वैश्विक महामारी के इस दौर में पुरे विश्व में लॉक डाउन लगा हुआ है , दुनिया का 90 प्रतिशत भाग आंशिक या पूर्ण लॉक डाउन लगा हुआ है, वह10 प्रतिशत भाग कोरोना से कोरोना से अपने अपने तरीके से कोरोना से लड़ाई लड़ रहे है. तो आइये जानते है लॉक डाउन से कैसे विश्व से महामारी को भगाया जा सकता है .

1. दूसरे देशों से तेजी से लॉकडाउन लागू हुआ

जिन देश ने लॉक डाउन समय रहते नहीं किया उनका हालत आप देख सकते है. भारत ने दूसरे देशों से लॉकडाउन को लागू करने पर तेजी से काम किया.इसलिए अभी भी हालत बतर नहीं है . देश में समय से लॉकडाउन हुआ है तो उसका नतीजा भी सामने आएगा. कोरोना का सामुदायिक प्रसार पर रोक लगाना संभव हुआ है. अचानक लॉक डाउन होने से समाज के हर वर्ग के सामने  कुछ परेशानियां जरूर आई है , लेकिन आप स्वास्थ्य रहेंगे  तो वह परेशानियां भी दूर हो जाएगी. जीवन अनमोल है.इसे बचाना जरुरी है.

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2. समय पर लॉक डाउन नहीं तो स्थिति बना गंभीर

अमेरिका, इटली , स्पेन ,फ़्रांस और विट्रेन की स्वास्थ्य सुविधाएं हमारे देश से बहुत ही बेहतर है , लेकिन इन देशों ने समय रहते लॉक डाउन का फैसला नहीं किया , जिसका परिणाम आज यहाँ कोरोना समुदाय स्तर पर पहुंच गया है . जिससे कोरोना मरीजों की संख्यों निरंतर बढ़ रही है. अगर अपना देश समय पर लॉक डाउन नहीं करता और जो स्थिति अमेरिका में है वह स्थिति भारत में बनती, तो क्या होता आप सोच सकते है, यहां तबाही आ सकती थी.

3. समुदाय स्तर पर वायरस को फैलने से रोकना है

लॉक डाउन को इस लिए ही लागू किया गया कि सामाजिक दुरी का पूरा ख्याल रखते हुए बीमारी को फ़ैलाने से रोका जा सके और संक्रमित लोगो को अलग आइसोलेट किया जा सके. कोरोना का वायरस लोगो से लोगो में ना फैले और  समुदाय में वायरस न फ़ैल सके . जिस देश में समुदाय में वायरस घूमता रहा वहां कोरोना का संक्रमण तेजी से फैला है और रोगियों का हालत बहुत बुरा हो चूका है .

4. सबका मदद करना है और कोरोना को हराना है

लॉकडाउन एक मुश्किल समय होता है. लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है. लेकिन बीमारी से मुकाबला करने के लिए यह जरूरी है. हम बात को समझ कर हम खुद को अपने समुदाय को बीमारी से बचा सकते हैं.  भारत की आबादी बहुत ज्यादा है. घनी आबादी की वजह से कई लोग लॉकडाउन में जहाँ -तहा फंस गए है , आये दिनों इन्हे विभिन्न रूप में देख भी गया. सरकार और सामजिक संस्थान अपने अपने स्तर पर इन लोगो का मदद कर रहे है.  नियम अनुसार लॉकडाउन को बनाये हुए है. क्यों कि कोरोना को हराना है और  हर किसी को सुरक्षित रहना है.

5. WHO ने देश में जारी लॉकडाउन का समर्थन किया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोनावायरस से मुकाबले के लिए भारत की कोशिशों की तारीफ की है। डब्ल्यूएचओ के विशेष प्रतिनिधि डॉ. डेविड नवारो ने एक इंटरव्यू में कहा कि यूरोप और अमेरिका जैसे विकसित देशों ने जहां कोरोना को गंभीरता से नहीं लिया, वहीं भारत में इस पर तेजी से काम हुआ। कोरोना से मुकाबले के लिए मोदी सरकार की तरफ से उठाए गए सख्त कदमों की सराहना की। लॉकडाउन को लेकर लोगों को होने वाली परेशानियों पर उन्होंने कहा कि तकलीफ जितनी ज्यादा होगी, उससे उतनी ही जल्दी निजात मिलेगी.

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6. 59 हजार लोगो का जान बचा

‘इम्पिरियल कॉलेज लंदन’ ने अपने इसी सोमवार को एक अध्ययन में यह माना है कि  लॉक डाउन के कारण  59 हजार लोगो का जान अब तक बचाया सका है. अध्ययन में यह कहा गया है कि‘‘कम से कम मार्च के अंत तक लागू बंद के मद्देनजर हमें अनुमान है कि इससे सभी 11 देशों में 31 मार्च तक 59,000 लोगों की मौत टाली जा सकी.  अध्ययन में कहा गया है कि इटली में 38,000 लोगों , स्पेन में करीब 16,000, फ्रांस में 2,500, बेल्जियम में 560, जर्मनी में 550, ब्रिटेन में 370, स्विट्जरलैंड में 340, आस्ट्रिया में 140, स्वीडन में 82, डेनमार्क में 69 और नॉर्वे में 10 लोगों का जीवन बचाए जाने का अनुमान लगाया है.

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