फैशन वर्ल्ड का जानामाना नाम है जिज्ञा शाह. हाई क्लोथिंग ब्रैंड की सीईओ जिज्ञा शाह हार्ड वर्क में विश्वास रखती हैं. गांधी नगर स्थित नैशनल इंस्टिट्यूट औफ फैशन टैक्नोलौजी से जिज्ञा ने स्नातक और मास्टर औफ कौमर्स की पढ़ाई की है.

वे बताती हैं, ‘‘मेरे सी.ए. सी.एस. गोल्ड मैडलिस्ट पिता सुबोधचंद्र शाह का कहना है कि आज लड़कियों का भी पढ़नालिखना उतना ही जरूरी है, जितना कि लड़कों का ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें.’’ जिज्ञा शाह अपने पिता से प्रभावित रहीं. लगन, मेहनत और आत्मविश्वास से आगे बढ़ते रहना जिज्ञा के स्वभाव में है.

फैशन जगत में कदम

फैशन जगत में कदम रखने की चाह जिज्ञा को शुरू से ही थी. तभी उन्होंने बहुत पहले इस क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया था. जिज्ञा बताती हैं, ‘‘मैं फैशन डिजाइनिंग बैकग्राउंड से नहीं हूं. मैं अहमदाबाद की गुजराती फैमिली से हूं. मेरी फैमिली चाहती थी कि मैं डाक्टर या प्रोफैसर बनूं. अत: कौमर्स में मास्टर होने के बाद इंग्लिश मीडियम में इकोनौमिक्स विषय पढ़ाना शुरू किया.  ‘‘3 साल के बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं ऐसे ही अपने पूरे जीवन को नहीं बिता सकती. कौमर्स पढ़ाने में मुझे संतोष नहीं हो रहा था. मुझे लगता था कि मैं अपनी लाइफ को ऐंजौय नहीं कर पा रही हूं. तब मैं अपने कालेज के प्रोफैसर से मिली, जो मुझे बखूबी जज कर सकते थे. उन से मैं ने पूछा कि मुझे किस क्षेत्र को चुनना चाहिए. तब उन्होंने मुझे फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में जाने की सलाह दी, जिस के पीछे कारण मेरी अच्छी ड्रैसिंग सैंस व कालेज में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मेरी क्रिएटिव सहभागिता रही. फिर मैं ने गारमैंट्स प्रोडक्शन की शुरुआत की. मैं ने निफ्ट में ऐडमिशन लिया.’’

लाइफ की विशेष उपलब्धियां

भारत की फैशन संस्थाओं ईडीआई और निफ्ट द्वारा जिज्ञा शाह की सफलता पर डौक्यूमैंटरी फिल्म भी बनाई गई है. वे निफ्ट में वीजिटिंग फैकल्टि व ज्यूरी भी रही हैं. जिज्ञा व्यावसायिक जगहों पर महिलाओं के लिए कार्यरत 1091 सैक्सुअल हैरेसमैंट औफ वूमन एट वर्क प्लेस की पैनलिस्ट में भी शामिल हैं. गुजरात के टौप डिजाइनरों में जिज्ञा शाह का नाम आता है. उन्होंने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट काम किया वरन गुजरात को राष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीय फलक पर भी पहचान दिलाई. ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध हों इस के लिए उन्होंने उद्ग्रीव एनजीओ को गोद लिया है. वे 2004 में बिजनैस स्टैंडर्ड द्वारा बैस्ट ऐंटरप्रन्योर का खिताब भी जीत चुकी हैं. 1995 में जिज्ञा शाह ने मेनका गांधी के अहिंसा फैब्रिक के साथ करीब 10 साल काम किया. जिज्ञा कहती हैं कि हर काम को दिल से करो, किसी भी काम से दूर भागना या डरना नहीं चाहिए. बारबार प्रयास करने से सफलता मिलनी ही है. एक डिजाइनर होने के नाते दुबले, पतले, मोटे सभी को ध्यान में रख कर कपड़े डिजाइन करना मेरे लिए हमेशा चैलेंजिंग और मनपसंद काम रहा है. हमेशा अपनी असफलता से सीखतेसीखते आगे बढ़ते रहना और लर्निंग प्रोसैस को कायम रखना ही एक क्वालिटी डिजाइनर की खासीयत है.

लाइफ के यादगार लमहे

जिज्ञा बताती हैं, ‘‘दिल्ली हाट में हर स्टेट के टैक्सटाइल का प्रदर्शन होता था. एक बार गुजरात के खादी व बांधनी को रिप्रैजेंट करना था, जहां मैं ने खादी को डिफरैंट तरीके से कई टैक्नीक का प्रयोग कर प्रदर्शनी में रखा. मेरी क्रिएटिविटी को फर्स्ट प्राइज मिला. फिर बड़ेबड़े लोगों से मिलना हुआ. उस के बाद मैं ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा. यह कह लो कि खुद को किया बुलंद इतना कि हर राह ने सफलता से रूबरू करवाया.’’

पर्सनल लाइफ की खुशी का राज

अपनी लाइफ में अपने बल पर आगे बढ़ने वाली जिज्ञा अपनी लाइफ को पौजिटिव ऐनर्जी के साथ जीना चाहती हैं. वे कहती हैं कि अगर हम पौजिटिव हैं तो हमें पौजिटिव लोग अपनेआप मिल जाते हैं. मेरी सफलता में मेरे पति समीर टिंबरवाल का पूरापूरा सहयोग रहा. महिलाओं को संदेश देते हुए जिज्ञा कहती हैं कि हमेशा अपने दिल की सुनो दुनिया की नहीं. आप अपने लिए जो अच्छा सोचो उसे पूरा करने के लिए जीजान से लगे रहो. सफलता अपनेआप खिंची चली आएगी. लाइफ में किसी भी मुसीबत से भागने के बजाय उस का हिम्मत से मुकाबला करें.

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