निहारिका घर में अकेली रहती थी. उस के मांबाप जब आफिस चले जाते थे तो उन्हें घर की सुरक्षा की चिंता रहती थी. निहारिका का घर सुनसान कालोनी में पड़ता था. निहारिका की मां सुनैना ने अपनी परेशानी सहेली प्रीति को बताई. प्रीति ने कहा कि उस ने अपने घर में कुछ जरूरी सिक्योरिटी उपाय किए हैं. सुनैना ने भी अपनी जरूरत के हिसाब से सिक्योरिटी गैजेट्स घर में लगवाए. अब वह घर की सुरक्षा की ओर से पूरी तरह से सचेत हो गई है. इस में हाईटैक होम सिक्योरिटी गैजेट्स हमारी मदद कर सकते हैं.
बर्गलर अलार्म
बर्गलर अलार्म उन घरों के लिए सब से ज्यादा उपयुक्त होता है जिन घरों के सदस्य अकसर घरों से बाहर रहते हैं. बर्गलर अलार्म एक खास तकनीकी सिस्टम के मुताबिक काम करता है यानी इस अलार्म के आसपास किसी इनसान के हलचल होने को यह महसूस करता है. इस को घर में ऐसी जगह पर लगाया जाता है जहां से कोई चोर घर में प्रवेश कर सकता हो. यह डिटैक्टर बौडी के तापमान को महसूस करता है. इस के बाद इस में लगा अलार्म बजने लगता है. 5 से 15 मीटर की डिटैक्शन रेंज के सैंसर की कीमत 2 से 4 हजार रुपए के बीच होती है. जब आप घर से बाहर जाएंगे तो इस अलार्म को औन कर दें. जैसे ही कोई चोर खिड़की, दरवाजे या किसी दूसरी जगह से घर में घुसने की कोशिश करेगा, अलार्म बजने लगेगा. चोर पकड़ा जाएगा.
इंटूडर अलार्म
यह अलार्म गले में लटके पैंडैंट की तरह पहना जा सकता है. यह एक तरह का बटन होता है. इस का उपयोग घर में अकेले रहने वाले बच्चों और बूढ़ों के लिए किया जाता है. जरूरत पड़ने पर ये लोग जब इस बटन को दबाएंगे तो अलार्म बज उठेगा और चोर पकड़ा जाएगा.
इलैक्ट्रौनिक डोर लौक्स
घर को सुरक्षित रखने के लिए इलैक्ट्रौनिक डोर लौक्स बहुत जरूरी होते हैं. दरवाजे पर लगे ये लौक्स इलैक्ट्रौनिक कोड से संचालित होते हैं. घर से बाहर जाते समय कोड पंच कर दिया जाता है. ये लौक्स तभी खुलते हैं जब दोबारा यही नंबर पंच किया जाए. जो लोग नंबर पंच कर के डोर नहीं खोलना चाहते उन के लिए इलैक्ट्रौनिक डोर लौक्स चाबी के साथ भी आते हैं.
कुछ इलैक्ट्रौनिक डोर लौक्स रिमोट से भी चलने वाले होते हैं. इन की कीमत 10 से 12 हजार रुपए के आसपास होती है. यदि आप के घर आने वालों का दायरा सीमित है तो तालों को खोलने के लिए फिंगर प्रिंट रिकार्डर भी लगा सकते हैं. ये ताले तभी खुलते हैं जब फिंगर प्रिंट मैच करता है. यह रिकार्डर 14 से 16 हजार रुपए में आता है. यह बैटरी से चलता है.
स्क्रीन विजिटर्स
आप के दरवाजे पर कौन खड़ा है, यह बिना जाने ही दरवाजा खोलना मुसीबत का सबब बन सकता है. इस परेशानी को हल करने के लिए मार्केट में वीडियो डोर फोन आने लगा है. इस की मदद से घर के अंदर बैठेबैठे ही बाहर खड़े आदमी को देखा जा सकता है. वीडियो डोर फोन यानी वीडीएफ का सब से बड़ा लाभ यह होता है कि इस के जरिए बाहर खड़े आदमी को न केवल देखा जा सकता है बल्कि उस से बातचीत भी की जा सकती है. इस का लाभ यह होता है कि जिस आदमी को आप घर में आने देना नहीं चाहते उस को बाहर से ही लौटाया जा सकता है.
वीडीएफ के साथ कैमरा और स्पीकर भी शामिल होता है. इस की कीमत भी 8 से 10 हजार रुपए के बीच होती है. वीडीएफ लेते समय यह ध्यान रखें कि इस का मानीटर कम से कम 4 इंच का जरूर हो, जिस से बाहर खड़े व्यक्ति की तसवीर साफ ढंग से देखी जा सके. इस में लगाने के लिए मैमोरी चिप जरूर लें. यह चिप एक समय में 40 फोटो सेव कर सकती है. यह चिप बैल बजाने वाले हर व्यक्ति की फोटो को सेव कर लेती है.
क्लोज सर्किट कैमरा
क्लोज सर्किट कैमरों की मदद से घर में आनेजाने वाले की पहचान की जा सकती है. इन को घर के दरवाजे और लौन में आसानी से लगवाया जा सकता है. ये कैमरे घर के अंदर रखे टीवी सेट से जुड़े होते हैं. इन के जरिए बाहर खड़े व्यक्ति को देखा जा सकता है. इंफ्रारेड क्लोज सर्किट कैमरे की मदद से रात में भी बाहर खड़े व्यक्ति को देखा और पहचाना जा सकता है.
हाईटैक होम सिक्योरिटी गैजेट्स लगा कर आप अपने घर की सुरक्षा कर सकते हैं. इस के अलावा जब भी आप घरेलू नौकर रखें, उस की छानबीन जरूर कर लें. उस की फोटो अपने पास जरूर रखें. सब्जी, दूध, लांड्री और दूसरे कामों के लिए आने वाले लोगों पर भी पूरी नजर रखें. अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के लिए इंटरकाम सुविधा भी उपयोगी साबित हो सकती है.