घर खरीदना हर व्यक्ति का सपना होता है. वैसे तो हमारे देश में कर्ज लेना अच्छा नहीं माना जाता है, पर अगर आप के पोर्टफोलियो में होम लोन शामिल है तो यह अच्छी निशानी है. दरअसल, होम लोन बाकी कर्ज से बिलकुल अलग होता है. कारण यह कि होम लोन लेने का मतलब है कि आप के पास एक संपत्ति बन रही है, जिस की कीमत हमेशा बढ़ेगी. वहीं दूसरी तरफ बाकी कर्ज देनदारी को न्योता देते हैं. कहने का मतलब यह है कि अगर आप होम लोन ले कर घर खरीदते हैं, तो इस में समझदारी है, बशर्ते आप को इस की बारीकियों के बारे में जानकारी हो.
कैसे मिले सस्ता होम लोन
मिल कर करें आवेदन: अगर आप और आप के कई मित्र एकसाथ होम लोन लें तो यह लोन आप के लिए सस्ता पड़ेगा. कहने का मतलब है कि जब मिल कर लोन लिया जाता है तो बैंक या वित्तीय संस्थान को इस की प्रोसैसिंग और कानूनी कार्यवाही पर कम खर्च करना पड़ता है, जिस का फायदा निश्चित तौर पर बैंक ग्राहकों को दे दिया जाता है. मसलन, इस के चलते बैंक आप की प्रोसैसिंग फीस और अन्य शुल्क माफ कर सकता है. महीने के अंत में करें होम लोन के लिए आवेदन: कर्ज देने के लिए बैंकों का महीने के आधार पर टारगेट होता है.
अगर आप महीने की 24 तारीख के बाद लोन के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आप को डिस्काउंट मिलने की संभावना ज्यादा होती है. कहने का मतलब यह है कि बैंकों की कोशिश होती है कि वे अपने हर महीने का लोन टारगेट पूरा करें तो संभावना ज्यादा है कि इस अवधि में बैंक आप को किफायती दर पर होम लोन उपलब्ध कराएं. क्रैडिट रेटिंग को रखें दुरुस्त: बैंक अपने पुराने और विश्वसनीय ग्राहकों को किफायती दरों पर होम लोन उपलब्ध कराने की कोशिश करते हैं. अगर आप भी बैंक के पुराने ग्राहकों में से एक हैं और आप का रिपेमैंट रिकौर्ड अच्छा रहा है तो अन्य ग्राहकों के मुकाबले आप को कम दर पर लोन मिलने की संभावना ज्यादा है.
ध्यान रहे
1. बैस्ट डील या फिर सस्ती डील हमेशा अच्छी डील ही होगी, यह जरूरी नहीं है.
2. नए या फिर जिन कर्जदाताओं के बारे में ज्यादा जानकारी न हो उन से लोन लेने से बचें.
3. लोन लेते समय कम से कम 4-5 अलगअलग कर्जदाताओं की ब्याज दर, लागत, आवेदन प्रक्रिया में सरलता और भुगतान की सरलता तथा पुराने कर्जदारों के अनुभव के बारे में जरूरी जानकारी जरूर ले लें.
4. ब्याज दरों और अन्य शुल्क की तुलना के लिए आप औनलाइन पोर्टल का भी सहारा ले सकते हैं.
5. कर्जदाताओं के रेट रिसेट, फोर क्लोजर की शर्तों का अध्ययन बेहद जरूरी है.
6. ऐसे कर्जदाताओं का चुनाव करें जिन के प्रीपेमैंट के नियम और शर्तें आसान हों.
7. याद रहे कि प्रतिस्पर्धा और बेस रेट के नियम के चलते आप लोन में ज्यादा से ज्यादा 0.25 से 0.5 फीसदी तक का मोलभाव कर पाएंगे. यह जरूर हो सकता है कि भविष्य में यह और भी कम हो जाए. आप को ध्यान रखना होगा कि रेट रिसेट फ्लोटिंग और फिक्स्ड दोनों तरह के लोन पर लागू होता है.
कैसे तय होती है होम लोन की पात्रता
बैंकों के कुछ मानदंड होते हैं, जिन पर खरे उतरने वालों को ही एक निश्चित सीमा तक होम लोन दिया जाता है. सर्टिफाइड फाइनैंशियल प्लानर अमित सक्सेना के मुताबिक, किसी व्यक्ति को कितना लोन मिलेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस की ग्रौस सैलरी कितनी है. उदाहरण के तौर पर वेतनभोगी वर्ग को सालाना आय का 4 गुना होम लोन दिया जा सकता है. इस के अलावा चार्टर्ड अकाउंटैंट, डाक्टर जैसे पेशेवरों को उन की सालाना आय का 7 गुना तक लोन दिया जा सकता है. हालांकि लोन देते वक्त बैंक इस बात का खयाल रखते हैं कि व्यक्ति की टेक होम सैलरी या फिर नैट सैलरी ग्रौस सैलरी के 40 फीसदी से कम न हो.
