स्टूडैंट लाइफ जी रही रीता एक दिन बहुत परेशान थी. कई तरह की आशंकाएं उस के दिमाग में उठ रही थीं. उसे पूरा यकीन था कि वह खुद भी अनजाने में ऐसे गुप्त हथियार का शिकार हुई है, जो उस का सामाजिक जीवन खराब कर सकता है. पर सुकून इस बात का भी था कि उस हथियार का इस्तेमाल करने वाला पकड़ा गया था. रीता शायद कभी परेशान न हुई होती यदि उसे पता नहीं चलता कि शहर के एक कपड़ों के शोरूम के ट्रायलरूम में हिडेन कैमरा पकड़ा गया है. रीता को चूंकि शौपिंग का शौक था, इसलिए अकसर उसी शोरूम में कपड़ों की खरीदारी करने जाती थी. उसे इस बात का पछतावा था, लेकिन दिल के एक कोने में सुकून भी था कि अब शर्मनाक सिलसिला किसी के साथ नहीं चलेगा.

रीता कोई अकेली लड़की नहीं, बल्कि कब कौन युवती या महिला हिडेन कैमरे का शिकार हो जाए, कोई नहीं जानता. 1 साल पहले राजधानी दिल्ली के लाजपतनगर की सैंट्रल मार्केट में ब्रैंडेड कपड़ों के एक शोरूम में जो सच सामने आया था वह बेहद चौंकाने वाला था. दरअसल, एक मल्टीनैशनल कंपनी में नौकरी करने वाली रूबी शोरूम गई. ट्रायलरूम में उस ने देखा कि एक गैप के पीछे की तरफ कैमरा लैंस है. उस ने बाहर निकल कर चैक किया, तो वहां चालू हालत में वीडियो मोड पर मोबाइल लगा हुआ दिखा. हंगामा हुआ तो पुलिस आ गई. इस के बाद पता चला कि शोरूम कर्मी ही इस शर्मनाक करतूत को अंजाम दे रहा था. पुलिस ने उस के खिलाफ छेड़छाड़ की धारा- 354, 354 (सी) व आईटी ऐक्ट के अंतर्गत केस दर्ज कर के जेल भेज दिया.

सार्वजनिक जीवन में संकट

इस से पहले नोएडा शहर के एक गर्ल्स होस्टल के बाथरूम में भी हिडेन कैमरा पकड़ा गया था. जांच के दौरान वहां 3 कैमरे मिले थे.

जयपुर की रहने वाली एक युवती ने एक शोरूम में अपने लिए नए कपड़े खरीदे. कपड़ों को पहन कर देखने के लिए वह चेंजिंगरूम में गई. उस ने 3 टौप बदल कर देखे तभी अचानक उस की नजर छत पर लगे कैमरे पर गई, तो उस के होश उड़ गए. पुलिस ने इस मामलें में काररवाई की.

इस तरह के कई मामले सामने आने लगे हैं. गत वर्ष भाजपा नेत्री स्मृति इरानी ने गोवा स्थित फैब इंडिया के शौरूम के ट्रायलरूम में हिडेन कैमरा पकड़ा. कंप्यूटर हार्डडिस्क की जांच हुई, तो पता चला कि जो भी महिला कपड़े बदलती थी उस के पेट के ऊपर के हिस्से की रिकौर्डिंग होती थी.

ट्रायलरूम, गर्ल्स होस्टल, बाथरूम, कालेज, सार्वजनिक शौचालय, होटल के कमरे में लगा हिडेन कैमरा किसी को भी अपना शिकार बना सकता है. ऐसे में युवतियों व महिलाओं को ऐसी जगहों का इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह छानबीन कर लेनी चाहिए. सतर्क नहीं होंगे तो आप की तसवीरों और वीडियो को पोर्न वैबसाइट से ले कर सोशल मीडिया तक  सार्वजनिक किया जा सकता है.

कौन शातिर हिडेन कैमरे से आप की तसवीरें या वीडियो उतार ले कुछ कहा नहीं जा सकता. सार्वजनिक जीवन में बड़ा संकट आ सकता है. ट्रायलरूम के शीशे के पीछे से भी कोई आप को देख सकता है. इस की खबर भी नहीं होगी. कुछ खास किस्म के कांच किसी भी ट्रायलरूम में हो सकते हैं, जो दिखने में बिलकुल सामान्य लगते हैं. अगर किसी जगह कोई छोटी लाइट या काला बिंदु नजर आए तो सावधान हो जाना चाहिए. ऐसा स्थान जो खासतौर पर महिलाओं के लिए ही बनाया गया हो वहां कैमरे होने की संभावना सब से अधिक होती है. ट्रायलरूम में कपड़े बदलते वक्त पता भी नहीं होता कि वहां कैमरा लगा है.

शिकार होने से बचें

कई बार शातिर लोग वीडियो रिकौर्ड कर के उसे एमएमएस के तौर पर तैयार कर लेते हैं और फिर ब्लैकमेल भी करते हैं. हरियाणा के रोहतक का मामला कुछ ऐसा ही रहा जहां एक लड़की का एमएमएस तैयार कर के उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई. दरअसल, स्टेडियम में कुश्ती की प्रैक्टिस करने वाली एक नाबालिग का चेंजिंग रूम में वीडियो तैयार कर के सैक्सुअल रिलेशन का प्रैशर बनाया. प्लेयर तनाव में आ गई, जिस के चलते उस ने आत्महत्या का प्रयास किया, तो मामला खुला.

