‘बिग बौस ओटीटी 3’ में नजर आने वाली पौलोमी दास अपने बिंदास अंदाज के लिए एंटरटेनमैंट इंडस्ट्री में जानी जाती है. वहीं सोशल मीडिया की दुनिया की बात करें तो पौलोमी को इंस्टाग्राम पर 2 लाख 25 हजार लोग फौलो करते हैं. वह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बोल्ड और ग्लैमरस फोटोज पोस्ट करती रहती है. उस की इस बोल्डनैस को लोग खूब पसंद भी करते हैं.

लेकिन भारत जैसे देश में जहां गोरी चमड़ी को ही खूबसूरती समझा जाता है. वहां एक काली लड़की का इतने बड़े प्लेटफौर्म पर आना किसी प्रेरणा से कम नहीं है. जी हां, पौलोमी दास काली रंगत की बेहतरीन नैननक्श वाली ब्यूटीफुल लड़की है, जिस ने महज 28 साल में अपनी एक अलग पहचान बना ली है, वह भी बिना किसी गौडफादर के. लेकिन यह तो तय है कि एक काली लड़की का इस मुकाम तक पहुंचना आसान तो नहीं रहा होगा क्योंकि अगर एंटरटेनमैंट इंडस्ट्री की बात करें तो इसी इंडस्ट्री की कई एक्ट्रैसेस ने अपनी काली रंगत को छिपाने के लिए कई ब्यूटी ट्रीटमैंट्स का सहारा लिया है. इस का एक उदाहरण टीवी इंडस्ट्री की नागिन कही जाने वाली मौनी राय भी है.

पौलोमी ने 2014 में जब अपने कालेज की पढ़ाई पूरी की तो उस के बाद ही उस ने मौडलिंग शुरू कर दी. यही उस का एंटरटेनमैंट इंडस्ट्री में पहला कदम था. यहीं से उस ने कैरियर की शुरुआत की. इस के बाद साल 2016 में पौलोमी इंडियाज नैक्स्ट टौप मौडल के दूसरे सीजन में एक कंटेस्टैंट्स के रूप में दिखाई दी.

इस के बाद वह साल 2016 में ही टीवी सीरियल ‘सुहानी सी एक लड़की’ में ‘बेबी’ के रोल में दिखी. हालांकि उस का यह रोल नैगेटिव था लेकिन उस की एक्ंिटग को दर्शकों ने खूब सराहा. इस के बाद वह साल 2020 में ‘कार्तिक पूर्णिथमा’ शो में नजर आई. जहां उस ने कहानी के लीड रोल पूर्णिमा का करेक्टर निभाया. वह ‘पौरषपुर’ वैब सीरीज का भी हिस्सा रही. इस के बाद पौलोमी ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा.

वह ‘बेकाबू- 2’ में भी दिखाई दी. इस में वह एक स्ट्रौंग, इंडिपैंडैंट और मौडर्न वूमन के रोल में थी, जो अपने काम के लिए बहुत जुनूनी है. इस के साथसाथ वह मौडलिंग भी करती रही और सोशल मीडिया पर अपनी हौटनैस परोसती रही. यहां गौर करने वाली बात यह है कि जब वह ‘इंडियाज नैक्स्ट टौप मौडल’ में थी तभी मेकर्स की नजर उस पर पड़ चुकी थी. इसी का फायदा उसे अपने कैरियर में मिला.

सोशल मीडिया पर है एक्टिव

यह तो हुई उस के कैरियर की बात, अब हम उस के सोशल मीडिया अकांउट की बात करते हैं. पौलोमी अपने इंस्ट्राग्राम और फेसबुक पर काफी एक्टिव रहती है. वह अपने फैंस के बीच बोल्ड अवतार के लिए जानी जाती है. अपनी फोटोज में वह डीप नैक, सैक्सी ड्रैस, सैक्सी लहंगे, साड़ी में पोज देते हुए दिखती है. पौलोमी इन ड्रैसेज में काफी कौन्फिडैंट नजर आती है. उस का यह कौन्फिडैंस ज्वैलरी का काम करता है. वरना इंडियन सोसाइटी में एक काली लड़की को बौडी शेमिंग न  झेलनी पड़े, ऐसा हो नहीं सकता.

कौम्पलैक्स के साथ कौन्फिडैंट

पौलोमी ने कभी भी अपनी रंगत को अपने काम के बीच नहीं आने दिया. वह अपने कौंप्लैक्स के साथ बहुत ही कौन्फिडैंट नजर आती है. एक ओर जहां काले और सांवले लोगों को लिए कुछ रंग निर्धारित कर दिए जाते हैं कि ये ही इन पर सूट करेंगे, पौलोमी ने इस धारणा को बदल दिया है. उस की पोस्ट में यह साफ देखा जा सकता है कि वह किसी खास कलर को फौलो नहीं करती है और न ही दुनिया के दिए तानों के बाद उस ने खुद को बदला है. बल्कि उन की पोस्ट यह बताती है कि वह अपने कौंप्लैक्स को ले कर बेहद कौन्फिडैंट हैं. वह उन भेड़चालों में नहीं है जहां इंडस्ट्री में काम पाने के लिए कोस्मैटिक प्लास्टिक सर्जरी और व्हाटनिंग के ट्रीटमैंट्स कराए जाते हैं. उस ने अपनी रंगत को अपनाया है और इसी के साथ अपने कैरियर को बढ़ाने का फैसला किया है.

ट्रोलर्स को करती है इग्नोर

बिग बौस से निकलने के बाद पौलोमी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि उस के इंस्ट्राग्राम अकाउंट का कमैंट बौक्स अब नैगेटिव कमैंट से भर गया है. कोई उसे कालीकलूटी कह रहा है तो कोई चुड़ैल कह रहा है. वहीं कुछ यूजर्स तो उस को यह भी कह रहे हैं कि आप रात में दिखती भी हैं या नहीं. अपने कौंप्लैक्शन को ले कर इस तरह की बातें सुन कर पौलोमी ने कहा, ‘‘मैं इन बातों को सिर्फ इग्नोर करती हूं.’’

इस से पहले पौलोमी ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘‘भले ही मेरा रंग दुनिया की नजर में काला है फिर भी मु झे अपने पर नाज है. हमें कभी यह शिकायत नहीं करनी चाहिए कि हम ऐसे क्यों हैं. हमें हमेशा खुद से प्यार करना चाहिए, भले ही लोग हमें किसी भी तरह जज करें. ऐसे में लोगों को भी लड़कियों को उन के कलर, उन के शरीर की बनावट, उन का चलना, बैठना, उन का पहनावा हर किसी को जज करने का कोई हक नहीं है.’’

अपने रंग को अपनी ताकत बना कर नाम कमाने वाली

पौलोमी बेशक बोल्ड एंड सैक्सी है लेकिन यह भी सच है कि पौलोमी ने अपने 10 साल के कैरियर में अभी तक वह मुकाम नहीं पाया है जो वह पा सकती थी और बौडी शेमिंग का शिकार होने वाली लड़कियों के लिए एक मिसाल बन सकती थी. अगर पौलोमी बिग बौस में एंट्री न लेती तो अब भी वह कहीं न कहीं स्ट्रगल ही कर रही होती. हम तो पौलोमी को यही कहेंगे कि पौलोमी सफर अभी काफी लंबा है. आप इतनी सी कामयाबी से  झाड़ के पेड़ पर न चढ़ें.

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