सवाल
मेरी समस्या वैक्सिंग के बाद होने वाली खुजली को ले कर है. मैं जब भी अपने अंडरआर्म्स वैक्स कराती हूं, वहां दाने हो जाते हैं और ईचिंग होती है. कृपया बताएं कि ऐसा क्यों होता है व इस से बचने के क्या उपाय हैं?
जवाब
कई बार हम जो डियोड्रैंट प्रयोग करते हैं वह भी अंडरआर्म्स में ईचिंग व दानों का कारण बन जाता है. इस के अलावा वैक्सिंग से भी कई बार ईचिंग हो जाती है. आप हमेशा प्रोफैशनल सैलून से वैक्सिंग कराएं. वैक्सिंग कराने से पहले प्रीवैक्स लोशन लगाएं. अगर त्वचा अधिक सैंसिटिव हो, तो सैंसिटिव स्किन औयल का प्रयोग भी अंडरआर्म्स में करें. इस से आप की समस्या का समाधान हो जाएगा.
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वैक्सिंग के नए तरीके
त्वचा को खूबसूरत, कोमल और अनचाहे बालों से आजाद बनाने के लिए वैक्सिंग से बेहतर कोई विकल्प नहीं. वैक्सिंग से न केवल अनचाहे बाल रिमूव होते हैं वरन टैनिंग जैसी समस्या भी दूर होती है. वैक्सिंग कराने के बाद सामान्यतया त्वचा कम से कम 2 सप्ताह तक मुलायम रहती है. जो बाल फिर से उगते हैं, वे भी बारीक और कोमल होते हैं. नियमित वैक्सिंग कराने से 3-4 सप्ताह तक बाल नहीं आते. समय के साथ बालों का विकास भी कम हो जाता है.
एल्प्स ब्यूटी क्लीनिक की डायरैक्टर भारती तनेजा के अनुसार वैक्स कई तरह की होती हैं:
सौफ्ट वैक्स यानी रैग्युलर वैक्स
यह सब से ज्यादा कौमन और इस्तेमाल की जाने वाली वैक्स है, जो शहद या चीनी के घोल से तैयार की जाती है. हेयर रिमूव करने के साथसाथ यह टैनिंग को भी रिमूव करती है और साथ ही स्किन को सौफ्ट व ग्लौसी बनाती है.
चौकलेट वैक्स
इस वैक्स की मदद से स्किन पोर्स बड़े हो जाते हैं, जिस से बाल आसानी से निकल जाते हैं और ज्यादा दर्द भी नहीं होता. इस के अलावा चौकलेट के अंदर स्किन सूदिंग तत्त्व पाए जाते हैं, जो बौडी को रिलैक्स करते हैं. कोको पाउडर बेस्ड इस वैक्स से बाल पूरी तरह रिमूव हो जाते हैं और स्किन सौफ्ट व स्मूद नजर आती है. इस वैक्स को कराने से रैड पैचेज पड़ने के आसार भी न के बराबर रह जाते हैं. यह वैक्स सैंसिटिव स्किन के लिए भी अच्छी साबित होती है. इस के अलावा चौकलेट का अरोमा बहुत ही आकर्षक होता है, जो विशेष आनंद की अनुभूति कराता है.
ऐलोवेरा वैक्स
ऐलोवेरा के पल्प से बनी यह वैक्स स्किन को नरिश करने के साथसाथ रिजुविनेट भी करती है. यह बौडी के सैंसिटिव एरिया जैसे अंडरआर्म्स और बिकिनी पार्ट के लिए काफी अच्छी होती है.
ब्राजीलियन वैक्स
यह भी हार्ड वैक्स का ही एक टाइप है, जिसे विशेष तौर पर बिकिनी एरिया के लिए ही बनाया गया है. इस से सभी जगह के अनचाहे बालों को जैसे आगे, साइड, पीछे और बीच में से रिमूव किया जाता है. वैक्सिंग के दर्द को कम करने के लिए इस वैक्स को जल्दी करना जरूरी होता है.
