शिशु का जन्म घरआंगन में खुशियों के साथसाथ जिम्मेदारी भी ले कर आता है. जिम्मेदारी नवजात की सही परवरिश और उस की कोमल देखभाल की. ऐसे में नई मांओं के सामने यह जिम्मेदारी किसी चुनौती से कम नहीं होती, क्योंकि शिशु की देखभाल से संबंधित कई अहम बातों की जानकारी उन्हें नहीं होती.

स्तनपान के जरीए नवजात के शरीर  का आंतरिक विकास तो सही ढंग से होता  रहता है, मगर उस की त्वचा को सेहतमंद व सुरक्षित रखने के लिए ज्यादा देखभाल की  जरूरत पड़ती है.

पेश हैं, कुछ सुझाव जो शिशु की त्वचा की कोमल देखभाल में आप के बेहद काम आएंगे:

बेबी बाथ

शिशु को नहलाते समय व नहलाने के बाद यहां बताई गई बातों का ध्यान रखें:

  1. शिशु के नहाने का पानी या तो साधारण तापमान पर या फिर कुनकुना होना चाहिए. उस के शरीर को हाथों की सहायता से धीरेधीरे पानी डालते हुए साफ करें.
  2. शिशु को नहलाने के लिए सौम्य बेबी सोप या लोशन का ही इस्तेमाल करें. किसी अन्य साबुन या लोशन का इस्तेमाल उस की नाजुक त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है.
  3. शिशु के बालों को साफसुथरा रखने के लिए बेबी शैंपू का ही इस्तेमाल करें. शैंपू को हथेलियों पर हलका सा रगड़ने के बाद शिशु के बालों में लगाएं. पानी से साफ करने के लिए शिशु को अपनी गोद में बैठा कर हथेलियों में पानी ले कर धीरेधीरे सिर के आगे से पीछे की तरफ शैंपू साफ करें. ऐसा करने से शैंपू शिशु की आंखों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा.
  4. नहलाने के बाद नरम तौलिए से थपथपा कर शिशु के शरीर को सुखाएं

बेबी मसाज

बच्चे के संपूर्ण विकास में उस की मालिश का सब से ज्यादा महत्त्व है. मालिश बच्चे की त्वचा के साथसाथ उस की हड्डियों को भी मजबूती व पोषण देती है. शिशु की मालिश के दौरान इन बातों का ध्यान रखें:

  1. शिशु की मालिश के लिए पोषणयुक्त, कैमिकलरहित बेबी मसाज औयल का ही इस्तेमाल करें.
  2. मालिश शुरू करने से पहले शिशु को आरामदायक स्थिति में लिटा लें. फिर हथेलियों पर तेल ले कर सब से पहले शिशु के पैरों की मालिश करें. इस के बाद हाथों व अन्य हिस्सों जैसे छाती व पीठ की मालिश करें.
  3. मालिश करते समय शिशु के शरीर पर दबाव न डालें.
  4. शिशु की मालिश हमेशा स्तनपान कराने से पहले ही करें.
  5. शिशु की हथेलियों और तलवों पर भी मसाज औयल जरूर लगाएं. इस के साथसाथ उस के हाथों और पैरों की अंगुलियों की भी हलके हाथों से मालिश करें.

बेबी स्किन केयर ऐंड हाइजीन

  1. शिशु की त्वचा की कोमलता बनाए रखने में इन बातों की भी बड़ी भूमिका है:
  2. शिशु के नाजुक अंगों की साफसफाई के लिए तौलिया इस्तेमाल करने के बजाय सौफ्ट बेबी वाइप्स का प्रयोग करें. तौलिया या अन्य किसी कपड़े का इस्तेमाल करने से शिशु की त्वचा पर रैशेज पड़ने का खतरा रहता है.
  3. नहलाने के बाद शिशु को कपड़े पहनाने से पहले उस के शरीर पर सौम्य बेबी पाउडर लगाएं. बेबी पाउडर की सुगंध बच्चे को ताजगी का एहसास देती है.
  4. बच्चे की नैपी को समयसमय पर चैक करती रहें ताकि गीलेपन की वजह से बच्चे के नाजुक अंगों को नुकसान न पहुंचे.
  5. बच्चे को नहलाने के बाद बेबी इयरबड्स की सहायता से उस के कानों में जमा शैंपू का पानी साफ करना न भूलें.

इन बातों का ध्यान रखने के साथसाथ शिशु के सही शारीरिक विकास के लिए हमेशा सौम्य बेबी प्रोडक्ट्स का ही चुनाव करें. शिशु की कोमल देखभाल का यह दौर आप के जीवन का सब से यादगार दौर होता है. इसलिए उस की कोमलता का ध्यान रखें.

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