Wedding Bells :  भारत में वैडिंग यानी विवाह प्रेम, विश्वास और समर्पण के साथ जीवनभर रिश्ते को निभाने के संकल्प से बना एक खूबसूरत बंधन है. यह जीवन की बहुत खास घटना है जो हमारे जीवन में खासकर एक लड़की के जीवन में काफी बदलाव लाती है. विवाह व्यक्ति को सामाजिक, भावनात्मक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है. यह न केवल 2 व्यक्तियों के बीच का रिश्ता होता है बल्कि 2 परिवारों और 2 समाजों को भी एकसाथ लाता है.

शादी से जीवन में स्थिरता, प्यार और खुशी आती है जो व्यक्ति को एक सफल और संतुष्ट जीवन जीने में मदद करती है.

नए जीवन का आगाज

देखा जाए तो विवाह जन्म लेने के बाद हमारे द्वारा उठाया गया सब से बड़ा कदम होता है. जैसे जन्म लेने के बाद हमारा नया जीवन शुरू होता है वैसे ही विवाह के बाद भी सबकुछ बदल जाता है और एक नई जिंदगी का आगाज होता है.

हमारा रहनसहन, खानपान, बात, व्यवहार, नातेरिश्तेदारी, प्राथमिकताएं वगैरह सब बदल जाती हैं. हम किसी और की परवाह करने लगते हैं. कोई और हमें जीने के नए तरीके बताता है. हम उस के बहुत करीब हो जाते हैं. हमारे मन में जिम्मेदारी का एहसास जगता है. कोई और होता है जो हमें खुद से पहले रखने लगता है और यह एहसास जीवन में खुशियों के रंग भर देता है.

तेरामेरा नहीं रह जाता

शादी के बंधन में 2 लोग होते हैं जो आर्थिक स्तर, कल्चर, परिवेश, रहनसहन सब में अलग होते हैं. लेकिन रहना एकसाथ होता है. वे एक घर में एक ही कमरे में रहते हैं इसलिए किसी भी तरह मेरातेरा की भावना खत्म हो जाती है. शादी के बाद मेरातेरा नहीं रह जाता बल्कि सब हमारा हो जाता है.

भाईबहन, मांबाप के साथ हम भले ही तेरामेरा की सोच रखते हैं, मगर जीवनसाथी के साथ कुछ भी अलग नहीं रह जाता. घर में कमाई कर के जो रुपए आते हैं उन्हें दोनों खर्च करते हैं. दोनों के लिए एक जगह खाना पकता है. दोनों एक तरह के सपने देखते हैं. दोनों की खुशियां और गम भी शामिल हो जाते हैं. इंसान के फैसले या प्लान व्यक्तिगत नहीं रह जाते बल्कि वह एक यूनिट के रूप में काम करने लगता है.

रिश्ते संभालना सीखने की जरूरत

शादी और उस के बाद के समय के लिए हमें खुद को तो तैयार करना ही होता है, साथ ही भावी जीवनसाथी को भी तैयार करना होता है. नए और पुराने रिश्तेदारों को भी तैयार करना होता है. 2 परिवार एक होने वाले हैं तो ऐसे में एकदूसरे से कुछ प्यार तो कुछ रुसवाई भी होगी ही. शादी के बाद देखा जाए तो बहुत सी समस्याएं आती हैं. ऐक्चुअली समस्या नहीं बल्कि इशूज आते हैं. ये इशूज हमारी सम?ा पर निर्भर करते हैं.

अगर हमारी अच्छी सम?ा है तो हम इन इशूज को आसानी से निबटा सकेंगे. वे ज्यादा दिन तक हमें परेशान नहीं कर पाएंगे. मगर रिश्ते संभालने की सम?ा न हो तो बहुत जल्दी सबकुछ बिखर जाता है. बिखरने के बाद संभालना मुश्किल हो जाता है और पछतावा उम्रभर का रह जाता है. इसलिए बेहतर है कि शादी के बाद अपने रिश्तों को सहेज कर चला जाए और इस के लिए सावधानी पहले दिन से रखनी होगी.

शादी तोड़ना आसान नहीं होता

शादी का जो अनुबंध यानी कौंट्रैक्ट है इसे सहजता से चलाने के लिए शादी को अपनी मरजी मान कर चलना चाहिए. भले ही आप ने अपनी मरजी की शादी न की हो बल्कि घर वालों ने कराई हो मगर बाद में इसे मरजी बना लेना ही बेहतर है क्योंकि कानूनी तौर पर देखें या व्यावहारिक तौर पर, शादी करने के बाद आप इस रिश्ते को छोड़ नहीं सकते. अगर आप छोड़ना चाहते हैं तो यह आसान नहीं होता. इस की कीमत बहुत अधिक देनी होती है. आप धनजन गंवाने के साथ मन का सुकून भी खो बैठते हैं. देखा जाए तो शादी में बने रहने पर सुख है मगर शादी के अनुबंध को तोड़ने की कोशिश आप के दुख और परेशानियों को बढ़ाएगी.