वैसे किसी होटल या अनजान कमरे में जाते समय कुछ सावधानियां बरती जाएं, तो हिडेन कैमरे का शिकार होने से बचा जा सकता है. जानकार मानते हैं कि यदि कहीं हिडेन कैमरा नजर आ जाए, तो उसे बिलकुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आप की खामोशी दूसरी महिलाओं के लिए मुसीबत बन सकती है. कैमरा पकड़ में आए, तो मौके पर खुद फैसला करने की कतई न सोचें. ऐसे में शोरशराबा करने और झगड़े से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसी जगहों के संचालक सुबूतों को नष्ट कर सकते हैं. बेहतर तरीका यही है कि अपने परिचितों के साथ पुलिस को तत्काल सूचना दे दी जाए.

मानसिक रूप से बीमार

साइबर क्राइम ऐक्सपर्ट कर्मवीर सिंह कहते हैं कि किसी मौल, होटल या रेस्तरां आदि के ट्रायल या बाथरूम में महिलाओं को देखना चाहिए कि वहां की दीवारें गहरे रंग की न हों. सफेद रंग की दीवारें होने पर खुफिया कैमरे के होने की संभावना नहीं होती, क्योंकि कैमरे का लैंस व्हाइट नहीं होता. गहने रंग वाली दीवारों में कैमरा लगाना आसान होता है और वह पकड़ में भी नहीं आता. ट्रायलरूम में पूर्ण प्रकाश व्यवस्था होनी चाहिए. प्रकाश कम होगा, तो कैमरे को पकड़ना मुश्किल होगा.

डाक्टर फरीदा खान कहती हैं, ‘‘ऐसे लोग किसी न किसी रूप में मानसिक रूप से बीमार होते हैं, वे कुंठित होते हैं. जब वे गलत तरीके की हरकतें करने की हिम्मत नहीं कर पाते, तो अपनी कुंठाओं को शांत करने के लिए इस तरह के वीडियो बना कर देखते हैं और उन का गलत इस्तेमाल भी करते हैं. उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं होता कि वीडियो सार्वजनिक करने से किसी की जिंदगी भी तबाह हो सकती है.’’

राजकोट में सामने आया एक मामला इसी कुंठा से मिलताजुलता है. एक फोटोग्राफर ने अपने स्टूडियो में ट्रायलरूम बनाया था जहां महिलाएं फोटो खिंचाने के लिए कपड़े बदलती थीं. उस ने वहां एक कैमरा छिपा कर रखा था. जैसे ही कोई ग्राहक वहां कपड़े बदलने के लिए जाती थी, तो वह चुपके से कैमरा औन कर देता था, जिस की रिकौर्डिंग उस के कंप्यूटर में होती थी.

घिनौनी मानसिकता

उत्तराखंड के देहरादून शहर के एक व्यक्ति ने तो सभी सीमाओं को लांघ दिया. अधेड़ उम्र का सरबजीत पेशे से सिविल इंजीनियर था. वह हमेशा आदर्श व संस्कारों की बात किया करता था. यों तो वह खुद 2 शादीशुदा बेटियों का पिता था, लेकिन हकीकत में वह इनसानियत को शर्मसार कर देने वाली घिनौनी मानसिकता का वारिस था. जवान लड़कियों के जिस्म को देखना और उन की क्लिप तैयार करना उस का रोजमर्रा का काम था. अनगिनत लड़कियों को बेलिबास देख कर वह अपनी कुंठा को शांत करता था. लड़कियों के बाथरूम में लगाए गए वैब कैमरे के जरीए वह उन की हर हलचल को अपने बैडरूम में लगे कंप्यूटर पर गुपचुप देखता था. वह अकेला रहता था और अपने घर के कमरों में छात्राओं को ही बतौर किराएदार रखता था. उसे खुद भी याद नहीं था कि उस ने अब तक कितनी लड़कियों को अपनी गंदी नजरों का शिकार बनाया. इस अजीब मानसिकता का भी वह शिकार था कि जल्द ही वह एक लड़की को देख कर उकता जाता था और नई लड़की की ख्वाहिश जाग उठती थी, तो वह बहाने से कमरा खाली करा लेता था. वह पकड़ा नहीं जाता, यदि एक लड़की की नजर बाथरूम के गीजर में लगे कैमरे पर न गई होती.            

यहां हो सकते हैं कैमरे

हिडेन कैमरा छिपाने की कुछ खास जगहें निर्धारित होती हैं. इस के लिए पहले से सतर्क रहा जाए, तो किसी के गलत इरादों से बिलकुल बचा जा सकता है. ऐक्सपर्ट्स की मानें, तो जिन चीजों में कैमरा होने की संभावना अधिक होती है उन में फूलों के गमले, फोटो फ्रेम, छत के सैंटर में लगा पंखा, बाथरूम का शावर, गैस या बिजली का गीजर, बिजली का स्विच, कमरे के हैंगर हुक, दीवार की घड़ी, फैंसी लाइट व बेकार रखे टीवी रिमोट शामिल होते हैं. इस के अलावा कपड़ों के शोरूम के ट्रायलरूम में भी कैमरा होने की संभावना ज्यादा होती है.

शरीर के ऊपरी भाग को कवर करने वाले कैमरे दीवार के बल्ब, दरवाजे, अलमारी के हैंडल या डिजाइन में हो सकते हैं.

शरीर के निचले भाग को कवर करने वाला कैमरा किसी बेकार पड़े सामान, स्टूल, मेज या दरवाजे के अंदर सफाई से छिपाया गया हो सकता है. शीशे के पीछे भी कैमरा हो सकता है. होस्टल या होटल के रूम में कैमरा शीशे के पीछे, टीवी सैट के अंदर, सजावटी सामान या एसी में हो सकता है. वाशरूम में कैमरा आमतौर पर शीशे के पीछे, किसी कोने या किसी सजावटी वस्तु में हो सकता है.

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