सर्दियों के मौसम में स्किन को अतिरिक्त केयर की जरूरत होती है. क्योंकि मौसम व तापमान में आए बदलाव के कारण हमारी स्किन बहुत अधिक ड्राई हो जाती है और ड्राई स्किन कई अन्य चुनौतियों जैसे फटे होंठ, स्किन की ऊपरी लेयर निकलना , स्किन का रूखापन जैसी समस्याओं को न्यौता दे सकती है. इसलिए ऐसे समय में स्किन को पोषण देने की खास आवश्यकता होती है, ताकि वह स्किन में मोइस्चर को लौक करके उसकी नमी को बनाए रख सके. डर्मटोलोजिस्ट वैशाली श्रद्धा के अनुसार तापमान में गिरावट के साथ हमारी स्किन अधिक शुकस हो जाती है और अगर इसे सही से , सही इंग्रीडिएंट्स से बने मॉइस्चराइजर से मॉइस्चराइज नहीं किया जाता तो यह परतदार स्किन का कारण बन सकती है. इसलिए सर्दियों में एक अच्छे स्किनकेयर रूटीन का पालन करते हुए नेचुरल इंग्रीडिएंट्स से युक्त उत्पादों का उपयोग करना फायदेमंद साबित होता है. तो जानते हैं सर्दियों में कैसे करें केयर.
1. मॉइस्चराइजर है जरूरी
वैसे तो सभी जानते हैं कि स्किन को नमी प्रदान करने के लिए बारह महीने स्किन को मॉइस्चराइजर की जरूरत होती है, लेकिन इसकी खास तौर पर जरूरत तब महसूस होती है , जब तापमान में गिरावट देखने को मिलती है. मॉइस्चराइजर से स्किन हाइड्रेट रहती है. वरना नमी के अभाव व रूखेपन की वजह से स्किन में इंफेक्शंस व ऑउटब्रेक्स की समस्या भी खड़ी हो जाती है. इसलिए स्किन को करें मॉइस्चराइज .
इंग्रीडिएंट्स इन गुड मॉइस्चराइजर
– हुमेक्टेंट्स , आपकी स्किन की टोप लेयर में जिसे एपिडर्मिस कहते हैं , हवा से और आपकी स्किन की गहरी परतों से पानी खींचते हैं. जिससे स्किन हाइड्रेट रहती है. हुमेक्टेंट्स में शामिल हैं , ग्लिसरीन, ह्यलुरोनिक एसिड और प्रोपाइलिन ग्लाइकोल.
– एमोलिएंट्स जैसे शिया बटर, कोको बटर एपिडर्मिस में होने वाले क्रैक्स को हील करके स्किन में मोइस्चर को लौक करने में मदद करता है.
बेस्ट टाइम
– नहाने के तुरंत बाद व रात को सोने से पहले मॉइस्चराइजर अप्लाई करने से स्किन को ज्यादा फायदा मिलता है.
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2. लिप बाम है जरूरी
सर्दियों में लिप्स का ड्राई होना आम है. क्योंकि लिप्स में आयल ग्लैंड्स नहीं होते हैं , जिसके कारण ठंड , हवा का सीधा व पहला असर लिप्स पर ही पड़ता है, जबकि लिप बाम आपके लिप्स और सर्द हवाओं के बीच एक प्रोटेक्टिव लेयर बनाने का काम करता है. इसलिए ही लिप्स की खास केयर के लिए लिप बाम की खास जरूरत होती है.
इंग्रीडिएंट्स इन गुड लिप बाम
– शिया और कोको बटर नेचुरल टाइप के फैट्स होने के कारण ये आपके लिप्स में मोइस्चर को होल्ड करने के साथ उन्हें फटने से बचाने का काम करते हैं.
– हनी को हुमेक्टैंट के रूप में जाना जाता है. जो मोइस्चर को अपनी ओर खींचने का काम करता है. साथ ही इस इंग्रीडिएंट से युक्त लिप बाम अपनी एक्सफोलिएशन प्रोपर्टीज के कारण लिप्स को एक्सफोलिएट करने के साथ उसे हाइड्रेट रखने का काम करती है.
