त्योहारों के मौसम में मिलनाजुलना बढ़ जाता है. एकदूसरे के घर आनाजाना शुरू हो जाता है. वैसे तो हम उस देश में रहते हैं जहां ‘अतिथि देवो भव’ गूंजता है, पर आज के बदलते दौर में बिना सूचना दिए मेहमानों के आने से मेजबान का कुछ परेशान हो जाना लाजिम है. अत: अच्छे मेहमान बनने के थोड़ी शिष्टाचार, कुछ शालीनता और थोड़ी विनम्रता का रसपान करेंगे तो आप पाएंगे कि आप का हर मेजबान आप को मेहमान बनाने का इच्छुक हो उठेगा.
आइए जानें कुछ ऐसे टिप्स जो आप को ट्रैंडी मेहमान की श्रेणी में पहुंचा देंगे:
पूर्व सूचना अवश्य दें: वह समय बीत गया जब दरवाजा खोला और मेहमान को सामने पाया. आज के समय में सभी अपने जीवन में व्यस्त हैं. ऐसे में बिना बताए किसी के घर धमक जाना अशिष्टता की श्रेणी में आता है. यदि आप किसी के घर जा रहे हैं, तो बिना सूचित किए कदापि न जाएं. हमेशा पूर्व सूचना दे कर ही पहुंचें ताकि मेजबान आप के आने के समय में खुद को फ्री रख आप के स्वागत की तैयारी कर सके.
पहुंचने का समय बताएं: मेजबान को फोन कर पार्टी में पहुंचने का समय बताना अच्छा रहता है ताकि आप के लिए पूरी सभा प्रतीक्षारत न रहे. मेजबान का फोन नंबर साथ रखें. यदि आप कहीं भटक जाएं तब यह नंबर आप के काम आएगा. यदि आप को पहुंचने में समय लग रहा है तब आप इसी नंबर पर मेजबान को सूचित कर पाएंगे.
मेजबान के लिए गिफ्ट ले जाएं: खाली हाथ किसी के घर जाना शालीन नहीं लगता. मेजबान घर के सदस्यों के अनुसार आप कोई गिफ्ट चुन सकते हैं. यदि उस घर में बच्चे हैं, तो चौकलेट, हमउम्र हैं, तो फूलों का गुलदस्ता और यदि बुजुर्ग हैं, तो फल, मेवा आदि ले जा सकते हैं. गिफ्ट अवसर के अनुरूप होना चाहिए.
मान लीजिए आप को गृहप्रवेश में बुलाया गया है तो घर की साजसज्जा की कोई वस्तु, सालगिरह है, तो उन की पसंद का परफ्यूम और यदि गोद भराई की पार्टी है, तो आने वाले नन्हे शिशु के लायक कोई खिलौना या नहलाने की किट काम आ सकती है.
बातचीत करें: किसी के घर मिलने जाएं तो केवल मिलने की रस्मअदायगी के लिए नहीं, बल्कि उन से बातचीत करें. घर से सोच कर जाएं कि वहां क्या बातें की जा सकती हैं. कुछ ऐसे विषय चुनें जिन में सभी भाग ले सकें. जिन विषयों से बहस होने का अंदेशा हो जैसे राजनीति या धर्म उन से दूर ही रहें. अच्छा रहेगा कि आप कुछ ऐसे अनुभवों के बारे में बात करें जो घूमनेफिरने या फिर मेजबान से पहली मुलाकात के बारे में हों.
सब से मिलेंजुलें: चाहे आप अन्य लोगों से परिचित न हों, किंतु जो भी मेजबान हों, आप उन सभी से मिलनेजुलने का प्रयास करें. हो सकता है आप न समझ पाएं कि क्या बातचीत की जाए, क्योंकि आप उन्हें पहले से जानते नहीं हैं. ऐसे में और लोगों को बोलने दें. आप केवल सुनें. धीरेधीरे बातचीत में आप की भागीदारी बढ़ जाएगी.
फौर्मल डिनर पर: यदि आप को फौर्मल डिनर पर जाना है, तो टेबल मैनर्स सीख कर जाने में समझदारी है. कटलरी का उपयोग आने से आप सब की नजरों में अपने लिए एक सम्मानजनक स्थान बना सकेंगे. चपाती खाते समय रोटी का रोल बना लेने से हाथमुंह सनते नहीं हैं.
धन्यवाद अवश्य दें: बिदा लेते समय मेजबान को धन्यवाद दें. उन की मेजबानी की दिल खोल कर प्रशंसा करें. प्रशंसा ऐसी मुफ्त की चीज होती है जो ‘हींग लगे न फिटकरी और रंग भी चोखा आए’ वाले मुहावरे को सिद्ध करती है. आप उन की पोशाक की, घर की साजसज्जा की, परोसे गए खाने की, यहां तक कि घर के नक्शे की भी तारीफ कर सकते हैं.
कुछ नुकसान हो जाए तो: यदि गलती से आप से मेजबान का कुछ नुकसान हो जाए, मसलन कोई क्रौकरी अथवा फूलदान टूट जाए तो छिपा कर न चल दें. उन से इस बारे में माफी मांग लें और अगले दिन सभ्याचार दिखाते हुए कोई छोटा सा गिफ्ट भिजवा दें. इस छोटे से कदम से आप का मेजबान आप की गलती भुला कर आप के प्रति नतमस्तक हो उठेगा.