बात मेकअप की हो या फेशियल की, अगर सही स्टैप्स फौलो न किए जाएं तो वह निखार नहीं आ पाता, जो आना चाहिए था. कई बार महिलाएं बिजी शैड्यूल होने के कारण पार्लर नहीं जा पातीं और घर पर ही क्लींजिंग या फेशियल करना शुरू कर देती हैं. लेकिन जानकारी के अभाव में गलत स्टैप्स अप्लाई कर के परिणाम अच्छा न आने पर सोचती हैं कि बैस्ट कंपनी का प्रोडक्ट यूज करा था फिर भी रिजल्ट अच्छा क्यों नहीं आया?

दरअसल, कमी प्रोडक्ट में नहीं, बल्कि आप द्वारा प्रोडक्ट पर लिखे इंस्ट्रक्शन को फौलो न करने और स्किन संबंधी कुछ चीजों को इग्नोर करने के कारण हुई है.

आप से इस तरह की मिस्टेक्स न हों, इस के लिए स्किन मिरैक्ल ला मैरिनियर (फ्रांस) के टैक्निकल स्किन ऐक्सपर्ट, गुलशन द्वारा बताई बातों को फौलो करना न भूलें.

स्किन पर कुछ भी अप्लाई करने से पहले अपनी स्किन का टाइप चैक कर लिया जाए जैसे:

– अगर आप की स्किन नौर्मल है, तो फेस सौफ्ट दिखने के साथसाथ उस पर औयल भी नजर नहीं आएगा.

– औयली स्किन की निशानी है कि आप की नाक, फोरहैड और चीक्स पर औयल साफ दिखेगा.

– ड्राई स्किन में स्किन को जितने औयल की जरूरत होती है वह नहीं मिल पाता, जिस से स्किन रूखीरूखी नजर आती है.

– कौंबिनेशन स्किन में औयल ‘टी जोन’ यानी नाक और फोरहैड पर जमा रहता है.

– सैंसिटिव स्किन यानी एकदम से स्किन का रैड हो जाना. ऐसी स्किन पर किसी भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल बहुत सोचसमझ कर करना पड़ता है.

– जब आप को अपनी स्किन का टाइप पता चल जाए तो फिर उसी के हिसाब से क्लींजिंग या फेशियल करवाएं.

इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि फेशियल तभी अच्छा होगा जब क्लींजिंग सही होगी वरना रिजल्ट ठीक नहीं मिलेगा.

क्लींजिंग

क्लींजिंग हर फेस के लिए जरूरी है, क्योंकि चाहे घर हो या बाहर रोज हमारा संपर्क धूलमिट्टी से होता ही है. अत: क्लींजिंग द्वारा फेस पर न दिखने वाली गंदगी रिमूव होने से फेस शाइन करने लगता है. इस से स्किन के अंदर बाकी प्रोडक्ट्स को पहुंचाने में भी आसानी होती है.

क्लींजिंग क्रीम फेस के हिसाब से यूज करें. 10-15 मिनट तक फेस की क्लींजिंग कर के टिशू पेपर से फेस को साफ कर लें.

ऐक्सपर्ट के अनुसार, एएचए यानी अल्फा हाइड्रौक्सी ऐसिड, जो डिफरैंट पील ऐसिड का कौंबिनेशन होता है, करने से पहले स्किन को तैयार किया जाता है और दूसरा उस का पीएच लैवल मैंटेन किया जाता है, जो क्लींजिंग के द्वारा ही संभव है.

एएचए का कार्य स्किन की ब्लौकेज को खत्म करना होता है. वैसे तो यह कई रूपों में मिल जाता है लेकिन सब से ज्यादा ग्लाइसोलिक ऐसिड में पाया जाता है. यह स्किन की ऊपरी परत पर काम कर के कोशिकाओं को हैल्दी बनाता है.

इसी तरह स्किन के पीएच लैवल का मतलब है पोटैंशियल औफ हाइड्रोजन. अगर आप की बौडी का पीएच लैवल 7 है, तो इस का मतलब है कि आप की स्किन बेसिक है. लेकिन अगर पीएच लैवल 5.5 से थोड़ा भी कम है, तो इस का मतलब है कि स्किन की स्थिति सही नहीं है.