लिपोसोल्यूबल वैक्स
यह वैक्स औयल बेस्ड होती है. बालों की जड़ों पर तो इस की ग्रिप अच्छी होती ही है, साथ ही यह स्किन पर भी डैलिकेट होती है. इस वैक्स को इस्तेमाल करने से पहले स्किन पर औयल लगाया जाता है और बालों को रिमूव करने के लिए छोटीछोटी स्ट्रिप्स यूज की जाती हैं. यह वैक्स बहुत गरम भी हो जाए, तो भी स्किन को कोई नुकसान नहीं होता है.
इन बातों का भी रखें ध्यान
स्किन लेजर क्लीनिक के डर्मेटोलौजिस्ट डाक्टर मुनीष पाल कहते हैं कि वैक्सिंग कराने से पहले और बाद में कुछ सावधानियां जरूरी हैं. वैक्सिंग कराते समय त्वचा जल सकती है, लाल हो सकती है, त्वचा का संक्रमण हो सकता है. जहां वैक्सिंग की है वहां दर्द होना, त्वचा में जलन, त्वचा के रंग में बदलाव आना, फफोले पड़ना, त्वचा का टैक्स्चर बदल जाना, खुजली होना जैसी समस्याएं भी हो जाती हैं.
चेहरे पर वैक्सिंग
चेहरे पर अत्यधिक बाल होना कुछ महिलाओं के लिए बहुत बड़ी समस्या हो जाती है. कुछ पार्लर इस से छुटकारा पाने के लिए वैक्सिंग कराने की सलाह देते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि चेहरे पर वैक्सिंग कराना नुकसानदायक हो सकता है. चेहरे की त्वचा बहुत मुलायम होती है इसलिए समय से पहले झुर्रियां पड़ सकती हैं. अगर बाल मोटे हैं तो लेजर हेयर रिमूवल सर्वश्रेष्ठ विकल्प है. आप ब्लीचिंग का विकल्प भी चुन सकती हैं. वैक्सिंग से हेयर फौलिकल्स को बहुत नुकसान पहुंचता है जिस से संक्रमण और सूजन हो सकती है. इस के कारण दाग भी पड़ सकते हैं जिन का उपचार करना कठिन होता है.
वैक्सिंग के पहले
वैक्सिंग कराने से पहले इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है:
– वैक्सिंग करने वाले के हाथ बिलकुल साफ होने चाहिए.
– जिस हिस्से की वैक्सिंग करनी है वह भी पूरी तरह साफ होना चाहिए.
– वैक्सिंग किसी अच्छे पार्लर में ही कराएं.
– ध्यान रखें कि वैक्स और पट्टियां अच्छे ब्रैंड की हों.
– वैक्सिंग कराने से 1 दिन पहले त्वचा की स्क्रबिंग करें. यह मृत त्वचा को बाहर निकाल देती है, जो हेयर फौलिकल्स को बंद कर देती है, जिस के कारण हेयर इनग्रोन की समस्या हो सकती है.
वैक्सिंग के बाद
वैक्सिंग कराने के तुरंत बाद त्वचा लाल हो सकती है और उस पर रैशेज दिखाई दे सकते हैं, जो कुछ घंटों बाद अपनेआप गायब हो जाते हैं. यह हिस्टामिन रिऐक्शन के कारण होता है, क्योंकि वैक्सिंग बालों को जड़ों से निकाल देती है. यह बहुत जरूरी है कि उस क्षेत्र को साफ और बैक्टीरिया मुक्त रखा जाए.
– वैक्सिंग कराने के 24 घंटे बाद तक धूप में न निकलें.
– 12 घंटे तक कोई सनबाथिंग नहीं.
– 24 घंटे तक क्लोरीन युक्त स्विमिंग पूल में स्विमिंग न करें.
