कुदरत का खूबसूरत तोहफा है आंखें. किसी भी काम को करने के लिए सबसे जरूरी हमारी आंखें होती है, लेकिन गरमियों में सूरज से निकलने वाली नुकसानदायक अल्ट्रावायलट किरणें बौडी के साथ-साथ आंखों पर भी बुरा असर डालती है. दरअसल, आंखों को दिमाग से जोड़ने वाली बारीक शिराएं आंखों की स्किन के बहुत नजदीक होती हैं, इसलिए ज्यादा देर धूप में रहने से आंखों को नुकसान पहुंचता है. वहीं पौल्यूशन का भी असर आपकी आंखों पर पड़ता होगा. जिन्हें बचाना बेहद जरूरी है…
1. आंखों में परेशानियों को पहचानें
अगर आपकी आंखों में जलन, आंखें लाल होना, आंखों से पानी आना, आंखों में चुभन, कंजंक्टिवाइटिस की बिमारी होती है.
ये भी पढ़ें : जानिए सुबह में नारियल पानी पीने के 5 बड़े फायदे
2. ठंडे पानी से आंखों को धोएं
धूप से लौटने के बाद बौडी का तापमान बढ़ जाता है इसलिए पहले बौडी को धीरे-धीरे नार्मल टैम्प्रेचर पर आने दें. इसके लिए पंखे के नीचे पांच मिनट तक बैठ जाएं. इसके बाद ठंडे पानी से चेहरे और आंखों को अच्छी तरह धोएं. आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें और फिर मुलायम टावल से फेस को पोछें. अगर आंखों में जलन ज्यादा है और आंखें लाल हैं तो बर्फ से आंखों की सिंकाई करें.
3. आंखों को बार-बार न रगड़ें
आंखों में चुभन, जलन हो या कोई धूल कण चला जाए तो कुछ लोग फौरन ही आंखों को रगड़ने लगते हैं. ऐसा करने से आंखों को कई तरह के नुकसान होते हैं लिहाजा, ऐसा कभी न करें. अगर आंखों में किसी तरह की दिक्कत हो तो साफ रुमाल या कपड़े से इसे हल्के हाथों से सहलाएं और ठंडे पानी से धोएं.
ये भी पढ़ें : कम उम्र में बालों के सफेद होने के ये हैं 5 बड़े कारण
4. धूप में निकलें तो जरूर पहनें सनग्लासेज
धूप के सनग्लासेज सूरज से निकलने वाली घातक यूवी किरणों से आंखों की रेटीना को बचाने का काम करता है. तेज धूप की वजह से आंखों की रोशनी पर प्रतिकूल असर पड़ने के साथ ही धूल के कण रेटिना को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा तेज धूप में यूवी किरणों से आंखों के ऊपर बनी टीयर सेल यानी आंसूओं की परत टूटने लगती है. यह स्थिति कौर्निया के लिए हानिकारक हो सकती है. आंखों के कौर्निया को भी यूवी किरणों से उतना ही नुकसान पहुंचता है जितना रेटीना को. लिहाजा धूप में निकलते वक्त सनग्लासेज पहनने से इस परेशानी से बचा जा सकता है.
जानिए क्यों कभी मिस नहीं करना चाहिए सुबह का नाश्ता
edited by- rosy