स्किन के पीएच लैवल का सही होना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यह बौडी व स्किन में बैक्टीरिया को प्रवेश करने से रोकता है. आप को पीएच लैवल को नौर्मल लाने के लिए स्किन प्रौब्लम्स जैसे खुजली या ड्राई स्किन आदि समस्या को पहले कंट्रोल करना होगा. इस के लिए आप पीएच बैलेंस्ड स्किन केयर प्रोडक्ट्स का यूज करें और फेस को कुनकुने पानी से धोएं.

ऐंजाइम मास्क

क्लींजिंग के बाद दूसरा स्टैप है ऐंजाइम मास्क को फेस पर लगाना. इस का स्किन से डैड सैल्स को हटाने में अहम रोल होता है. इसे फेस पर 10 मिनट के लिए अप्लाई करें फिर हलकी मसाज कर के हटा लें.

ऐंजाइम मास्क लगाने की शुरुआत हमेशा फोरहैड से करनी चाहिए. फिर फेस पर लगाएं. लेकिन हटाते वक्त हमेशा उलटी प्रक्रिया यानी पहले फेस से और फिर फोरहैड से हटाएं. ऐंजाइम मास्क का इस्तेमाल सैंसिटिव स्किन पर भी किया जा सकता है.

अल्फा हाइड्रौक्सी ऐसिड पीलिंग

मास्क हटाने के बाद अल्फा हाइड्रौक्सी ऐसिड से फेस की पीलिंग करें. यह प्रक्रिया स्किन के टैक्स्चर को इंपू्रव करने के साथसाथ उसे कोमल भी बनाती है.

शुरुआत हलके से करें यानी पहले एएचए का अनुपात 10% फिर 20% फिर 30% फिर 40% करें. इस से आप को स्किन को समझने का मौका मिलेगा.

इसे बनाने की प्रक्रिया

10% के लिए 3 ड्रौप पानी में 1 ड्रौप एएचए. 20% के लिए 2 ड्रौप पानी में 2 ड्रौप एएचए. फिर 30% के लिए 3 ड्रौप पानी में 3 ड्रौप एएचए.

सब से पहले टी जोन से शुरू करें. एएचए लगाने के 10-15 सैकंड के बाद यह देखना है कि स्किन पर कुछ महसूस हो रहा है या नहीं. इसे 3 मिनट से ज्यादा फेस पर नहीं रखना है.

एएचए का इस्तेमाल करने के बाद चेहरे को कोल्ड कंप्रैशन देना न भूलें. इस से चेहरे पर आई रैडनैस, सूजन वगैरह खत्म होती है. कोल्ड कंप्रैशन के लिए बर्फ का इस्तेमाल, टौवेल को ठंडे पानी में डुबो कर कुछ देर के लिए फेस पर रख दें. इस से चेहरे को ठंडक मिलती है.

स्क्रब

एएचए के बाद 3 मिनट के लिए फेस पर स्क्रब करें. स्क्रब करतेकरते स्टीम भी दें. इस का फायदा यह है कि रोमछिद्र ओपन होते हैं और डैड स्किन रिमूव होती है. फिर ड्राई टिशू से फेस को क्लीन कर लें. ध्यान रहे कि आंखों के ऊपर स्क्रब का इस्तेमाल न करें.

बीटा हाइड्रौक्सी ऐसिड

बीएचए यानी बीटा हाइड्रौक्सी ऐसिड. इस के कण थोड़े बड़े होते हैं. यह भी एएचए की तरह स्किन की ऊपरी परत पर काम करता है. इस का मुख्य कार्य डैड स्किन को रिमूव कर के स्किन को हैल्दी बनाना है.

अगर आप को मुंहासे हैं या फिर ब्लैकहैड्स, व्हाइटहैड्स हैं, तो यह काफी फायदेमंद साबित होता है. इस प्रक्रिया को हमेशा लास्ट में करना चाहिए ताकि स्किन में जो भी इन्फैक्शन हो वह खत्म हो जाए. इस से आप के फेस पर काफी निखार आएगा और स्किन जवांजवां नजर आएगी.

इन बातों को न करें इग्नोर

– यदि स्किन सैंसिटिव है, तो एएचए पीलिंग यूज न करें.

– 21दिन से पहले न तो क्लींजिंग और न ही फेशियल दें.

– फेस पर ब्लीच का इस्तेमाल न करें.

– फेस को नमी देने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं.

– पौष्टिक डाइट लें.

अगर फेस पर कोई ऐलर्जी हो रही है, तो ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने की गलती न करें, क्योंकि इस से ऐलर्जी बढ़ने का खतरा रहता है.

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