परफ्यूम पर्सनैलिटी को खास बनाता है. लेकिन इस के लिए जरूरी यह है कि आप जो परफ्यूम यूज कर रहे हैं, वह आप की पर्सनैलिटी से मेल खाता हो. स्टाइल गुरु उमैर जाफर का कहना है कि अधिकांश लोगों को यह नहीं मालूम है कि कौन सा परफ्यूम मेल के लिए है, कौन सा फीमेल के लिए. किस मौके पर कौन सा परफ्यूम लगाना चाहिए और किस सीजन में कौन सा परफ्यूम इस्तेमाल करना चाहिए. परफ्यूम पर्सनैलिटी को सिर्फ खास ही नहीं बनाते, बल्कि उसे निखारते भी हैं. इसलिए परफ्यूम सिलैक्ट करते समय उस की खुशबू नहीं, बल्कि यह देखना चाहिए कि वह आप की पर्सनैलिटी पर सूट करेगा या नहीं. जो मन में आया उसे यूज कर लिया वाली नीति पर्सनैलिटी को निखारने की बजाय उस पर नेगेटिव इफैक्ट डालती है. इसलिए परफ्यूम का सिलैक्शन बड़ी सावधानी से करना चाहिए. मेल और फीमेल के लिए अलगअलग परफ्यूम होते हैं. हर परफ्यूम की अपनी खासीयत व विशेषता होती है. फ्रांस के फ्रेगरेंस वैज्ञानिक माइकल एडवर्ड ने परफ्यूम को 4 मुख्य- समूह फ्लोरल, ओरिएंटल, वुडी और फ्रैश में और इन्हें 12 उपसमूह में बांटा है.

आइए, अब जानें कि खासखास मौकों पर आप कौन सा परफ्यूम कैसे इस्तेमाल करें, जिस से आप की अलग पहचान बने.

  1. ऐसी पार्टी, जहां गैदरिंग कम हो, जैसे कौकटेल पार्टी, फैमिली फंक्शन, मीटिंग आदि में सौफ्ट और भीनी खुशबू वाले परफ्यूम इस्तेमाल करें.
  2. इंगेजमेंट, वैडिंग या नाइट क्लब में जा रहे हैं, तो थोड़ा हार्ड परफ्यूम लगाना चाहिए.
  3. किसी खास फंक्शन या गैदरिंग में सम्मलित होने पर वुडी या स्मोकी परफ्यूम का इस्तेमाल करें.
  4. पार्टी का समय शाम का है, तो हैवी परफ्यूम का इस्तेमाल करें, क्योंकि शाम को हवा में मौइश्चराइजर होने की वजह से वह तेजी से नहीं उड़ेगा.
  5. लंच की पार्टी होने पर हैवी परफ्यूम इस्तेमाल न करें, क्योंकि इस वक्त हैवी परफ्यूम आप को व आप के इर्दगिर्द लोगों को चिड़चिड़ा बनाता है.
  6. मेल को फ्रैशनेस देने वाले व फीमेल को भीनी खुशबू देने वाले परफ्यूम का इस्तेमाल करना चाहिए.
  7. आप यदि लाइम लाइट में हैं, तो वुडी ओरिएंटल ग्रुप के ही परफ्यूम इस्तेमाल करें.
  8. यदि बतौर मेहमान पार्टी में उपस्थित हैं, तो स्ट्रिस या ऐक्वा परफ्यूम का इस्तेमाल करें.
  9. 20 वर्ष से कम उम्र वाले स्ट्रिस और 20 से 30 की उम्र वाले मेल ऐक्वा यूज करें.
  10. 30 से 45 एज ग्रुप वालों के लिए वूडी ओरिएंटल या सौफ्ट ओरिएंटल फ्रैगरेंस अच्छा रहता है. 45 के ऊपर की उम्र वाले मेल को ग्रीनी यूज करना चाहिए.
  11. काम के दौरान मूड को फ्रैश रखने के लिए स्ट्रिस ग्रुप के परफ्यूम इस्तेमाल करें. यह खुद के साथसाथ दूसरों के मूड को भी फ्रैश करता है.
  12. बौडी से पसीने की तेज दुर्गंध निकलती है, तो स्ट्रौंग परफ्यूम लगाने के साथसाथ बौडी की साफसफाई पर भी ध्यान दें.
  13. किसी पर इंप्रैशन डालने के लिए थोड़ा लाउड परफ्यूम जैसे ओरिएंटल या वुडी परफ्यूम का इस्तेमाल करें.
  14. किसी को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए स्ट्रौंग परफ्यूम का इस्तेमाल करें.
  15. बैडरूम में लाइट परफ्यूम रोमांटिक बनाता है. यह लाइट खुशबू आप की पर्सनैलिटी को भी लाइट व सौफ्ट एहसास दिलाती है.

याद रखें

  1. परफ्यूम लगाने का शिष्ट तरीका अपनाएं. बहुत ज्यादा मात्रा में इस का इस्तेमाल करना फूहड़ता को दर्शाता है. परफ्यूम का हलका स्प्रे ही काफी होता है.
  2. पब्लिक मीटिंग, शोक, शोक सभा आदि में परफ्यूम लगा कर नहीं जाना चाहिए.
  3. डाक्टर, नर्स, टीचर आदि को परफ्यूम लगा कर ड्यूटी पर नहीं आना चाहिए.
  4. परफ्यूम को बौडी के प्लस प्वाइंट पर, जैसे कानों के पीछे, गरदन के पीछे, बगल, कलाइयों, कुहनियों के मोड़, घुटनों के पीछे, वक्षों के बीच वाले स्थान पर और कमर के इर्दगिर्द आदि जगहों पर लगा सकते हैं.
  5. परफ्यूम दिन में एक बार लगाएं. बारबार न लगाएं. परफ्यूम का अधिक इस्तेमाल करने से यह नुकसान पहुंच सकता है.
  6. एकसाथ कई परफ्यूम को मिला कर न लगाएं. इस से खुशबू का पता नहीं चलता है कि आप ने कौन से ग्रुप के परफ्यूम का इस्तेमाल किया है.
  7. परफ्यूम का इस्तेमाल करने के पहले उसे 1-2 दिन बौडी के किसी भाग में थोड़ा सा लगा कर टेस्ट कर लें. किसी प्रकार की जलन या खुजली होने पर उस परफ्यूम का इस्तेमाल न करें.
  8. परफ्यूम को आंख, मुंह, गुप्तांगों आदि पर न लगाएं. इन स्थानों पर परफ्यूम लगाना खतरनाक हो सकता है.
  9. बेकार, घटिया, सस्ते परफ्यूम न लगाएं. ये स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं.
  10. काफी पुराने या एक्सपायर्ड परफ्यूम स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं.
  11. जिम में ऐक्सरसाइज करने जाते वक्त परफ्यूम का इस्तेमाल न करें. यह नुकसानदायक होता है.
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