फाउंडेशन वह पहला कास्मैटिक है, जो मेकअप के वक्त चेहरे पर लगाया जाता है. मेकअप का बेस होने से ही इसे फाउंडेशन के नाम से जाना जाता है. हमारी त्वचा के रंग या टोन पर निर्भर करता है कि हमें कौन सा फाउंडेशन चुनना चाहिए. यहां रंग से मतलब त्वचा के रंग से है. गेहुएं या सांवले टोन वाली त्वचा के रंग के नीचे से दिखने वाला एक शेड लेना चाहिए. भारतीय स्किन में 3 टोन पाए जाते हैं- पीला, गुलाबी और गेहुआं.

ज्यादातर फाउंडेशन 3 कैटेगरियों में उपलब्ध हैं- लिक्विड, क्रीम और पाउडर फाउंडेशन.

लिक्विड फाउंडेशन

यह नैचुरल लुक के लिए सब से अच्छा माना जाता है. इस फाउंडेशन को आप रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से इस्तेमाल कर सकती हैं. रूखी त्वचा के लिए फाउंडेशन आयल बेस फारमूले व नौरमल या तैलीय त्वचा के लिए वाटर बेस फारमूले के साथ आता है. यह जरूरी है कि जिस भी फाउंडेशन का चुनाव आप करें वह आप की स्किन से एक शेड फेयर.

क्रीम फाउंडेशन

यह फाउंडेशन स्टिक या कांपैक्ट फार्म में आता है. यह मेकअप आर्टिस्टों का पसंदीदा प्रोडक्ट है, जो स्किन के दागधब्बों को बखूबी छिपा लेता है.

पाउडर फाउंडेशन

जिन कामकाजी महिलाओं के पास वक्त की कमी होती है, यह फाउंडेशन उन के लिए बखूबी काम करता है. यह क्रीम और पाउडर दोनों को मिला कर बनता है. इसे आप सूखे या गीले किसी भी स्पौंज ऐप्लीकेटर के साथ लगा सकती हैं. आयली व नमी वाले मौसम में यह फाउंडेशन बखूबी काम करता है.

फाउंडेशन के चुनाव में सावधानियां

ऐसा फाउंडेशन लें जिस में कम एसपीएफ-15 हो, ताकि वह स्किन को धूप की हानिकारक किरणों से बचा सके.

त्वचा के रंग से फाउंडेशन एक शेड हलका होना चाहिए.

तैलीय त्वचा के लिए पानी के बेस वाले फाउंडेशन में मिनरल आयल नहीं होना चाहिए.

जिस त्चचा पर पस वाले दाने हों उन्हें क्लैरिफाइंग फाउंडेशन का चुनाव करना चाहिए.

फाउंडेशन का चुनाव करते समय उसे अपनी जा लाइन व नैक लाइन पर लगा कर परखना चाहिए.

प्राकृतिक रोशनी में अथवा दिन के समय ही फाउंडेशन खरीदना चाहिए.

2 रंगों के फाउंडेशन को मिला कर सही रंग पाया जा सकता है.

अगर आप की त्वचा का रंग ज्यादा गहरा है तो बेहतर होगा कि आप पीले या लाल अंडरटोन वाले फाउंडेशन का चुनाव करें.

आमतौर पर हमारे चेहरे का बीच का हिस्सा हलके रंग का और बाहरी हिस्सा गहरे रंग का होता है. इसलिए जरूरी है कि आप या तो इन दोनों के बीच के रंग का चुनाव करें या अलगअलग से ले कर लगाएं. पर जरूरी यह है कि दोनों रंग आप की त्वचा के  अच्छी तरह मिल जाएं.

सही आईशैडो का चुनाव

कहते हैं, जो जुबां नहीं बोल सकती उसे आंखें बोल देती हैं और अच्छे आईशैडो का चुनाव कर के हम अपनी आंखों को और प्रभावशाली बना सकते हैं.

सब से पहले हमें उन शेड्स का चुनाव करना चाहिए, जो हमारी आंखों के और त्वचा के रंग को कांप्लीमैंट करें.

ऐसे प्रोडक्ट्स लें जो आपस में मिल जाएं, नहीं तो वे हमारी आंखों पर धब्बे छोड़ जाएंगे.

अगर, आंखें छोटी हों तो हलके रंगों का इस्तेमाल करें और अगर आंखें बड़ी हों तो गहरे रंगों का इस्तेमाल करें.

रंगों का चुनाव

ब्राउन रंग की आंखों के लिए गोल्डन ब्राउन, नीला ग्रे, परपल, मैरून आदि रंगों का चुनाव करें.

नीले रंग की आंखों के लिए ज्यादातर सामान्य रंग यानी कि ब्राउन, पीच या गोल्डन ब्राउन का इस्तेमाल करना चाहिए.

ग्रे आंखों के रंग के लिए गहरा ग्रे, काला, गहरा ब्राउन या मजैंटा परपल रंग का इस्तेमाल करें.

आईशैडो लगाने का तरीका

सब से पहले हाईलाइटिंग कलर को आईब्रो बोन पर और पलक के बीच में लगाएं. यह कलर हलका शिमरी टोन में होना चाहिए.

दूसरा कलर हलके रंग का लें और आंखों की क्रीज लाइन को से सीधे की ओर तथा उलटी दिशा में लगाएं. फिर आंखों के बाहरी कोने से उस क्रीज लाइन तक लगाएं. यह आंखों को वी शेप देगा.

अब ब्लैंडिंग ब्रश से इन दोनों हाईलाइटिड कलर और गहरे रंग को मिलाएं ताकि वे अलगअलग नजर न आएं.

इन्हीं दोनों रंगों को आंखों के नीचे लगाएं. हलका रंग आंखों की निचली पलक से शुरू करें और फिर गहरे रंग को निचली पलक के बीच से ले कर बाहर की तरफ लाते हुए उसे ऊपर वाले ‘वी’ से मिलाएं. इस के बाद आईलाइनर और मस्कारा लगाएं.

दिन के मेकअप केहिसाब से लाइनर ग्रे, ब्राउन या ट्रांसपेरैंट मस्कारा इस्तेमाल कर सकती हैं. रात के मेकअपमें ट्रासंपेरैंट मस्कारा के ऊपर काले रंग का इस्तेमाल करना जरूरी है.

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