बढ़ा सकते हैं होम लोन की पात्रता
आप के लोन की अवधि जितनी लंबी होगी उतना ज्यादा आप को लोन मिल सकेगा. प्रति लाख रुपए पर मासिक किस्त लंबी अवधि के लोन के लिए काफी कम होती है. ऐसी स्थिति में बैंक उसी आय पर ज्यादा लोन दे देते हैं. अपनी लोन की पात्रता बढ़ाने का दूसरा तरीका यह है कि जिन रिश्तेदारों को बैंक अनुमति देते हैं आप उन की और अपनी आय मिला कर जौइंट लोन ले सकते हैं. इस में आप के जीवनसाथी, बच्चे, मातापिता या भाईबहन शामिल हो सकते हैं.
एक शादीशुदा महिला भी अपने सासससुर या अपने पति की आय मिला कर जौइंट लोन ले सकती है. हालांकि वह अपने मांबाप के साथ जौइंट लोन नहीं ले सकती है. लोन देते वक्त बैंक आप से किसी पुराने रिपेमैंट की जानकारी मांग सकता है. इस के लिए आप किसी पुराने लोन (कार लोन या फिर किसी अन्य लोन) के रिपेमैंट का प्रूफ दे सकते हैं. अगर आप ने इस से पहले कोई लोन नहीं लिया है और आप के पास क्रैडिट कार्ड है तो उस के रिपेमैंट से जुड़ी जानकारी आप को लोन देने वाले संस्थान को उपलब्ध करानी होगी.
अगर बैंक आप की रिपेमैंट करने की क्षमता के मामले में आश्वस्त है, तो आप के लोन लेने की पात्रता को बढ़ाया जा सकता है. इस के अलावा आप का मौजूदा बैंक खासतौर पर प्राइवेट बैंक जिस में आप का सेविंग अकाउंट भी है वह आप को अन्य बैंकों या हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों की तुलना में आप का पुराना रिकौर्ड देख कर ज्यादा लोन उपलब्ध करा सकता है.
कैसे मिल सकता है सस्ता होम लोन
होम लोन लेने से पहले कई बैंकों और हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों की दरों और शर्तों की जानकारी प्राप्त करना अच्छा रहता है. वैसे तो ज्यादातर बैंकों की यही कोशिश होती है कि वे आप के प्रोफाइल के अनुसार लोन की सब से अच्छी दरों की पेशकश करें. खासतौर पर जिन लोगों को तुरंत लोन की जरूरत हो उन्हें तो बैंक अपनी ओर से सब से बेहतर दरों पर लोन औफर करते हैं.
अगर आप के साथसाथ आप के कुछ मित्र या रिश्तेदार एकसाथ होम लोन के लिए आवेदन करते हैं तो बैंक को एक बड़ा लोन पोर्टफोलियो मिलता है. यह तरीका तब और कारगर साबित होता है जब एक ही बिल्डिंग में फ्लैट या अपार्टमैंट खरीदने के लिए सब लोन लेना चाहते हों. ऐसे मामलों में बैंकों का कानूनी और तकनीकी खर्च कम हो जाता है, जिस का लाभ होम लोन लेने वालों को दिया जाता है.
आवेदन करने से पहले की तैयारी
सिबिल यानी क्रैडिट इन्फौर्मेशन ब्यूरो औफ इंडिया लिमिटेड से आप अपनी क्रैडिट रिपोर्ट मंगवा कर यह जान सकते हैं कि आप का रिकौर्ड और स्कोर क्या है. साल में एक बार 450 रुपए खर्च कर सिबिल से क्रैडिट स्कोर पाने के बाद आप यह जान सकते हैं कि आप का कर्जदाता आप के आवेदन को किस प्रकार देखेगा. अगर क्रैडिट रिपोर्ट में कोई विसंगति पाई जाती है जैसे आप ने क्रैडिट कार्ड के तमाम बिलों का भुगतान किया हुआ है, लेकिन रिपोर्ट में यह दर्शाया गया है कि आप ने बिलों का भुगतान नहीं किया है और इस कारण आप की क्रैडिट रिपोर्ट प्रभावित हुई है तो आप भुगतान के सुबूत के साथ संबंधित बैंक से बातचीत कर सकते हैं. ऐसे सुबूत के साथ आप सीधे सिबिल से भी संपर्क कर अपनी सूचना सही करवा सकते हैं. दरअसल, सिबिल के पास ऐसी सारी सूचनाएं पहुंच जाती हैं, जिन का इस्तेमाल बैंक लोन आवेदक का ट्रैक रिकौर्ड देखने के लिए करते हैं.
अगर बैंक आप के क्रैडिट कार्ड या पुराने लोन के पुनर्भुगतान के मामले में कोई विसंगति पाता है, तो आप का लोन आवेदन निरस्त किया जा सकता है. इसलिए लोन लेने की पात्रता बढ़ाने के लिए जरूरी है कि आप क्रैडिट कार्ड, टैलीफोन बिल, लोन की मासिक किस्त आदि का भुगतान समय पर करें. सिबिल आजकल कर्ज लेने में आप का सब से बड़ा दुश्मन बन सकता है, क्योंकि इसी के आधार पर बैंक आप पर मनमाने ब्याज व चार्ज ठोक रहे हैं. यदि आप भुगतान न करें तो वे सिबिल में आप को देनदार ठहरा कर आप का रिकौर्ड खराब कर देंगे. सिबिल अपने खिलाफ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं होता. आर्थिक स्वतंत्रता का खतरा बना सिबिल बैंकों का हथियार बन गया है और आप के पास इस मनमानी को सहने के अलावा और कोई उपाय नहीं है.