इन पंक्तियों के लिखते समय तक दुनिया में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 13 लाख के पास पहुंच गयी है (6 अप्रैल 2020 दोपहर 3 बजे भारतीय समय) करीब 70,000 लोग इससे दम तोड़ चुके हैं और हर गुजरते घंटे के साथ इस महामारी से संक्रमित होने वालों की संख्या में 10,000 नए लोगों का इजाफा हो रहा है. जबकि करीब 450 से ज्यादा लोग हर घंटे दम तोड़ रहे हैं. ये इस कोरोना त्रासदी के वे आंकड़े हैं,जिनकी शायद एक महीने पहले कल्पना तक भी नहीं की गयी थी और आज पूरी दुनिया इस भयावह हकीकत की चपेट में है. लेकिन डर और दहशत की भी एक सीमा होती है. गुस्से में तना कोई मुक्का हमेशा हमेशा के लिए तना नहीं रह सकता. यह इंसान की नियति है कि वह एक स्थिति के बाद किसी भी स्थिति के साथ तालमेल बना ही लेता है.
यही वजह है कोरोना को लेकर दुनिया का भयावह खौफ और घोर निराशा अब धीरे-धीरे एक ब्लैक कॉमेडी या त्रासद मनोरंजन का जरिया भी बनती जा रही है. शुरू में जहां लोगों ने कोरोना की दहशत में त्रासदी में नाचना गाना तो छोडिये सही से एक दूसरे से बोलना भी छोड़ दिया था, वहीं अब धीरे धीरे इस दहशत के आदी हो जाने के कारण लोगों ने न केवल इस पर खुलकर बोलना शुरू कर दिया है बल्कि व्हाट्सअप और दूसरे सोशल मीडिया माध्यमों में जमकर एक दूसरे के साथ कोरोना जोक्स शेयर कर रहे हैं. चीन, वियतनाम, कोरिया, अमरीका, भारत और कई दूसरे देशों में इन दिनों तमाम कोरोना डांस भी वायरल हो रहे हैं. दुनियाभर की मीडिया में ये खबरें भी आ रही हैं कि कोरोना लॉकडाउन के चलते बाजार से गायब हुई चीजों में कंडोम पहली पांच चीजों में से एक हैं.
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कुल मिलाकर कहना चाहिए कि लोगों ने इस त्रासदी के साथ अब जीना सीख लिया है. इंसान की शायद यही जिजीविषा है जिसके सामने कुदरत भी हार जाती है. कोरोना के साथ इंसान की इस ब्लैक कॉमेडी की शुरुआत वियतनाम के एक डांसर क्वांग डांग ने की जिसने सोशल मीडिया में कोरोना से जुड़ा एक चैलेंज शुरू किया. ‘कोविड-19 टिक टौक डांस चैलेंज टू फाइट कोरोना वायरस स्प्रेड’ शीर्षक से सोशल मीडिया में 6 मार्च 2020 को यह डांस पहली बार डाला गया था और इन पंक्तियों के लिखे जाने के समय यू-ट्यूब में इसके दर्शक 10,75,078 हो गये थे. 8.6 हजार लोगों ने इसे पसंद किया था और 628 लोगों ने इसे नपसंद किया था. वास्तव में यह डांस शुरुआत में इतनी रफ्तार से अपने दर्शक नहीं बटोर रहा था, लेकिन जैसे-जैसे कोरोना का खौफ बढ़ने लगा, एक स्थिति यह आयी कि लोग इसके खौफ से निकलने के लिए इस तरह की ब्लैक काॅमेडी इंज्वाॅय करने लगे.
गौरतलब है कि वियतनामी डांसर क्वांग डांग सोशल मीडिया में पहले से ही काफी लोकप्रिय हैं. फेसबुक, यू-ट्यूब और इंस्टाग्राम पर उनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है. उनके मुताबिक शुरु में तो वह खुद भी कोरोना से बहुत डरे और कई दिनों तक अकेले घर में बिताया. फिर उन्हें लगा कि ऐसे में तो वे इमोशनल ब्लैक हाॅल में पहुंच जाएंगे. उन्होंने सोचा क्यों न कोरोना से संघर्ष करने वाले लोगों के साथ मिलकर वह भी इस जद्दोजहद में अपनी कोई भूमिका अदा करें. अब चूंकि उन्हें सबसे बढ़िया काम डांस करना ही आता है इसलिए उन्होंने सोचा क्यों न डांस के जरिये ही वे अपनी कोई भूमिका तलाशें. जल्द ही उन्हें आइडिया आ गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया के लोगों को कोरोना वायरस से निपटने के लिए स्वास्थ्य संबंधी जो सहूलियतें बरतने के लिए कही है, क्यों न वे उन्हें डांस के जरिये एक मनोरंजन शैली में लोगों तक पहुंचाएं.
