पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गांव के रहने वाले मदीन की आंखों से बारबार आंसू छलक पङता है. मेहनतमजदूरी से जमा किए उस के 33 हजार रूपए धोखे से किसी ने उस के अकाउंट से निकाल लिए. कुछ ही महीनों पहले वह महाराष्ट्र से अपने गांव आया था और सोचा था कि इन रुपयों से वह एक भैंस खरीदेगा. थोङेथोङे कर के उस ने पैसे बचाए थे.
बिहारबंगाल बौर्डर पर बसे एक गांव की निशा देवी उस दिन को याद कर फफक पङती है जब किसी ने उसे फोन कर खुद को अधिकारी बताया और कहा,”हैलो, मैं स्वास्थ्य विभाग से बोल रहा हूं. कोरोना महामारी के बीच सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि आप के खाते में भेजनी है. कृपया अपने बैंक खाते का विवरण व एटीएम का पिन नंबर जल्द बताइए.”
निशा से पूरी जानकारी लेते ही फोन डिस्कनैक्ट हो गया और और कुछ ही देर बात उस के मोबाइल पर एक मैसेज आया तो वह बदहवास सी अपने पति को जानकारी देने लगी. उस के अकाउंट से 7,850 रूपए किसी ने निकाल लिए थे जबकि एटीएम कार्ड उसी के पास था. दरअसल, ये दोनों ही साइबर ठगी के शिकार हो गए.
ये भी पढ़ें- Lockdown सिचुएशन और अकेली लड़की, लखनऊ से 260 Km स्कूटी चलाकर पहुंची घर
सोशल मीडिया के जरीए बना रहे शिकार
कोरोना वायरस को महामारी बता कर साइबर अपराधियों ने भोलेभाले लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है. फर्जी वेब पेज, फर्जी ईमेल, फर्जी सोशल मीडिया और फोन के जरीए साइबर ठग लोगों के अकाउंट को बङी शातिराना अंदाज में साफ कर रहे हैं. पुलिस को ऐसे कई मामले मिले हैं जिस में आरोपी खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बता कर, तो कभी बैंककर्मी बता कर लोगों से ठगी कर रहे हैं. कुछ मामलों में तो ये इलाज के नाम पर चंदा मांग कर भी लोगों को चूना लगा रहे हैं.
सावधान रहें
पिछले दिनों बिहार की राजधानी पटना के साइबर सेल को साइबर क्राइम की कई शिकायतें मिलीं, जिन की जांच करने पर पता चला कि काल करने वाले अधिकतर नंबर विदेशी हैं.
साइबर सेल ने लोगों को ऐसे काल्स से सावधान रहने को कहा है और आगाह किया है किसी भी हालत में किसी अनजान फोन आने पर उसे अपने बैंक खातों, पिन नंबर, आधार कार्ड नंबर अथवा ओटीपी आदि शेयर न करें.
देश के तमाम बैंक भी लगातार अपने ग्राहकों को बैंक खाते से जुङी कोई भी जानकारी साझा करने से मना करते रहे हैं.
ऐसे बचें साइबर अपराध से
साइबर सेल के एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसा कोई भी ईमेल, लिंक व वैब पेज को किसी भी हालत में न ओपन करें न ही उत्तर दें. औनलाइन लेनदेन करते वक्त सावधानी बरतें और मुश्किल पासवर्ड लगाएं. इस से फर्जीवाङा करने वालों को आप के खाते तक पहुंचना आसान नहीं होगा. साथ ही ऐंटी वायरस ऐप से मोबाइल को अपडेट करते रहें.
ये भी पढ़ें- #coronavirus: कोरोना के खौफ ने दुनिया को नैतिक रूप से झकझोर दिया
एक्सपर्ट्स का मानना है कि फर्जीवाङा से बचने के लिए जागरूक रहना भी बेहद जरूरी है और इस के लिए जरूरी है शुरूआत से ही बच्चों को साइबर अपराध से बचने के बारे में बताते रहें.