महानगर की भीड़-भाड़ और कंक्रीट के जंगलों में बदलते शहरों के कारण घर में रंगबिरंगे फूलों और हरियाली से भरा खूबसूरत गार्डन मानो सपने जैसा हो गया है. लेकिन अगर आप के पास छत है, तो अपने इस सपने को आसानी से पूरा कर सकते हैं और गार्डन में बैठ कर ताजा हवा का आनंद ले सकते हैं. हालांकि टैरेस गार्डन के नाम पर लोग थोड़ा हिचकिचाते हैं, क्योंकि आमतौर पर उन्हें यही लगता है कि एक तो यह काफी खर्चीला होता है, दूसरे गार्डन की वजह से घर में सीलन आने का डर रहता है. लेकिन अब ऐसा नहीं है, क्योंकि कई ऐेसे विकल्प हैं, जिन से आप घर में सीलन को आने से भी रोक सकती हैं और बहुत कम खर्च में ही टैरेस गार्डन बना सकती हैं. जानें कैसे:

वेस्ट मैटीरियल से शुरुआत

टैरेस गार्डन के कौन्सैप्ट की शुरुआत इसलिए हुई थी कि कई बार छत का प्रयोग ही नहीं हो पाता था. वहां घर का बेकार सामान डंप कर दिया जाता था. छत के बेहतर प्रयोग के अलावा घर में जो वेस्ट मैटीरियल बेकार रखा होता है, उस का भी यूज हो सके यानी घर की इतनी बड़ी स्पेस की वैल्यू भी निकले और वह यूज में भी आ सके.

घर में प्लास्टिक, स्टील आदि के कई खाली कंटेनर्स होते हैं. उन का प्रयोग प्लांटर के रूप में करते हैं या फिर जैसा कि बीयर की खाली बोतलों से हम ने फीचर वाल बनाई है. इस में लाइट वगैरह भी डाली जाती है. घर में लकड़ी का काम होता है. कई बार लकड़ी बच जाती है. ऐसे में पाइन वुड जो टर्माइडपू्रफ (दीमक) और वाटरपू्रफ होती है, उस का यूज भी कर सकते हैं. आर्टिफिशियल प्लांट्स का भी प्रयोग करते हैं. चूंकि टैरेस पर कई तरह की सर्विसेज भी होती हैं जैसे टंकी, पाइप आदि. इन को कैसे छिपाया जाए, टेबल को कैसे सैट किया जाए आदि पर भी ध्यान दिया जाता है. हम टैरेस गार्डन को ऐसे बनवाते हैं कि उस में खर्चा कम आए और ज्यादा से ज्यादा लोग उसे अपनी छत पर बनवा सकें.

कैसे हों पौधे और उन की मैंटेनैंस

टैरेस गार्डन में ऐसे पौधे लगाए जाते हैं, जिन में पानी का प्रयोग कम हो. कई बार लोग मैंटेनैंस के डर से भी टैरेस गार्डन नहीं बनवाते. इसलिए हम ने देखा कि कौन से प्लांट का प्रयोग किया जाए ताकि मैंटेनैंस कम हो. शुरुआत में आप टैरेस गार्डन में बोगिनविलिया के पौधे लगा सकते हैं. बोगिनविलिया ऐसा पौधा है, जो हर मौसम में चलता है. उस में फूल भी आते हैं और मैंटेनैस भी कम होती है. इस के अलावा बटन प्लांट्स में भी ऐसा ही होता है, जो बारिश के सीजन में अपनेआप बढ़ते हैं.

इस में हफ्ते में 2-3 दिन भी पानी दें तो पर्याप्त होता है. आजकल लोग अपनी छतों पर सब्जियां भी खूब लगा रहे हैं. अपने को बिजी रखने, अपनी हौबी को पूरा करने के लिए और्गैनिक गार्डनिंग कर सकते हैं, क्योंकि आजकल हर चीज के बीज आसानी से मिल जाते हैं. इन्हें औनलाइन भी खरीद सकते हैं. आप छत पर मिर्च, टमाटर, धनिया, पुदीना आदि आसानी से उगा सकते हैं.

