म्युचुअल फंड निवेश के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है. इसमे सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश करने की प्रक्रिया काफी सरल है. इस पर मिलने वाला रिटर्न बाजार में उपलब्ध निवेश के अन्य विकल्पों की तुलना में ज्यादा होता है. बता दें कि इक्विटी म्युचुअल फंड्स में वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून तक) में करीब 330 बिलियन रुपये का निवेश किया गया है. साल दर साल के आधार पर यह 15 फीसद की तेजी है.

कैसे जमा होंगे 20 लाख रुपये

इसी को देखते हुए आपको बता दें कि म्युचुअल फंड में यदि 3000 रुपये का निवेश 25 वर्ष तक किया जाता है और इस पर मिलने वाला ब्याज मान लीजिए कि 12 फीसद है तो आप एक अच्छी रकम जमा कर सकते हैं. एसआईपी कैल्कुलेटर पर गणना करें तो 25 वर्षों में आपकी ओर से करीब 9 लाख रुपये निवेश किये जाएंगे. इसपर 6 फीसद की महंगाई दर मानी गई है. आपको मिलने वाली राशि करीब 20.9 लाख रुपये होगी. यानी कि आपको 11.9 लाख रुपये का फायदा हो सकता है.

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एक्सपर्ट की राय

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आपके पास समय और जोखिम क्षमता दोनों है तो एसआईपी का चयन करना चाहिए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें मिलने वाले ब्याज की दर 15 से 16 फीसद तक भी पहुंच जाता है. इसमें आप महीने के 500 रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं. साथ ही इस पर मिलने वाला रिटर्न शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है.

क्या कहता है AMFI का डेटा

वहीं, इस साल मई महीने में एसआईपी में रिकौर्ड निवेश दर्ज किया गया है. मसलन, निवेशकों का रुझान इस औप्शन में बढ़ता दिख रहा है. एसोसिएशन औफ म्युचुअल फंड इन इंडिया (एएमएफआई) के डेटा के मुताबिक मई महीने में एसआईपी के जरिए 7304 करोड़ रुपये जुटाए गये हैं. यह आंकड़ा अप्रैल के 6690 करोड़ रुपये से नौ फीसद ज्यादा रहा है.

क्या होता है एसआईपी

सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान पूंजी को बढ़ाने के लिए एक बेहतर निवेश विकल्प है. इसमें निवेश की शुरुआत महज 500 रुपये की राशि के साथ भी की जा सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई और भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए इस निवेश राशि को अपनी आय में वृद्धि के अनुसार ही बढ़ाते रहना चाहिए.

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