कोरोनावायरस को लेकर सुझाव और सावधानी की बातें रोज अखबारों, टीवी और सोशल मीडिया पर सुर्ख़ियों में है, लेकिन प्रेग्नेंट महिलाओं को कोविड-19 के इन्फेक्शन के बारें में अभी तक कुछ सावधानी नहीं बताया गया है, हालांकि हेल्थ केयर सेंटर्स इस बारें में अधिक से अधिक जानकारी हमेशा देती है ताकि मोर्बिडीटीकी रेट कम हो. ये सही है कि स्वस्थ बच्चे के लिए स्वस्थ माँ का होना बहुत जरुरी है, ताकि किसी भी प्रकार की इन्फेक्शन नवजात बच्चे और माँ को न पहुंचे.

इस बारें में पुणे की मदरहुड हॉस्पिटल की स्त्री एवम् प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश्वरी पवार कहती है कि प्रेगनेंसी में कुछ बातें हमेशा याद रखने की जरुरत होती है, ताकिमाँ एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकें. क्याप्रेग्नेंट महिला को संक्रमण का अधिक खतरा रहता है? पूछे जाने पर डॉ. पवार कहती है कि प्रेगनेंसी में एक महिला की इम्युनिटी कम हो जाती है, इसलिए उनके लिए खास ध्यान देने की जरुरत घर पर रहकर करने की होती है, ताकि किसी भी प्रकार से वह संक्रमित न हो.इसके लिए उचित खान-पान, साफ-सफाई आदि की जरुरत पड़ती है. जब तक बच्चा गर्भ में रहता है,उसे किसी प्रकार के वायरस एटैक नहीं कर सकते. जन्म के बाद ही उसे किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन होता है.

चीन से प्रसारित मेडिकल लिटरेचर में ये देखा गया है कि जिस प्रेग्नेंट महिला का कोविड-19 ब्लड टेस्ट पॉजिटिव था, उनकेएम्नियोटिक फ्लूइडमें कोविड -19 पॉजिटिव नहीं था, इसके अलावा बेबी के जन्म के बाद भी उनके थ्रोट स्वाब भीनिगेटिव था.

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ये सही है कि प्रेग्नेंट महिला अपनी देखभाल अच्छी तरह से करती है, इसलिए उनकी संख्या बाकियों से कम मिली.रिपोर्टेड केस के बारें में पूछने पर डॉ. पवार आगे कहती है कि लिटरेचर में मिली जानकारी के अनुसार केवल एक महिला ही कोरोना की पोजिटिव चीन में पायी गयी, जिसकोसीवियर रेस्पिरेटरी सिम्पटम्स 30 सप्ताह की प्रेगनेंसी में देखने को मिली और उन्हें वेंटिलेशन पर रखना पड़ा. ऐसे में सीजेरियन सेक्शन से बच्चे और माँ को बचा लिया गया.

क्या प्रेग्नेंट महिला में कोरोना के लक्षण अलग होते है? पूछे जाने पर डॉक्टर कहती है कि ऐसा कुछ अलग लक्षण उनमें नहीं होता. वैसे ही कफ,फीवर सांस लेने में तकलीफ होती है. सीवियर होने पर निमोनिया और रेस्पिरेटरी फेलियर और अंत में वेंटिलेशन की जरुरत पड़ती है. कोविड-19 की वजह से मिसकैरिज की कोई घटना अभी तक सामने नहीं आई है. इसके अलावा जन्मजात दोष कोई बच्चे में होगी या नहीं इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है, क्योंकि ये वायरस नया है और अधिक रिसर्च इस पर हुआ नहीं है. अगर ये फिटस (fetus) याप्लेसेंटा(placenta) कोक्रॉसकरतीहैतोक्याहोगाअभीइसेबतानामुश्किलहै. ऐसे में आज के माहौल को देखते हुए कुछ सावधानियां प्रेग्नेंट महिलाओं को अवश्य रखने की जरुरत है,जो निम्न है,

  • अगर आप कही बाहर गए हो तो, अपने डॉक्टर की ऑब्जरवेशन में रहे,
  • खुद को 2 सप्ताह के लिए आइसोलेशन में रखें,अर्थात इस दौरान न तो किसी से मिले और न ही किसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें, किसी के साथ घुलने मिलने से बचे, अच्छी तरह से वेंटीलेटेड कमरे में रहे,किसी के साथ टॉवेल, साबुन, प्लेट्स, कप्स, स्पूंस आदि को किसी परिवार के सदस्यों के साथ शेयर न करें,
  • अर्जेंट मेडिकल केयर की अगर जरुरत पड़े, तो हॉस्पिटल में जाएँ और अपनी हिस्ट्री पूरी तरह से डॉक्टर को बताएं, ताकि अस्पताल आपका केयर अच्छी तरह से कर सकें,
  • अगर किसी भी प्रकार के जांच की सलाह डॉक्टर देती है, तो उसे जरुरत के अनुसार अवश्य करवाएं.

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