आप अपनी उम्र को तो बढ़ने से नहीं रोक सकतीं, मगर बढ़ती उम्र के असर को जरूर कम कर सकती हैं. सरोज सुपर स्पैश्यलिटी हौस्पिटल की सीनियर डाइटीशियन निधि धवन के मुताबिक हम क्या खाते हैं और कैसे खाते हैं, इस का हमारी सेहत और सक्रियता से सीधा संबंध होता है.
क्या खाएं
– ऐंटीऔक्सीडैंट्स से भरपूर खाना जैसे सूखे मेवे, साबूत अनाज, चिकन, अंडे सब्जियां और फल खाएं. ऐंटीऔक्सीडैंट्स फ्री रैडिकल्स से लड़ते हैं और बुढ़ापे के लक्षणों को धीमा करते है. ये इम्यून सिस्टम मजबूत बना कर संक्रमण से भी बचाते हैं.
– दिन में कम से कम 1 कप ग्रीन टी पीने से उम्र बढ़ने पर याददाश्त ठीक रहती है.
– ओमेगा 3 फैटी ऐसिड्स और मोनो सैचुरेटेड फैट से भरपूर खानेपीने की चीजें जैसे मछली, सूखे मेवे, जैतून के तेल का इस्तेमाल करें, ओमेगा 3 आप को जवां और खूबसूरत बनाता है.
– विटामिन सी शरीर के लिए नैचुरल बोटोक्स के समान कार्य करता है. इस से स्किन टिश्यू हैल्दी रहते हैं और झुर्रियां नहीं पड़तीं. इस के लिए संतरा, मौसंबी, पत्तागोभी आदि खाएं.
– अगर कुछ मीठा खाने का मन करे तो गहरे रंग की चौकलेट खाएं. यह फ्लैवेनोल से भरपूर होती है जो ब्लड सर्कुलेशन सही रखने में सहायता करता है.
– दोपहर के खाने के साथ एक कटोरी दही जरूर खाएं. इस में कैल्सियम होता है जो औस्टियोपोरोसिस की परेशानी से बचाता है.
– युवा और सक्रिय रहना चाहती हैं तो ओवर ईटिंग से बचें. आप को जितनी भूख है उस का 80% खाएं.
क्या न खाएं
– खानेपीने की जिन चीजों से खून में शुगर का स्तर बढ़ जाता है. मीठे फल, जूस, चीनी आदि कम खाएं.
– सोयाबीन, कौर्न, कनोला औयल से बचें, क्योंकि इन में पौली सैचुरेटेड वसा अधिक मात्रा में होती है. जैतून के तेल का सेवन करें.
– लाल मांस, पनीर, फुल फैट दूध और क्रीम में अत्यधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट होता है. इस से दिल की धमनी ब्लौक हो सकती है.
– सफेद ब्रैड, पास्ता, पिज्जा आदि कम खाएं.
डा. निधि कहती हैं, ‘‘मोटापे और कैलोरी इनटेक में सीधा संबंध है. मोटापा बढ़ने से न केवल सेहत खराब होगी, बल्कि शारीरिक सक्रियता भी घटेगी.’’
जीवनशैली में बदलाव
जेपी हौस्पिटल, नोएडा की डा. करुणा चतुर्वेदी के मुताबिक अपनी रोजमर्रा की आदतों में ये छोटेछोटे बदलाव ला कर हम लंबे समय तक युवा और सक्रिय रह सकते हैं:
– अपने दिमाग को हमेशा व्यस्त रखें. कुछ नया सीखती रहें ताकि दिमाग सक्रिय रहे.
– अपने हारमोन स्तर पर नियंत्रण रखें ताकि आप एजिंग से जुड़े लक्षणों से दूर रह सकें.
– कम से कम 6-7 घंटे जरूर सोएं. जब आप सो रही होती हैं तो त्वचा की कोशिकाएं अपनी मरम्मत करती हैं जिस से त्वचा की झुर्रियां और फाइन लाइंस दूर हो जाती है.
– आप चीजों को किस नजरिए से देखती हैं यह भी महत्त्वपूर्ण है. हर चीज के सकारात्मक पहलू को देखें, अपनेआप को खुश और मोटिवेटेड रखें.
त्वचा को जवां और सुरक्षित रखें
– धूप में जाने से त्वचा का रंग काला पड़ जाता है. फिर काले हिस्सों पर झुर्रियां जल्दी पड़ती हैं. इसलिए बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूर करें.
– त्वचा को स्वस्थ व हाइड्रेटेड बनाए रखने के लिए त्वचा के अनुसार नौनटौक्सिक मौइश्चराइजर चुनें. सोने से पहले इसे जरूर लगाएं.
फेशियल ऐक्सरसाइज
चेहरे की पेशियों की कसरत चेहरे को झुर्रियों से बचाती है. माथे को झुर्रियों से बचाने के लिए अपने दोनों हाथों को माथे पर रखें और उंगलियों को हेयरलाइन और भौंहों के बीच फैला लें. धीरेधीरे उंगलियों को हलके दबाव के साथ बाहर की ओर खिसकाएं.
कुछ फेशियल ऐक्सरसाइज
चीकू लिफ्ट: अपने होंठो को हलके से बंद करें और गालों को आंखों से बंद करें और गालों को आंखों की ओर खींचने की कोशिश करें. चौड़ी मुसकान के साथ अपने होंठों के बाहरी कोनों को उठाएं. कुछ समय इसी मुद्रा में रहें. मुसकराना गालों के लिए अच्छा व्यायाम है.
फिश फेस: यह गालों और जबड़ों के लिए अच्छा व्यायाम है. इस से आप के होंठ सही शेप में आ जाते हैं. हलके से होंठ बंद करें. गालों को जितना हो सके भीतर की ओर खींचे. इसी मुद्रा में मुसकराने की कोशिश करें और 15 सैकंड्स तक इसी मुद्रा में रहें. इसे 5 बार दोहराएं.
पपेट फेस: यह व्यायाम पूरे चेहरे पर काम करता है. यह गालों की पेशियों को मजबूत बनाता है, जिस से वे ढीली नहीं पड़तीं. अपनी उंगलियों के पोरों को गालों पर रखें और मुसकराएं. गालों को ऊपर की ओर खींचे और मुसकान की मुद्रा में कुछ समय तक रहें.