अकसर छोटीछोटी बातों को ले कर पतिपत्नी इस हद तक झगड़ पड़ते हैं कि उन की जिंदगी में सिर्फ तनाव ही रह जाता है, जो उन पर इस हद तक हावी हो जाता है कि दोनों का एक छत के नीचे जीवन बसर करना मुश्किल हो जाता है और नौबत तलाक तक पहुंच जाती है. आम जिंदगी में यदि पतिपत्नी कुछ बातों को ध्यान में रखें तो तनाव से बच कर अपने घरेलू जीवन को खुशियों से भर सकते हैं. यदि पतिपत्नी के बीच कभी झगड़ा हो तो दोनों में से एक को शांत हो जाना चाहिए, जिस से बात आगे न बढ़े और फिर पतिपत्नी का झगड़ा तो पानी के बुलबुलों की तरह होता है, जो पल भर में ही खत्म हो जाता है.
आइए, जानते हैं कुछ नुसखे, जिन को अमल में ला कर जीवन को खुशगवार बनाया जा सकता है:
पतिपत्नी को चाहिए कि वे एकदूसरे को समझें, एकदूसरे की भावनाओं की कद्र करें.
अपने रिश्ते में कभी भी ‘मैं’ भाव को हावी न होने दें.
कभीकभी चुप्पी भी बहुत कुछ ऐसी बातें कह जाती है, जिन्हें बोलने से सिर्फ कड़वाहट ही पैदा हो और फिर इस तरह दूसरे तक आप का संदेश सहजता से पहुंच जाता है.
घर का झगड़ा घर में ही सुलझा लें. बाहर वालों को इस की भनक तक न लगने दें वरना बात बिगड़ सकती है.
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यदि पति को औफिस से आने में देर हो जाए तो उन से लड़ें नहीं, न ही शक करें, पर एकदम विश्वास भी न करें, सामान्य बनी रहें.
कभीकभी पत्नी की नाजायज मांगों से तंग आ कर पति कुंठित हो जाते हैं खास तौर से तब जब वे उन मांगों को पूरा कर पाने में असमर्थ होेते हैं. इस कारण भी झगड़े होते हैं.
पत्नी को पति की सीमित आय में रहना सीखना चाहिए और सुखमय जीवन व्यतीत करना चाहिए.
तानों से बचें
1. एकदूसरे को ताना न दें. जैसे, मुझे तो बहुत अमीर घरानों से रिश्ते आ रहे थे. मैं तो तुम से विवाह कर के फंस गई आदि. इस से पति का सम्मान चोटिल होता है, जो अंतत: झगड़े का कारण बनता है.
2. पतिपत्नी दोनों ही एकदूसरे को हर रूप में अपनाएं.
3. दोनों ही एकदूसरे की इच्छाओं की कद्र करें और एकदूसरे के मातापिता को समान रूप से सम्मान दें, क्योंकि अकसर देखने में आता है कि पतिपत्नी के बीच झगडे़ का एक बड़ा कारण मातापिता के सम्मान को ले कर भी होता है.
4. पतिपत्नी आपस में समर्पित रहें, अपनी इच्छाओं को दबाएं नहीं, व्यक्त करें, मगर उन्हें एकदूसरे पर थोपें नहीं.
5. कभी भी एकदूसरे के अतीत को न कुरेदें. आप का भविष्य ज्यादा महत्त्व रखता है. कल आप क्या थे, इस पर झगड़ना बेवकूफी है, आज आप क्या हैं और आज के आधार पर कल क्या होंगे, यह ज्यादा महत्त्व रखता है.
6. अगर कोई बात आप को तकलीफ पहुंचा रही है तो शांत हो कर, आराम से अपने पति से बातचीत करें. झगड़ा किसी परेशानी का हल नहीं बल्कि तनाव की जड़ है.