हर मौसम में रखें सुरक्षित

बारिश का प्रभाव तो आप रोक नहीं सकते, क्योंकि कवर करने से कोई फायदा नहीं है. सब से जरूरी बात यह कि टैरेस गार्डन के लिए ऐसे मैटीरियल का प्रयोग किया जाए, जो मौसम के हिसाब से टिकाऊ हो. पौधों पर सब से ज्यादा गरमी का असर पड़ता है. ऐसे में गरमी के मौसम में पौधों को सुरक्षित रखने के लिए बास्केटबौल और क्रिकेट खेल के लिए प्रयोग होने वाले नैट, जिसे गार्डन नैट कहते हैं और जो आसानी से व सस्ती दर में मार्केट में मिल जाता है को 4 डंडे खड़े कर के उस से पौधों को ढक सकते हैं. इस से उन पर सीधी धूप नहीं पड़ती. बैंबू को बैस्ट मैटीरियल माना जाता है. यह गार्डन को नैचुरल लुक भी देता है. इस पर धूप या बारिश का भी असर नहीं पड़ता.

कम खर्च में खूबसूरत गार्डन

अकसर देखा जाता है कि लोगों के पास छत पर छोटी सी जगह होती है और वे उसे गार्डन का रूप देना चाहते हैं, लेकिन इस पर होने वाले खर्च की वजह से डर जाते हैं. लेकिन हम इस तरह के मैटीरियल का प्रयोग करते हैं, जिस में लागत कम आती है. हम छत पर लैंडस्केपिंग में ऐसी चीजों का प्रयोग करते हैं, जिस से लागत कम हो साथ ही आगे उस की मैंटेनैंस पर भी खर्च कम हो ताकि लोग अपने टैरेस गार्डन के शौक को पूरा कर सकें.

चूंकि टैरेस गार्डन के लिए एरिया नहीं देखा जाता कि वह छोटा है बड़ा. जगह के अनुसार काम करते हैं. इस में बहुत ज्यादा खर्च या मैंटेनैंस की जरूरत नहीं होती. इस के अलावा किसी को इस की देखभाल करने के लिए रखने की भी जरूरत नहीं होती है. सुबह या शाम को थोड़ा समय भी गार्डन को दिया जाए तो आसानी से गार्डनिंग का शौक पूरा किया जा सकता है.

टैरेस गार्डन बनाते वक्त ध्यान रखें

सब से ज्यादा ध्यान सीलन का रखना चाहिए. जहां भी गार्डन बना रहे हैं वहां लीकेज न हो. गमलों में या दूसरे कंटेनरों में भी पानी की लीकेज कम से कम हो ताकि पानी छत से होता हुआ घर में न जाए. एक बात और ध्यान में रखें कि छत पर बहुत ज्यादा हैवी चीजों का प्रयोग न करें ताकि छत पर लोड न आए. जो भी मैटीरियल लगाया जाए वह लंबे समय तक चलने वाला हो जैसे हम बैंबू का प्रयोग करते हैं, जो चीज एकदम बेकार हो जाती है हम उसे प्रयोग करने का प्रयास करते हैं. हम क्लाइंट की आवश्यकता के अनुसार सभी चीजें डिजाइन करते हैं.

गार्डन की सजावट

अगर छत पर किसी ओर दीवार है, तो उस पर कौन सा कलर प्रयोग करना है, कौन सा स्टोन लगाया जाए, फ्लोरिंग कैसी होगी, प्लांट कैसे हों, प्लांटर कैसे हों साथ ही लाइट्स कैसी हों जो खराब न हों, इस सब का ध्यान रखते हुए एक आकर्षक टैरेस गार्डन बनाया जाता है.

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