुछ नहीं खाएं. इसे करने का एक तरीका और भी फेमस है जिसे 5 : 2 डाइट के नाम से जाना जाता है, इसमें सप्ताह के 5 दिन तो नौमर्ल दिनों की तरह खाना खाते हैं और बाकी 2 दिन की डाइट में केवल 500 से 600 कैलोरी लेते हैं. इस फास्टिंग का एक तरीका और भी बताया गया है जिसे आल्टररनेट डाइटिंग कहते हैं, इसमें एक दिन छोड़कर एक दिन खाने के पैटर्न को फौलो करना होता है.

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