– स्पा और सोना बाथ भी न लें.
– कोई भी खुशबू वाली क्रीम न लगाएं वरना जलन हो सकती है.
– त्वचा पर बैक्टीरिया के विकास को रोकने के लिए टीट्री युक्त उत्पाद लगाएं.
– अगर वैक्सिंग के बाद त्वचा लाल हो गई हो तो 1/2 कटोरी वसारहित दूध में 1/2 कटोरी ठंडा पानी मिलाएं. इस में पेपर टौवेल भिगोएं और उसे त्वचा पर रखें. कुछकुछ घंटों में यह तब तक दोहराती रहें जब तक आराम न मिले. दूध में पाया जाने वाला लैक्टिक ऐसिड त्वचा को आराम पहुंचाता है.
– इनग्रोन हेयर ग्रोथ को रोकने के लिए वैक्स किए क्षेत्र पर तुरंत बर्फ लगाएं. इस से रोमछिद्र बंद हो जाएंगे और बैक्टीरिया का प्रवेश रुक जाएगा. कुछ देर बाद वैक्स किए क्षेत्र को सैलिसिलिक ऐसिड युक्त क्लींजर से धो लें.
– अगर वैक्सिंग के बाद जलन हो रही है, तो ऐलोवेरा युक्त क्रीम लगाएं. ध्यान रहे कि इस में अलकोहल नहीं होना चाहिए. जलन को कम करने के लिए बर्फ का इस्तेमाल भी कर सकती हैं.
– वैक्सिंग कराने के तुरंत बाद जिम न जाएं, क्योंकि इस से चिकनी त्वचा पर बैक्टीरिया फैलने का खतरा अधिक होता है.
– वैक्सिंग कराने के कुछ घंटों बाद तक टाइट कपड़े न पहनें, क्योंकि इस से त्वचा पर रगड़ लग सकती है और उस में जलन हो सकती है.
जरूरी सावधानियां
– किसी भी बड़े समारोह से ठीक पहले वैक्सिंग न कराएं, क्योंकि आप अंदाजा नहीं लगा सकतीं कि आप की त्वचा वैक्सिंग के प्रति क्या प्रतिक्रिया देगी.
– अगर आप वैक्सिंग कराती हैं, तो बीचबीच में शेव न करें. इस से बाल कड़े हो जाते हैं और वैक्सिंग करने में समस्या आती है. जिन्हें त्वचा संबंधी कोई समस्या है जैसे ऐक्जिमा, कहीं से त्वचा कटी हुई है या घाव है उन्हें वैक्सिंग से दूर रहना चाहिए.
– अगर वैक्सिंग कराने के 24 घंटे बाद तक त्वचा में दर्द या जलन हो तो तुरंत किसी त्वचारोग विशेषज्ञ को दिखाएं.
लेजर तकनीक
डाक्टर मुनीष पाल के मुताबिक अगर आप अपने चेहरे या शरीर के अनचाहे बालों से छुटकारा पाना चाहती हैं, तो वैक्सिंग या लेजर का विकल्प चुनें, क्योंकि इन में त्वचा शेविंग की तुलना में अधिक समय तक मुलायम रहती है.
लेजर के बाद कुछ महिलाओं में फिर से बालों का विकास होता है. लेकिन बालों के विकास का काल हर किसी में अलगअलग हो सकता है. लेजर ट्रीटमैंट के बाद जो बाल आते हैं वे पतले, मुलायम और हलके रंग के होते हैं. इसलिए लेजर को अनचाहे बालों से छुटकारा पाने का सब से अच्छा विकल्प माना जाता है. लेजर उपचार की कितनी सीटिंग्स लेनी होंगी और कितना खर्च आएगा यह इस पर निर्भर करता
है कि शरीर के किस भाग की त्वचा से बाल निकालने हैं और वहां बालों का विकास कितना है.