– कैस्टर आयल स्किन में आसानी से घुसकर उसे हाइड्रेट रखने का काम करता है. तभी तो लिप्स की ड्राईनेस को दूर करने के लिए कैस्टर आयल युक्त लिप बाम लगाने की सलाह दी जाती है. क्योंकि इसमें है जरूरी फैटी एसिड्स , जो एन्टिओक्सीडैंट्स में रिच होते हैं.
3. प्रोटेक्शन के लिए सनस्क्रीन
सिर्फ गर्मियों में ही नहीं बल्कि सर्दियों में भी स्किन को सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाव के लिए सनस्क्रीन की जरूरत होती है. क्योंकि सर्दियों में यूवीए किरणों के प्रभाव से स्किन पर डार्क स्पोट्स , टैनिंग व यहां तक कि झुर्रियां तक पड़ जाती है. इसलिए भूलकर भी सर्दियों में सनस्क्रीन से स्किन को प्रोटेक्ट करना न भूलें.
बेस्ट इन सनस्क्रीन
– मामा एअर्थ इंडियन सनस्क्रीन विद कैरेट सीड, टर्मेरिक एंड एसपीएफ.
बता दें कि कैरेट सीड आयल स्किन में अंदर तक जाकर न सिर्फ सनप्रोटेक्शन देने का काम करता है बल्कि स्किन को मॉइस्चराइज भी करता है. वहीं हलदी में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होने के कारण ये स्किन को हील करने के साथसाथ सभी तरह की स्किन के लिए परफेक्ट है. वहीं ऑरेंज आयल नोन ग्रीसी होने के साथ इसमें हैं एंटीइंफ्लेमेटरी प्रोपर्टीज , जो यूवीए और यूवीबी किरणों से प्रोटेक्ट करने का काम करता है.
– न्यूट्रोजेना हाइड्रो बूस्ट सनस्क्रीन
इसका हाइड्रो बूस्ट फार्मूला , जिसमें है ह्यलुरोनिक एसिड और ग्लिसरीन. जो स्किन को हाइड्रेट रखने के साथ उसकी यूवी किरणों से प्रोटेक्शन करने का भी काम करता है.
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4. बोडी लोशन
सिर्फ फेस को ही नहीं बल्कि सर्दियों में पूरे शरीर को मोइस्चर प्रदान करने की जरूरत होती है. ऐसे में अकसर लोग फेस क्रीम व बोडी लोशन को एक ही समझ कर अप्लाई करने लगते हैं. लेकिन आपको बता दें कि बोडी लोशन क्रीम के मुकाबले में कम गाढ़ा होता है. इसमें प्यूरीफाई पानी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने के कारण ये काफी पतले होते हैं. ये शरीर पर आसानी से फैलने के साथसाथ उसके रूखेपन को दूर करने का काम करते हैं. हमेशा ऐसे बोडी लोशन का इस्तेमाल करना चाहिए , जो डेड स्किन को रिमूव करने के साथ पोर्स को ब्लोक न करे.
इंग्रीडिएंट्स इन गुड बोडी लोशन
– जरूरी फैटी एसिड्स , जो स्किन को हैल्दी व ग्लोइंग बनाने का काम करते हैं. बता दें कि शरीर खुद से फैटी एसिड्स नहीं बनाता है बल्कि इसे डाइट व स्किन क्रीम्स के जरिए प्राप्त किया जाता है. ऐसे में जरूरी फैटी एसिड्स के लिए आपके बोडी लोशन में शिया बटर, ओलिव आयल , एवोकाडो , आलमंड आयल जैसे इंग्रीडिएंट्स का होना बेहद जरूरी है, ताकि वे स्किन में मोइस्चर को लौक कर सके.
– ग्लिसरीन, ग्ल्य्कोल्स और पोलियोल्स ये तीनों हुमेक्टेंट्स फैमिली के सदस्य होते हैं. ये तीनों स्किन में एक्स्ट्रा मोइस्चर को लौक करते हैं.
– ह्यलुरोनिक एसिड की त्वरित और प्रभावी हाइड्रेटेड क्रिया कोलेजन और इलास्टिन को नम और कार्यशील रखती है. जिससे स्किन सोफ्ट, स्मूद व यंग बनती है. इस तरह से आप सर्दियों में अपनी स्किन का खास खयाल रख सकते हैं.