जब शादी की रस्में शुरू हो जाती हैं तो दूल्हादुलहन के दिल की धड़कनें बढ़ जाती हैं. आने वाले खूबसूरत दिनों की कल्पना जहां एक तरफ दिल को गुदगुदाती है तो वहीं सब अच्छे से निबट जाए और शादी शानदार रहे, यह सोच भी मन पर हावी होने लगती है. ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी सोच को क्लियर रखें और कुछ बातों को ले कर सावधान भी रहें.

शादी में सलैक्टेड लोगों को ही बुलाएं

शादी में अपनी शान दिखानी है इसलिए हर जानने वाले को बुला लिया यह उचित नहीं. अकसर लोग ऐसे मेहमानों की भीड़ भी इकट्ठी कर लेते हैं जिन से सालों से कोई संपर्क नहीं या फिर जिन से केवल शादी में बुलाए जाने भर का संबंध रहा है. इस से एक तरफ तो आप सभी मेहमानों पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते उस पर खर्च भी ज्यादा आता है और ऐसे अनचाहे मेहमान अकसर दूसरों के आगे आप के नुक्स ही निकालते रहते हैं.

आप यह मत सोचिए कि बौलीवुड फिल्मों की शादियों की तरह आप भी मेहमानों की भीड़ जमा करेंगे तभी आप अपने खास दिन को यादगार बना पाएंगे. उलटा हो सकता है कि ऐसे में मेहमानों के बीच कोई पंगा पड़ जाए. इसलिए मेहमानों की लिस्ट

तैयार करते समय कुछ बातों का खयाल रखें

अपनी प्रायौरिटी तय करें. ऐसे रिश्तेदारों या सहेलियों को शादी में न बुलाएं जो सारा अटैंशन खुद पर चाहती हों. अगर आप के सर्किल में कोई ऐसी लड़की या लड़का है जो अटैंशन सीकर है तो उसे शादी में बुलाने से परहेज ही करें क्योंकि अटैंशन चाहने वाले खुद पर नजरें बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं. ऐसे में इस तरह का एक भी मेहमान आप के उस खास दिन को बरबाद कर सकता है.

पूर्व प्रेमी या प्रेमिका यानी अपने ऐक्स को बुलाने से भी परहेज करें. आप अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने वाले हैं. ऐसे में पूर्व प्रेमी या प्रेमिका को शादी के दिन न्योता देना आप के लिए सही नहीं होगा. हो सकता है कि आप का ऐक्स वहां किसी से चाहेअनचाहे अपने पुराने संबंधों के बारे में बात करे या फिर आप के साथ ही किसी बहस में पड़ जाए. यह स्थिति इस खास मौके के लिए सही नहीं होगी.

शराब पी कर हंगामा करने वालों को भी दूर रखें. शादी का मौका हंसीखुशी और जश्न का होता है. ऐसे में उन लोगों को न्योता देने से बचें जो शराब पी कर हंगामा करते हैं. ऐसे लोगों का शादी में आना आप के खास दिन को एक बुरी याद भी बना सकता है.

शादी में केवल उन करीबी लोगों को आमंत्रित करें जिन के साथ आप अपनी कीमती यादें शेयर करना चाहते हैं. पर उन से दूर रहें जो आप के खास दिन पर आप के लिए खुश न हों या आप की खुशी को कम कर दें.

कुछ लोगों की आदत होती है हर चीज में कमी निकालने की. अपनी शादी पर हर कपल तनाव में होता है. सभी बहुत पैसा और मेहनत लगा कर शादी की तैयारी करते हैं. ऐसे में इन लोगों से दूर रहें और शादी में न बुलाएं जो आप की मेहनत पर कमियां निकाल कर पानी फेर दें. ऐसे लोग न खुद अच्छा समय बिताएंगे न आप को ऐंजौय करने देंगे.

ऐसे लोगों को भी दूर रखें जिन के बारे में आप जानते हों कि वे कोई न कोई नाटक करेंगे जिस से परिवार के बीच कलह हो सकती है.

जरूरी नहीं कि आप अपने औफिस में साथ काम करने वाले सभी लोगों को बुलाएं. केवल उन्हें बुलाएं जो बेहद करीबी दोस्त हैं या फिर आप के बौस हैं.

