Manoj Kumar Death : हिंदी फिल्मों में अपनी बेहतरीन एक्टिंग से पहचान बनाने वाले जाने-माने एक्टर मनोज कुमार अब इस दुनिया में नही रहें.

दुनिया को कहा अलविदा

एक रिपोर्ट के अनुसार तबियत बिगड़ने पर फरवरी से वह कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती थे और इलाज के दौरान उन्होंने 87 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. उनके निधन के बाद पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं दूसरी ओर फैंस उन्हें नम आंखों से विदाई दे रहे हैं.

खास पहचान 

एक्टर मनोज कुमार ने देशभक्ति फिल्मों के माध्यम से ‘भारत कुमार’ के रूप में खास पहचान बनाई. उनका योगदान न केवल हिंदी सिनेमा को, बल्कि राष्ट्रभक्ति की भावना को भी समर्पित रहा। जब-जब देशभक्ति फिल्मों की बात होगी, मनोज कुमार को याद किया जाएगा.

कार्डियोजेनिक शौक से हुई मौत

एक रिपोर्ट के अनुसार, मनोज कुमार मौत मायोकार्डियल इन्फार्क्शन के कारण हुए कार्डियोजेनिक शॉक से हुई. साथ ही, वे डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से भी जूझ रहे थे. उन्हें 21 फरवरी 2025 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

मनोज कुमार की हिट फिल्म

मनोज कुमार ने 1957 में ‘फैशन’ से अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन उन्हें पहचान मिली 1960 में आई फिल्म ‘कांच की गुड़िया’ इस फिल्म में उन्होंने बतौर लीड एक्टर काम किया. इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘उपकार’, ‘पत्थर के सनम’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’, ‘संन्यासी’ और ‘क्रांति’ जैसी कई हिट फिल्में दी. उनकी फिल्मों में देशभक्ति की भावना वाली बात होती थी जो उन्हें एक अलग ही खास पहचान देती थी.

कई अवार्ड से सम्मानित

मनोज कुमार सिर्फ एक बेहतरीन एक्टर ही नहीं, बल्कि एक शानदार निर्देशक भी रह चुके हैं. उन्होंने न सिर्फ दमदार अभिनय किया बल्कि निर्देशन में भी अपने जौहर दिखाए. उन्हें 1992 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार पद्म श्री, और 2015 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा जा चुका है

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