इसके लिए उन्होंने वियतनाम के ‘नेशनल इंस्टीट्यूट औफ आक्यूपेशन एंड एन्वार्यनमेंटल हेल्थ’ से संपर्क किया और इस संस्थान ने उन्हें खुशी खुशी इसकी इजाजत दे दी बल्कि कई मीडिया रिपोर्टों में यह कहा गया कि खुद इस संस्थान ने क्वांग डांग से इसके लिए पहल की थी. बहरहाल जो भी हो इस पूरी थीम को व्यक्त करने के लिए एक गाना लिखा गया जो वास्तव में हाथ धोने के सही तरीके को फोकस करता है. फिर इस गाने को क्वांग डांग ने अपने बेहद मोहक डांस स्टेप से इस कदर बांध दिया कि लोग उसे बस देखते ही रह गये. आज सोशल मीडिया के तमाम अलग अलग मंचों के जरिये यह गीत एक करोड़ से भी ज्यादा लोगों तक पहुंच चुका है. यह कोरोना गीत विशेषकर युवाओं को खूब पसंद आ रहा है. शुरू में इस पर प्रतिक्रियाएं धीमी रहीं लेकिन जल्द ही वैसी ही तेजी पकड़ लिया जैसी तेजी किकी चैलेंज के वक्त दिखी थी.
आज की तारीख में लोग जहां हैं, वहीं अपने दोस्तों के साथ इस गाने पर थिरक रहे हैं. यूं तो यह गाना एक मकसद को लेकर बनाया गया है कि लोग सही तरीके से हाथ धोना सीखें. लेकिन यह इतना प्यारा बन गया है कि लोग इसे किसी लेसन की तरह लेने की बजाय इसमें भावनाओं के साथ डूब उतार रहे हैं. इस गाने ने दुनियाभर में ऐसे ही कोरोना गीतों और डांस स्टेप के लिए प्रेरित किया है. यही वजह है कि आज की तारीख में सोशल मीडिया में दर्जनों कोरोना डांस स्टेप आ चुके हैं और ऐसे की प्यारे-प्यारे गीत भी बन चुके हैं. हम हिंदुस्तानी भी इसमें पीछे नहीं हैं. ऐसा ही एक डांस स्टेप भारत में पंजाब पुलिस का वायरल हुआ है, जिसमें कई पुलिस वाले ‘बारी बरसी खटन गया सी’ जैसे बोलों पर एक मस्ती भरा भागड़ा किया है जिसका उद्देश्य आम लोगों में कोरोना वायरस के प्रति चेतना जगानी है.
यह डांस स्टेप 21 मार्च 2020 को तब पूरे देश में वायरल हो गया जब पंजाब पुलिस के डायरेक्ट दिनकर गुप्ता ने अपने ट्वीटर हैंडल से इसकी एक क्लिप ट्विट की. इस भांगड़ा डांस का भी मकसद आम लोगों को गाने के सरल बोलो के जरिये यह समझाना है कि कोरोना जैसी भयानक बीमारी से सिर्फ सावधान रहने पर ही बचा जा सकता है. हालांकि एक डांस पहले वायरल नहीं हुआ था, मगर बाद के तमाम डांस स्टेप के वायरल होने पर यह भी लोगों द्वारा खूब देखा गया. यह 26 फरवरी 2020 को चीनी पैरा मेडिकल स्टाफ द्वारा 6 मरीजों के सही होने पर किया गया डांस था, जो कि बैले की शैली में है. जब वियतनामी डांस बहुत मशहूर हुआ तो लोगों ने इसे भी दुनिया के अलग अलग हिस्सों में यू-ट्यूब में देखना शुरु किया और देखते देखते यह भी दुनिया के मशहूर कोरोना वायरल डांस में से एक हो गया.
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इस चीनी डांस में तो नहीं लेकिन दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में जो लोगों को आगाह करने के लिए या उन्हें सजग करने के वास्ते कोरोना डांस मशहूर हुए हैं, उनमें आमतौर पर कोरोना से बचने के लिए क्या उपाय अपनाएं इन्हीं का विस्तार से वर्णन किया गया है मसलन- पहले वायरल कोरोना डांस का मुख्य उद्देश्य डांस के जरिये आम लोगों को यह बताना है कि वे साबुन या एंटीसेप्टिक सल्यूशन से हाथ धोएं, आंख, नाक और मुंह को बार बार न छुएं, पर्सनल हाइजीन मेंटेन करें, घर को साफ सुथरा रखें, सार्वजनिक जगहों पर जाते समय या बीमारी होने पर मास्क का इस्तेमाल करें और अपनी तथा अपने परिवार व अपने समुदाय की सेहत की रक्षा करें. शायद इसलिए भी यह ब्लैक काॅमेडी लोगों को पसंद आ रही है.