कुछ छिपा कर शादी न करें

हाल ही में एक मामला सामने आया जिस में पति ने दायर याचिका में कहा कि उस का विवाह 10 दिसंबर, 2005 को हुआ. ससुराल पक्ष ने उसे पत्नी की बीमारी छिपा कर धोखा दिया. महिला शादी से पहले और अपीलकर्ता के साथ रहने के दौरान ऐक्यूट सिजोफ्रेनिया से पीडि़त थी. प्रतिवादी ने अपनी शादी के बाद घर में और हनीमून के दौरान असामान्य तरीके से व्यवहार किया. जनवरी, 2006 को उस ने महिला को जीबी पंत अस्पताल, मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान, एम्स, हिंदू राव अस्पताल में दिखाया. हिंदू राव अस्पताल के डाक्टर को देख महिला ने माना कि उक्त डाक्टर ने मु?ो पहले दवा दी है.

कालेज के समय उस के सिर में दर्द हुआ था और उस की पढ़ाई छूट गई थी. डाक्टरों ने बताया कि वह ऐक्यूट सिजोफ्रेनिया से पीडि़त है. शादी के इतने साल बाद पति इस वजह से तलाक लेना चाहता था.

अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि विवाह से पहले किसी भी पक्ष द्वारा बीमारी को छिपाना धोखा है और यह शादी को रद्द करने का कारण बनता है. अदालत ने फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए उस व्यक्ति के विवाह को खारिज करने का आदेश जारी किया. न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने विवाह को रद्द करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब हो सकता है. यह उन की गलती नहीं है. लेकिन यह बात छिपाना गलत है.

दरअसल, बहुत से लोग ऐसा काम करते हैं. खासकर पेरैंट्स ऐसा करने को विवश करते हैं. उन्हें लगता है कि बीमारी की बात बताने पर मुश्किल होगी. मगर बात छिपा ली जाए तो शादी हो जाएगी और फिर उसे स्वीकार कर लिया जाएगा. वे सोचते हैं कि बात छिपी रहेगी. मगर ऐसा हो नहीं पाता. सालों बाद जब बात खुलती है तो गंभीर परिणाम होते हैं. ऐसी शादी में कोई रहना नहीं चाहता.

शादी के बाद रिश्ता टूटने से दर्द ज्यादा होता है और बच्चों का भविष्य भी अंधकार में खो जाता है. बीमारी कभी छिप नहीं सकती यह बात याद रखें. इसलिए बेहतर है कि पहले ही सारी सचाई बता दी जाए और फिर फैसला लिया जाए.

बेवजह पैसे उड़ाने से बचें

1914 में आई बौलीवुड फिल्म ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया’ में काव्या प्रताप सिंह यानी आलिया भट्ट ने अंबाला शहर की एक बोल्ड और ब्यूटीफुल लड़की का किरदार निभाया था. वह अपनी शादी में 5 लाख रुपए का वैसा ही लहंगा पहनना चाहती है जो करीना कपूर ने किसी फिल्म में पहना था. वह औरिजिनल लहंगा चाहती है और अपने जनून के लिए कुछ भी करने को तैयार है. इस लहंगे की खरीदारी के लिए दिल्ली पहुंच जाती है जहां उस की मुलाकात अपने हीरो से होती है और वह इस खरीदारी में मदद करता है.

यह फिल्म की कहानी थी इसलिए सब अच्छा हुआ. मगर वास्तविक जिंदगी में हर लड़की अमीर घर से नहीं होती न ही उसे इस तरह चाहने वाला प्रेमी मिल जाता है. इसलिए असलियत के धरातल पर रह कर सपने देखें और पैसे बचाने का गुर सीखें. आप का लहंगा लाखों का हो या 50 हजार का या किराए पर लिया हो इस से आप की आने वाली शादीशुदा जिंदगी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. एक दिन का शादी समारोह होता है जिस में कुछ ऐसा पहनें जो आप के रंगरूप को निखारे. इस के लिए सही कलर और फैब्रिक का चयन जरूरी है न कि लाखों रुपए में महंगे कपड़े लेना.

अपना एक बजट बनाएं और हर जगह बेवजह पैसे उड़ाने के बजाय बेहतर तरीके से सब कुछ करने का प्रयास करें. छोटीमोटी बातों को तूल न दें. अपना मन खुश रखें और सब का खयाल करें. जो आसानी से मुमकिन है उतना ही अरेंजमैंट करें. जो पहुंच से बाहर है उस के लिए विकल्प की तलाश करें. कम खर्च में भी बेहतरीन शादियां होती हैं. आप की दोस्त ने वैसा किया था इसलिए आप को भी करना है यह सोच न रखें.

