मोदीजी का नारा है ‘बेटी पढ़ाओं बेटी बचाओं’, जो घरघर ये मैसेज देता है कि अपनी बेटियों पढ़ाओ, तभी देश आगे बढेगा और शायद ये स्लोगन आज सबको समझ आ भी गया है, लोग लड़कियों को शिक्षा देने में अब घबराते नहीं है, कई लड़कियां घर नहीं अपने ससुराल जाकर पढ़ाई करती है उनके पति उनका पूरा स्पोर्ट करते है और भारत में ऐसे किस्से सामने आएं भी है.
View this post on Instagram
लेकिन क्या करें जब लड़की ही पति से बेवफाई कर बैठती है तो, क्योंकि कई ऐसे गरीब परिवार के लड़के है जिन्होंने अपने पत्नियों को कमाने के काबिल बनाया, लेकिन वे उन्हें धोखा दे बैठी और छोड़ कर चली गई. यूपी के हाल का ऐसा ही मामला सामने आया है जहां यूपी के झांसी की लड़की सरकारी नौकरी मिल गई, वह लेखपाल बन गई और जिसके बाद उस महिला ने अपने पति को ही छोड़ दिया.
पत्नी बनीं लेखपाल, पति करता था मजदूरी
यूपी के झांसी में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां महिला ने सरकारी नौकरी मिलने के बाद पति को ही छोड़ दिया. दरअसल, पति ने मेहनत मजदूरी कर अपनी पत्नी को पढ़ाया और लेखपाल बनने का मौका दिया.
पत्नी का सैलेक्शन लेखपाल के लिए हो भी गया, लेकिन अब पत्नी अपने पति को छोड़ना चाहती है. हैरान कर देने वाली बात तो ये भी है कि दोनों ने लव मैरिज की थी. बता दें, लड़के नाम नीरज विश्वकर्मा है और लड़की का नाम रिचा है, अब नीरज इस मामले को सुलझाने के पुलिस विभाग का चक्कर लगा रहा है.
पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या ने पति के साथ की बेवफाई
लड़के का नाम अलोक मौर्या. जिनका सपना था कि उनकी वाइफ एक अधिकारी बन जाएं और वो पूरा भी हुआ. उन्होंने मेहनत कर अपनी पत्नी को पढ़ाया. जिसके बाद ज्योति मौर्या PCS का एग्जाम पास कर अफसर बन गई. पत्नी पद मिलते ही बदल गई. ज्योति ने अपने पति को छोड़ने का फैसला किया. जिसके बाद दोनों ने अलग होने का फैसला लिया. इसके अलावा पति ने अपनी पत्नी पर होमगार्ड के साथ अवैध संबंध होने का आरोप भी लगाया. ये मामला काफी दिनों तक सुर्खियों में रहा.
ज्योति जैसी लव और अंगीरा की कहानी
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में भी ठीक ज्योति मौर्य और आलोक मौर्य जैसा मामला सामने आया था. यहां पति ने अपनी पत्नी को कामयाब बनाकर अपनी ही कंपनी में नौकरी दिलाई, लेकिन जब पत्नी के पद ऊंचे होने लगे तो उसने अपने पति को छोड़ दिया. दरअसल, पत्नी को दुबई जाने का औफर मिला तो पति ने उसे जाने से रोका नहीं, लेकिन जब पत्नी दुबई से लौटी तो उसने पति को गले न लगाने के बजाएं उसके हाथों में तलाक का नोटिस पकड़ा दिया. इतना ही नहीं. इस बेवफा महिला के तीन साल का बच्चा भी था. लड़के का नाम लव था और पत्नी अंगीरा नाम की महिला थी.
वेटर पति ने पत्नी को बनाया नर्स, अब रहूंगी डौक्टर के साथ
ये मामला भी यूपी के आगरा का है, जिसमें पत्नी अपने पति के साथ रहना नहीं चाहती है, जबकि पति ने ही पत्नी के सारे सपने पूरे किए थे. पति ने शादी के बाद पढ़ाई कराई. अपनी मेहनत की कमाई से नर्सिंग का कोर्स कराया और जब पत्नी नर्स बन गई तो गरीब पति के साथ नहीं रहना चाहती है. पत्नी का कहना था कि वे अब किसी डौक्टर के साथ रहेगी.
ये मामला प्रदीप और उनकी पत्नी अर्चना यादव का था. लिव इन रिलेशन में रहने के बाद की थी शादी. पेशे से प्रदीप विदेश में वेटर था, लेकिन पत्नी को बीएससी कराई.
ज्यादातर मामले उत्तर प्रदेश के सामने आए है. जहां महिलाओं को अपने पति के साथ बेवफाई करने का आरोप अपने पति के लिए गद्दार निकलीं, अपनी नौकरी, करियर के चलते अपने पतियों को छोड़ डीवोर्स ले लिया. लेकिन, ऐसा करने के पीछे का कारण उनका हाइअर एजुकेशन और पोस्ट है. इस वजह से दोनों में बड़ा अंतर साफ नजर आ रहा है. महिलाएं पढ़े और आगे बढ़े लेकिन पति के सच्चे प्यार के साथ बेवफाई न करें. वरना यह दूसरी महिलाओं के लिए बाधा बन सकता है