रिश्ते न एक दिन में बनते हैं और न ही टूटते. यह एक लंबी प्रक्रिया है. यदि आप दोनों के बीच प्यार और बेहतर तालमेल है तो रिश्तों में आई मुश्किलें दूर की जा सकती हैं. यदि कोई शिकायत है भी तो एकदूसरे के साथ बात करने और सुनने से दूर की जा सकती है.
मन ही मन घुटते रहना, बातबात पर बहस और लड़ाई होना किसी भी रिश्ते खासकर शादीशुदा रिश्ते के लिए घातक हो सकता है. अकसर ऐसा होता है कि जब रिश्ते में बेरुखी आ जाती है तब वे जिस तरह से हंसते हैं या कोई चुटकुला सुनाते हैं या आप पर कोई कमैंट करते हैं वह आप को पूरी तरह परेशान कर सकता है. इसलिए रिश्ते में थोड़ी सी नोकझोंक भी जरूरी है लेकिन यह नोकझोंक अंतहीन झगड़े में न बदले, इस का ध्यान रखना भी आप का ही काम है.
राहुल और सुनीता ने 2 साल पहले ही लव मैरिज की थी, लेकिन अब दोनों को एकदूसरे के साथ रहना मुश्किल हो रहा है क्योंकि राहुल को शादी के पहले सुनीता की जो बातें या आदतें अच्छी लगती थीं वही अब बुरी लग रही हैं.
ठीक ऐसा ही कुछ सुनीता राहुल के साथ महसूस कर रही है जिस के कारण छोटीछोटी बातों को ले कर बहस और लड़ाई?ागड़ा हो रहा है. इस की वजह से अब उन्हें एकदूसरे के साथ रहना थोड़ा मुश्किल हो रहा है और रिश्ते में अचानक बेरुखी आ रही है. वे इस बात पर विचार कर रहे हैं कि रिश्ते को आगे बढ़ाया जाए या ब्रेक कर दिया जाए.
आजकल के भागदौड़ वाले लाइफस्टाइल और समय के अभाव के चलते बहुत सारे कपल्स के साथ भी ठीक ऐसा ही हो रहा है. रिश्ते में एक समय के बाद बेरुखी आ रही है जिस के कारण तनाव हो रहा है और वे ब्रेकअप की ओर बढ़ रहे हैं. इसे आजकल इक मोमैंट कहा जा रहा है.
क्या है इक मोमैंट
इक मोमैंट रिश्ते टूटने से पहले का अलार्म है जिसे यदि समय रहते सुना नहीं गया तो यह आप के रिश्ते पर असर डाल सकता है. तब रिश्ते को बचाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है.
शादी अपनी पसंद की की जाए यानी लव मैरिज हो या अरेंज्ड मैरिज दोनों ही परिस्थितियों में एक कपल को एकदूसरे के साथ तालमेल बैठाने में थोड़ा वक्त तो लगता ही है क्योंकि शादी के पहले और शादी के शुरुआत के कुछ वर्ष या दिन हम एकदूसरे के साथ जो भी समय बिताते हैं वह अच्छा समय ही होता है. तब हम रिश्ते को गुलाबी चश्मे से देखते हैं और साथ ही हम ‘हू आर यु’ पर फोकस करते हैं यानी यह जानने में लगे रहते हैं कि आप कौन हैं? लेकिन जैसेजैसे समय बीतता जाता है हम एकदूसरे की आदतों और व्यवहार से परिचित होते जाते हैं.
तब कुछ चीजें बरदाश्त से बाहर हो जाती हैं. तब हम ‘व्हाट आर यु’ पर फोकस करने लगते हैं यानी यह जान लेते हैं कि आप क्या हैं? तब हमें साथी या पार्टनर की कुछ बातें, आदतें और व्यवहार अच्छा नहीं लगता और फिर हमें उस के साथ तालमेल बैठाने में परेशानी होने लगती है और फिर धीरेधीरे रिश्ते में बेरुखी आने लगती है.
