टैटू का क्रेज युवाओं में बहुत तेजी से बढ़ रहा है और इस की वजह है फैशन स्टेटमैंट. यंगस्टर्स सोचते हैं कि अगर हम टैटू कराएंगे तो कूल नजर आएंगे. हालांकि टैटू एक प्राचीन कला है, जिस की जड़ें हजारों साल पुरानी हैं.
टैटू कराना कितना फायदेमंद है, यह तो हम नहीं कह सकते लेकिन यह आप के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है, यह जानना आप के बेहद जरूरी है :
त्वचा संक्रमण का खतरा
टैटू कराने के लिए आप ऐक्साइटेड तो बहुत हो जाते हैं लेकिन आप को यह भी पता होना चाहिए कि इस की सुइयां सीधी त्वचा के नीचे जा कर इंक को इंजैक्ट करती हैं, जिस से त्वचा में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
अगर टैटू बनाने के दौरान सफाई का ध्यान नहीं रखा गया या इंक और उपकरण अच्छी तरह से स्टरलाइज नहीं किए गए, तो बैक्टीरिया और अन्य संक्रमण फैल सकते हैं। यह स्थिति त्वचा पर लालिमा, सूजन, दर्द और फोड़े जैसी समस्याओं का कारण बन सकती हैं.
ऐलर्जी रिएक्शन
टैटू इंक में मौजूद रसायन और धातुएं कभीकभी त्वचा पर ऐलर्जी भी कर सकती हैं. लाल, नीले, पीले, और हरे रंग की स्याही में अकसर ऐलर्जिक तत्त्व होते हैं जो त्वचा में जलन, खुजली या लाल धब्बों का कारण बन सकते हैं. कभीकभी यह ऐलर्जी लंबे समय तक बनी रह सकती है और इस का इलाज मुश्किल हो सकता है.
हेपेटाइटिस और एचआईवी जैसी बीमारियों का खतरा
अगर टैटू बनाते समय इस्तेमाल की गई सुइयां साफ और स्टरलाइज नहीं हैं, तो इस से हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा होता है। असुरक्षित उपकरणों का उपयोग संक्रमण के प्रसार को बढ़ा सकता है, जिस से इन घातक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
खून बहने की समस्या
टैटू बनवाने के दौरान त्वचा पर सुइयों के बारबार चुभने से खून बह सकता है. यह सामान्य बात है, लेकिन अगर व्यक्ति को ब्लड क्लौटिंग या खून जमने से संबंधित कोई समस्या है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है. इस से त्वचा पर बड़े घाव या जख्म भी हो सकते हैं, जिन का ठीक होना मुश्किल हो सकता है.
किलोइड और स्कारिंग
कुछ लोगों की त्वचा पर टैटू बनवाने के बाद किलोइड (खास प्रकार का उभार) या स्थायी स्कार (निशान) बन सकते हैं. यह शरीर की स्वाभाविक प्रतिक्रिया हो सकती है, जब त्वचा को टैटू सुइयों से नुकसान पहुंचता है। इस से त्वचा पर स्थायी और भद्दे निशान बन सकते हैं, जो दिखने में खराब लग सकते हैं और इन्हें ठीक करना मुश्किल होता है.
एमआरआई के दौरान समस्याएं
टैटू में इस्तेमाल की गई इंक में कभीकभी धातु आधारित तत्त्व होते हैं, जो एमआरआई (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) टेस्ट के दौरान समस्याएं पैदा कर सकते हैं.
एमआरआई स्कैन के दौरान टैटू वाले स्थान पर जलन, खुजली या सूजन हो सकती है. हालांकि यह एक दुर्लभ समस्या है, लेकिन जिन लोगों को नियमित चिकित्सा परीक्षणों की आवश्यकता होती है, उन्हें इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
टैटू हटाने में कठिनाई
टैटू बनवाना जितना आसान और आकर्षक लगता है, उसे हटाना उतना ही मुश्किल और महंगा होता है. टैटू हटाने के लिए लेजर तकनीक का उपयोग किया जाता है, जो न केवल दर्दनाक होता है बल्कि इस में कई सत्रों की आवश्यकता भी होती है. इस के अलावा, टैटू हटाने के बाद भी त्वचा पर निशान और धब्बे बने रह सकते हैं.
प्रोफैशनल लाइफ पर पड़ता है असर
हालांकि अब टैटू कराना नौर्मल हो गया है लेकिन कुछ नौकरियो में इसे अभी भी सही नहीं माना जाता है खासकर कुछ कारपोरेट और सरकारी संगठनों में यह रोजगार के अवसरों को आप के लिए बंद कर सकता है। कई कंपनियां अब भी टैटू को अपने कर्मचारियों की प्रोफैशनल इमेज के लिए गलत मानती हैं. अगर आप का टैटू बहुत ज्यादा दिखाई देने वाला है, तो यह नौकरी पाने की संभावनाओं को कम कर सकता है, खासकर उन उद्योगों में जो कस्टमर से सीधे जुड़ते हैं, जैसे बैंकिंग, कानून, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं.
फैशन ट्रैंड का हिस्सा
टैटू अकसर फैशन ट्रैंड का हिस्सा बन जाते हैं। लोग अपने पसंदीदा सितारों, खिलाड़ियों या दोस्तों को देख कर टैटू बनवा लेते हैं. लेकिन फैशन ट्रैंड हमेशा बदलते रहते हैं और जो टैटू आज आप को कूल लगता है, वह कुछ सालों बाद पुराना या आउटडेटेड लग सकता है, जो बदलते फैशन के साथ नहीं चलता और फिर इसे चेंज करना या हटाना इतना आसान नहीं होता, इसलिए टैटू बनवाने से पहले जरा सोच लें.