गर्मियों में तापमान के बढ़ने से स्किन मे जलन और चिपचिपाहट शुरू हो जाती है. स्किन अधिक सेंसेटिव होने की वजह से तपती गर्मी को सहन नहीं कर पाती, जिससे हमारी शुष्क स्किन रूखी और बेजान दिखाई देने लगती है, अगर स्किन तैलीय है, तो वह और भी तैलीय हो जाती है. सूरज की तेज किरणों की वजह से मेलेनिन पिगमेंटेशन को बढ़ाकर टैनिंग का कारण बनती है,क्योंकि मेलेनिन पिगमेंटेशन स्किन के रंग को निर्धारित करता है और स्किन को विटामिन डी प्राप्त करने में मदद करता है. इस बारें में एड्रोइट बायोमेड लिमिटेड के एक्सपर्ट सुशांत रावराने कहते है कि सूर्य के संपर्क में आने से मेलेनिन का अत्यधिक उत्पादन होता है, जिससे स्किन पर काले धब्बे और पैच होने का डर रहता है. इसके अलावा तापमान के बढ़ने से स्किन के पोर्स खुल जाते है और उसमें गंदगी और तेल भरने से चेहरे पर मुंहासे और झाइयां जैसी स्किन की समस्याएं पैदा होने लगती है. इसे चमकदार बनाने के कुछ उपाय निम्न है,

रखें हाइड्रेटेड स्किन को हमेशा

गर्मियों में स्किन को हाइड्रेशन की आवश्यकता अधिक होती है, ऐसे में सही हाइड्रेटिंग सीरम का चुनाव करना ज़रूरी है, जो स्किन को हाइड्रेट कर चमकदार बनाने में कारगर होगी. इसके लिए सल्फर मुक्त उत्पाद का प्रयोग करना अच्छा रहता है. सेरामोसाइड्स या ओरल मॉइस्चराइज़र प्राकृतिक पौधा गेहूँ से उत्पन्न न्यूट्रास्युटिकल्स(पौष्टिक औषधीय पदार्थ) है, जो स्किन को हाइड्रेट करने में मदद करती है, जिसके परिणामस्वरूप स्किन की चमक प्रभावित नहीं होती. यह एक अद्भुत ओरल मॉइस्चराइज़र है, जो अंदर से पूरे शरीर के लिए काम करती है. सेंसिटिव स्किन वालों को विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेना चाहिए

मेकअप में करें कटौती

समर में कम से कम मेकअप का प्रयोग करना चाहिए, जिससे आसानी से आपका लुक नैचुरल दिखे. अधिक मेकअप से पोर्स खुल जाते है और फेस सुस्त दिखने लगता है. नमी और गर्मी की वजह से स्किन मे सांस लेने की क्षमता कम हो जाती है. स्किन को नैचुरल रखने की कोशिश करें, जिससे स्किन अंदर से सुंदर और जीवंत दिखे. व्यस्त जीवनशैली में स्किन का ध्यान रखना बहुत मुश्किल होता है और व्यक्ति खुद की उपेक्षा, अनावश्यक तनाव आदि का शिकार हो जाता है, जिसका प्रभाव स्किन पर सबसे पहले पड़ता है. ग्लूटाथियोन जैसे न्यूट्रास्यूटिकल्स, पिगमेंटेशन और ब्लेमिशेज को स्किन से हटाकर खूबसूरत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है. ग्लूटाथियोन हमारे शरीर में मेलेनिन के विकास को बढ़ने, जिससे स्किन को बहुत अधिक काला होने और काले धब्बे बनने से रोकता है. इसके अलावा ग्लूटाथियोन स्किन में अवशोषित अल्ट्रा वायलेट किरणों द्वारा निर्मित विषाक्त पदार्थों और फ्री रेडिकल्स से छुटकारा पाने में मदद करता है, जिसके परिणामस्वरूप चमकदार और उज्ज्वल स्किन दिखाई पड़ती है.

करें सेवन विटामिन सी

विटामिन सी सबसे अधिक जरुरी एंटीऑक्सिडेंट है, जो स्किन को हमेशा मुलायम और चमकदार बनाती है. आंवला अर्क में प्राकृतिक रूप से विटामिन सी पाया जाता है. यह मेलेनिन पिगमेंट को कम कर, एंटी-एजिंग प्रोटीन के उत्पादन में वृद्धि और फ्री रेडिकल्स को बे असर कर कोलेजन को बढ़ावा देने में मदद करती है. इसके अलावा हर तरह के सिट्रस फल जिसमें नीबू, संतरा, तरबूज आदि में विटामिन सी पाया जाता है.

इसके आगे सुशांत कहते है कि स्किन को स्वस्थ रखना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यह न केवल हमें सुंदर बनाती है, बल्कि खुद में आत्मविश्वास भी भर देती है. स्किन की सुंदरता और चमक के अलावा, न्यूट्रास्यूटिकल्स स्किन सम्बन्धी कई बिमारियों मसलन मुँहासे और फंगल संक्रमण को भी कम करती है. प्राकृतिक चीजों का प्रयोग जितना हो सकें, उतना करें और स्किन की ताजगी को बनाये रखें. स्किन की देखभाल के कुछ सुझाव निम्न है,

हमेशा नैचुरल इन्ग्रेडिएन्ट को देखकर अच्छी कंपनी की सनस्क्रीन 30-50 SPF और UVA & UVB लें, जो स्किन पर भारी किरणों को पड़ने से रोकती है,

गर्मी में टिंटेड मॉइस्चराइज़र, टिंटेड लिप बाम और ऑर्गेनिक सुरमा का इस्तेमाल कर अपनी खूबसूरती को बनाएं रखे,

लिक्विड पदार्थो का सेवन अधिक करें, ताकि स्किन, कोमल, मुलायम और कांतिमान रहे, पानी विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है,

गर्मी के कारण स्किन पर सूखापन और धूल जम जाती है, इसलिए इस मौसम में माइल्ड क्लींजर से नियमित स्किन को क्लीन करना जरुरी है,

एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन लें, ताकि स्किन निखरी सी दिखे.

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