हाल ही में प्रसिद्ध ऐक्टर जीतेंद्र के सुपुत्र तुषार कपूर ने कुंआरा बाप बन कर पूरी फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया. तुषार कपूर के अनुसार वे पिता का सुख पाना चाहते थे और उस के लिए ज्यादा इंतजार भी नहीं करना चाहते थे लिहाजा, उन्होंने सैरोगेसी का सहारा लिया. वे बच्चों को बहुत पसंद करते हैं, लेकिन उन का फिलहाल शादी का कोई इरादा नहीं है. दरअसल, जब उन की डाक्टर फिरोजा पारीख से मुलाकात हुई तो उन्होंने उन्हें आईवीएफ के जरिए सैरोगेसी के सहारे बच्चा पैदा करने का सुझाव दिया. उन्हें डाक्टर का यह सुझाव पसंद आया और उन्होंने उस को फौलो किया. फाइनली वे एक बच्चे के पिता बन गए हैं जिस का नाम उन्होंने लक्ष्य रखा है. फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने किराए की कोख यानी सैरोगेसी और टैस्टट्यूब बेबी जैसी नई मैडिकल तकनीक के जरिए बच्चों को जन्म दिया है.

एक समय था जब मातापिता इस तकनीक को गलत मानते थे और कुछ लोगों की यह भी धारणा थी कि मैडिकल साइंस के द्वारा जन्मे बच्चे स्वस्थ नहीं होते और उन की उम्र भी ज्यादा नहीं होती. लेकिन धीरेधीरे मैडिकल साइंस ने साबित कर दिया कि मैडिकल साइंस के जरिए न सिर्फ बच्चे जन्मे जा सकते हैं बल्कि वे स्वस्थ भी होते हैं. इसी के चलते काफी साल पहले सुभाष घई ने टैस्टट्यूब के जरिए एक बच्ची को जन्म दिया था जिस का नाम है मुसकान.

सुभाष घई को भी बच्चे का सुख प्राप्त करने में मुश्किलें आ रही थीं जिस के चलते उन्होंने एक बेटी को गोद लिया. उस के बाद कई साल के बाद उन को टैस्टट्यूब बेबी की जानकारी मिली और टैस्टट्यूब बेबी के जरिए एक बच्ची को उन की पत्नी रेहाना ने जन्म दिया.

बांझपन दुखदायी

एक औरत के लिए मां बनना सब से सुखद एहसास होता है जबकि किसी महिला के लिए बांझ कहलाना सब से ज्यादा दुखदायी होता है, लेकिन आज मैडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि सैरोगेसी का सहारा ले कर सिर्फ स्त्री ही नहीं बल्कि पुरुष भी बाप बनने का सुख प्राप्त कर सकते हैं. अगर आप के पास पैसा है और आप मां या बाप बनने की इच्छा रखते हैं तो यह कार्य अब मुश्किल नहीं है. सूत्रों के मुताबिक सैरोगेसी या टैस्टट्यूब बेबी के जन्म के लिए लाखों में खर्च आता है. सैरोगेसी के लिए तकरीबन 10 से 15 लाख रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं.

बौलीवुड में सैरोगेसी

फिल्म इंडस्ट्री में ज्यादा से ज्यादा मैडिकल साइंस का सहारा ले कर बच्चे पैदा करने का चलन है. इस की कई वजह हैं, जैसे कि कुछ लोग कैरियर बनाने के चक्कर में उस उम्र को पार कर गए जब बच्चे नैचुरल तौर पर पैदा किए जा सकते हैं. बढ़ती उम्र में शादी कर के बच्चे पैदा करना मुश्किल ही नहीं खतरनाक भी साबित हो सकता है, इसीलिए कुछ बड़ी उम्र के मातापिता ने टैस्टट्यूब बेबी या सैरोगेसी का सहारा ले कर बच्चा पाने का सुख प्राप्त किया.

इस के लिए कोरियोग्राफर डायरैक्टर फराह खान का नाम सब से पहले आता है जिन्होंने मैडिकल साइंस के जरिए 3 बच्चों को एकसाथ जन्म दिया. फराह खान के अलावा शाहरुख खान और आमिर खान ने भी 50 की उम्र में सैरोगेसी से पिता बनने का सुख प्राप्त किया. शाहरुख खान ने इस उम्र में बाप बनने का मन इसलिए बनाया, क्योंकि जब उन के 2 बच्चों सुहाना और आर्यन का जन्म हुआ था तो वे अपने अभिनय कैरियर को संवारने में इतने व्यस्त थे कि उन को अपने बच्चों का बचपन ऐंजौय करने का समय ही नहीं मिला. लिहाजा, अबराम के जरिए अब वे अपने बच्चे का बचपन ऐंजौय कर रहे हैं.

शाहरुख खान की तरह आमिर खान ने भी अपनी दूसरी पत्नी किरण के लिए सैरोगेसी के जरिए एक बच्चे को जन्म दिया जिस का नाम आजाद है. आमिर खान की तरह सोहेल खान ने भी सैरोगेसी का सहारा ले कर एक बेटे को जन्म दिया. इस के अलावा 400 से ज्यादा मलयालम, तेलुगू, तमिल और हिंदी फिल्मों में काम कर चुकी शोभना की बेटी नारायणी भी सिंगल पेरैंट हैं.

फिल्म विक्की डोनर

पिछले दिनों मैडिकल साइंस द्वारा बच्चे पैदा करने की पद्धति को ले कर एक फिल्म बनी थी ‘विक्की डोनर.’ इस फिल्म का हीरो आयुष्मान खुराना पैसा कमाने के लालच में अपने स्पर्म बेचता है और उस की वजह से करीबन 46 लोगों को मांबाप बनने का सुख प्राप्त होता है. इस फिल्म व मैडिकल साइंस के जरिए बच्चे पैदा करने की प्रथा को बढ़ावा दिया गया था जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया.

करण जौहर भी सैरोगेसी के जरिए 2 बच्चों के पिता बन चुके हैं करण जौहर ने बेटे का नाम यश और बेटी का नाम रूही रखा है. करण 44 वर्ष के हैं और वे हमेशा अपने जैंडर को ले कर चर्चा में रहे हैं.

कुछ स्टारों ने बच्चे गोद ले कर पाया बच्चों का सुख…

बौलीवुड में कई स्टार ऐसे भी हैं जिन्होंने बच्चे गोद ले कर उन को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाया है, जिन में सब से पहले नाम आता है सलमान खान का, जिन्होंने अर्पिता को न सिर्फ गोद लिया बल्कि ढेर सारा प्यार भी दिया. अर्पिता सलमान की फेवरिट हैं और वे अपनी बहन के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं. इसी तरह सुष्मिता सेन, रवीना टंडन, मिथुन चक्रवर्ती जैसे कई स्टारों ने बच्चों को गोद ले कर उन का जीवन संवारा है.

फिल्म इंडस्ट्री में समलैंगिकता, अतिव्यस्तता और बड़ी उम्र में विवाह कर बच्चा पैदा न कर पाने वाले लोगों के लिए सैरोगेसी और टैस्टट्यूब बेबी वरदान साबित हुआ है. कई सारे अविवाहित ऐक्टर जो 40-50 की उम्र पार कर चुके हैं और अविवाहित हैं. ऐसे लोगों के लिए तुषार कपूर ने कुंआरा बाप बन कर इस प्रथा की शुरुआत कर दी है, जिस में अब महिलाएं भी सिंगल मदर बनने के लिए तैयार हैं और अब किसी को बच्चे न होने के दुख से भी नहीं गुजरना पड़ेगा.

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