थोड़े समय के लिए अकाउंट डिलीट करना

आप को अपने फेसबुक या फिर इंस्टाग्राम अकाउंट को थोड़े समय के लिए डिलीट करना है तो सब से पहले आप को अकाउंट सैटिंग में जाना है. इस के बाद आप का अकाउंट डिसेबल हो जाएगा लेकिन अगर कभी आप को अपना अकाउंट फिर से ऐक्टिव करना हो तो आप को सिर्फ अपनी ढ्ढष्ठ फिर से लौगिन करनी होगा और आप का अकाउंट रीऐक्टिव हो जाएगा. अकाउंट को कुछ समय के लिए डिसेबल करने से आप का प्रोफाइल, फोटोज, पोस्ट, कमैंट, लाइक सब सर्वर पर रहता है लेकिन उसे अब दूसरा सोशल मीडिया यूजर्स देख नहीं सकता है.

हमेशा के लिए अकाउंट डिलीट करना

इस के लिए सोशल मीडिया अकाउंट में जा कर अपना अकाउंट डिलीट करने की रिक्वैस्ट देनी होगी. यह आप को एक नए पेज पर ले जाता है. वहां आप को एक फौर्म भरना होगा और बताना होगा कि आखिर आप यह अकाउंट क्यों डिलीट करना चाहते हैं. अकाउंट डिलीट होने के बाद भी सोशल मीडिया साइट्स आप के डाटा को 1-3 महीने तक अपने सर्वर्स में रखती हैं. उस के बाद आप का प्रोफाइल पोस्ट, फौलोअर्स, कमैंट्स सब परमानैंटली डिलीट हो जाते हैं.

ससुराल वालों के सीक्रेट्स न खोलें

सगाई और शादी के बीच अकसर दूल्हादुलहन आपस में हर तरह की बातें करते हैं. उस दौरान घर में क्या चल रहा है, कौन रिश्तेदार क्या कह रहा है, उन की खास आदतें या समस्याएं क्या हैं, उन के अंदर अजीब क्या है जैसी बातें ये भावी कपल्स आपस में करने लगते हैं. शादी के बाद जब लड़की ससुराल पहुंचती है तो भी उसे वहां के लोगों के बारे में बहुत सी नई बातें देखनेसुनने को मिलती हैं. ऐसे में संभव है कि आप ऐक्ससाइटमैंट में अपनी सहेलियों या मायके वालों के आगे कुछ ऐसे सीक्रेट्स शेयर कर दें जो आप को नहीं करने चाहिए.

दरअसल, किसी के भी घर में कुछ ऐसी बातें होती हैं जो सिर्फ घर तक ही रहनी चाहिए. जब एक लड़की नए घर का हिस्सा बनती है तो उसे भी सारी बातें पता चलती हैं. लेकिन जब वह इन बातों को अपने घर वालों, सहेलियों या रिश्तेदारों को बताती है तो मुमकिन है कि ससुराल वालों को जज किया जाने लगे या इन में से किसी बात को ले कर उन का मजाक बनाया जाए. इस से लड़की के मायके में ससुराल वालों की इमेज खराब होने लगती है और इस का असर रिश्ते पर भी पड़ता है.

इस तरह की बातें पता चलने पर या महसूस कर पति को बुरा लग सकता है. इसलिए ससुराल वालों के सीक्रेट्स मायके में बताने से बचें वरना आप के रिश्ते कौंप्लिकेटेड हो सकते हैं. इस के लिए आप को पहले से सावधान रहना होगा.

इस तरह की कितनी ही बातें हैं जिन्हें मन में रख कर ही आगे बढ़ें. विवाह का दिन रोजरोज नहीं आता और न ही इंसान बारबार जीवनसाथी ही बदल सकता है. इसलिए इस दिन और इस रिश्ते को बहुत प्यार से मैनेज करें और अपना जीवन बेहतरीन बनाएं.

‘‘शादी और उस के बाद के समय के लिए हमें खुद को तो तैयार करना ही होता है, साथ ही भावी जीवनसाथी को भी तैयार करना होता है. नए और पुराने रिश्तेदारों को भी तैयार करना होता है. 2 परिवार एक होने वाले हैं तो ऐसे में एकदूसरे से कुछ प्यार तो कुछ रुसवाई भी होगी ही. शादी के बाद देखा जाए तो बहुत सी समस्याएं आती हैं. ऐक्चुअली समस्या नहीं बल्कि इशूज आते हैं. ये इशूज हमारी समझ पर निर्भर करते हैं…’’

‘‘अपना एक बजट बनाएं और हर जगह बेवजह पैसे उड़ाने के बजाय बेहतर तरीके से सब कुछ करने का प्रयास करें. छोटीमोटी बातों को तूल न दें. अपना मन खुश रखें और सब का खयाल करें. जो आसानी से मुमकिन है उतना ही अरेंजमैंट करें. जो पहुंच से बाहर है उस के लिए विकल्प की तलाश करें. कम खर्च में भी बेहतरीन शादियां होती हैं. आप की दोस्त ने वैसा किया था इसलिए आप को भी करना है यह सोच न रखें…’’

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