तब कपल को ऐसा लगने लगता है कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो लंबे समय तक रिश्ता निभाना काफी मुश्किल हो सकता है क्योंकि रोज की चिकचिक, बहस और लड़ाई से हम परेशान होने लगते हैं और इस से बचना चाहते हैं क्योंकि यह कहीं न कहीं रिश्ते में तनाव देने लगता है जिस से कई बार ब्रेकअप की नौबत भी आ जाती है.
यदि इस समय आप अपने रिश्ते को ब्रेकअप से बचाना चाहते हैं तो इन बातों को अपना सकते हैं:
फोकस करें अच्छाइयों पर
जब आप किसी के भी साथ लंबे समय तक रहते हैं तो ऐसी परिस्थितियां आएंगी ही जब आप को एकदूसरे की कोई बात, आदत या व्यवहार अच्छा न लगे. उस समय बेहतर है कि उस की अच्छाइयों पर फोकस किया जाए और बुराइयों को नजरअंदाज किया जाए. तभी आप किसी भी रिश्ते को बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ा सकते हैं.
आपस में करें बातचीत
अपनी व्यस्त लाइफ में से थोड़ा सा समय निकालें और आमनेसामने बैठ कर एकदूसरे की बात सुनें, कहां समस्या आ रही है उसे सुल?ाने की कोशिश करें और आपस में तालमेल बैठाएं ताकि बहस और लड़ाईझगड़े से दूर रह कर अपने रिश्ते को लंबे समय तक सहेज सकें.
सही निर्णय लें
कई बार रिश्ते में ऐसी नौबत आ जाती है कि हम चाह कर भी एकदूसरे के साथ तालमेल नहीं बैठा पाते तब समय के साथ तनाव और बढ़ता जाता है. उस समय सोचसम?ा कर सही निर्णय लेना ही बेहतर विकल्प है कि रिश्ते को सावधानीपूर्वक आगे बढ़ाना चाहते हैं या फिर पूरी तरह से पीछे हटना चाहते हैं.
अपनी गलती को स्वीकारें
किसी भी बहस से बचने और रिलेशन को हैल्दी रखने के लिए अपनी गलती को स्वीकार करना एक बेहतर विकल्प है. इस से रिलेशनशिप को रिपेयर करने में मदद मिलती है, साथ ही रिश्ते को लंबे समय तक हैल्दी बनाए रखने के लिए एकदूसरे की छोटीछोटी बातों पर रिएक्ट करने की जगह उन्हें नजरअंदाज करना बहुत जरूरी है. इस से एकदूसरे के लिए लगाव बढ़ने लगता है.
सीमाएं तय कर लें
शादीशुदा रिश्ते में एक समय के बाद बातबात में की जाने वाली दखलंदाजी कई बार घुटनभरा माहौल पैदा करने का काम करती है. इस से बचने और एक हैल्दी रिलेशनशिप मैंटेन रखने के लिए सीमाएं तय कर लेना जरूरी है. इस के लिए एकदूसरे को स्पेस देना और बातबात में दखलंदाजी से बचना जरूरी है. ऐसा करने से आपसी प्यार बना रहता है.
उचित सलाह लें
आप रिश्ते को बचाने के लिए काउंसलर या अपने नजदीकी दोस्तों अथवा परिवार के साथ मिलबैठ कर सलाह लें कि आखिर कैसे रिश्ते को बचाया जा सकता है. हो सकता है कुछ ऐसी बातों पर ये लोग आप का ध्यान फोकस करें जिन के बारे में आप सोच भी न पा रहे हों, इस के लिए हर संभव प्रयास करें.
जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें. इसबात पर विचार करें कि रिश्ते को सहेजने के क्या फायदे हैं और ब्रेकअप के क्या नुकसान हैं. अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लें.