फिल्म ‘फूल और कांटे’ से अपने अभिनय कैरियर की शुरुआत करने वाले अजय देवगन निर्माता, निर्देशक भी है. उन्होंने एक्शन फिल्मों के अलावा हर तरीके की फिल्मों में नाम कमाया. बहुत शांत और कम बोलने वाले अजय देवगन हर फिल्म को चुनौती समझते है और दिन रात मेहनत करते है. उन्हें हर नया विषय आकर्षित करता है, यही वजह है कि उन्होंने फिल्म ‘तानाजी- द अनसंग हीरो’ में तानाजी की भूमिका निभाई और वे इसके निर्माता भी है. ये पहली ऐतिहासिक एक्शन फिल्म है, जिसे थ्री डी में फिल्माया गया है. उन्होंने इस फिल्म की थ्री डी को फिल्माने में भारतीय एक्सपर्ट को लिया है,जिससे उन्हें इस फिल्म को करने में समय लगा. ये फिल्म हिंदी और मराठी में रिलीज होने वाली है. वे अपनी फिल्म को लेकर बहुत खुश है पेश है कुछ अंश.
सवाल-साल 2020 की ये एक बड़ी फिल्म आप लोगों तक थ्री डी में पहुंचा रहे है, इसका ख्याल कैसे आया?
इसे थ्री डी में करना जरुरी था, क्योंकि आपने ऐसी फिल्म देखी नहीं है. जो तकनीक मैंने इसमें प्रयोग की है, वह आज तक हमारे देश में देखी नहीं गयी है. ये सारे कमाल हमारे देश के लोगों ने किया है. मैं हमेशा ऐसी कोशिश करता हूं कि मैं कुछ नयी चीजों की शुरुआत फिल्मों में करूँ और मैंने पहले किया भी है. इस फिल्म को करने में 4 साल का समय लगा.
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सवाल- तानाजी के लिए कितनी रिसर्च करनी पड़ी? ऐसी फिल्में बनाना कितना मुश्किल होता है?
ये सोलहवीं सदी की इतिहास है और उनके बारें में अधिक कुछ लिखा हुआ नहीं है, ऐसे रिसर्च के बाद एक कहानी बनानी पड़ी, जो दर्शकों को अच्छा लगे. इसके अलावा लेखक ने कई इतिहासकारों और परिवार वालों से मिले और जानकारी हासिल की.
ऐसी फिल्में बनाना बहुत मुश्किल होता है हर चीज क्रिएट करनी पड़ती है. कहानी को ठीक करना पड़ता है. इसके बावजूद भी देश इतना बंटा हुआ है कि कंट्रोवर्सी आ ही जाती है. इस फिल्म को बनाने का उद्देश्य यह भी है कि हमें आज़ादी मुश्किल से मिली है. इसलिए उसका ख्याल आज के यूथ को रखने की जरुरत है. इसके अलावा एक्शन सीन्स, तकनीक आदि कठिन थे.
सवाल- तकनीक का ज्ञान आपमें सालों से है, इसकी जानकारी आपने कैसे प्राप्त की?
मैंने अपने पिता से काफी जानकारी हासिल की है. 10 साल की उम्र से मैंने इसमें कदम रखा था और उनके साथ उस समय फिल्मों के बनने की पूरी प्रोसेस को मैं देखता और करता भी था. इसी से मेरी रूचि इसमें सालों से है. तब काम करना बहुत मुश्किल था अब तो बटन दबाते ही सब काम हो जाता है. तकनीक की वजह से आज काम करना आसान हो गया है.
सवाल- काजोल के साथ सालों बाद फिर से काम करने का अनुभव कैसा रहा?
पहले जैसा ही था. मैंने ही उसे इस फिल्म को करने के लिए कहा था, क्योंकि तानाजी ने जीवन में बहुत त्याग किये है, लेकिन उनके परिवार का त्याग सबसे अधिक रहा , क्योंकि किसी भी मुश्किल घडी में पत्नी चेहरे पर मुस्कान लिए पति को टिका लगाकर विदा करती थी, जबकि वह जानती थी कि इसके बाद वे युद्ध से लौटकर आ सकते है या नहीं भी, पर इसका शिकन वे अपने पति को ज़ाहिर नहीं करती थी और ऐसी भूमिका काजोल के अलावा कोई नहीं कर सकता था, क्योंकि इसमें पत्नी के भाव को दिखाना कठिन था. कहानी सुनने के बाद उसने भी हां कर दी.
सवाल- क्या आप मानते है कि महिलाओं का त्याग आज भी कायम है?
ये मैं मानता हूं कि महिलाओं ने हमेशा से त्याग हर जगह हर देश में किया है. कोई भी इंसान महिला के सहयोग के बिना आगे नहीं बढ़ सकता, फिर चाहे वह माँ, पत्नी, बहन या बेटी क्यों न हो. सबसे पहले वह एक महिला के बिना तो पैदा ही नहीं हो सकता, न पल सकता है और न बड़ा हो सकता है.
सवाल- आप दोनों की 20 साल की शादीशुदा जिंदगी का राज क्या है?
हम दोनों ने कभी एक दूसरे की जिंदगी में दखल नहीं दिया. स्पेस दिया, दोनों को अपने काम करने की आजादी मिली. इससे आप जो करना चाहे कर पाते है और एक दूसरे को रेस्पेक्ट भी मिलता है. वह एक पत्नी और कलाकार के रूप में भी परफेक्ट है.
सवाल-आप अभिनेता, निर्माता, निर्देशक सब कुछ किया है, मुश्किल किसमें होती है? आपको दर्शकों का प्यार खूब मिलता है, इसकी वजह क्या मानते है?
मैं जो भी काम करता हूं उसी में मुश्किल अनुभव करता हूं. हर काम की अपनी समस्याएं है. मुझे दर्शकों का प्यार हमेशा मिला है, इसकी वजह है सही फिल्म का करना, जिसकी कोशिश मैं लगातार करता हूं. अगर आप कुछ गलत काम न करे, तो दर्शक हमेशा आपको देखना पसंद करते है.
सवाल- छात्र जीवन में आपको किस विषय से प्यार था?
मुझे इतिहास हमेशा से पसंदीदा विषय रहा है, अंकगणित मुझे समझ में कम आती थी. इतिहास आज भी मुझे पसंद है.
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सवाल- क्या इस तरह की कई और फिल्में बनाने की इच्छा है?
अभी हम आगे किसी और योद्धा को लेने की कोशिश करेंगे, क्योंकि इसमें केवल इतिहास से ही नहीं, आज भी कई ऐसे पुरुष और महिलाएं है, जो काम कर रहे है, पर उन्हें कोई जानता नहीं है. मैं ऐसे सभी पर फिल्म बनाने की इच्छा रखता हूं, ताकि पूरी दुनिया और देश उनके बारें में जान सकें.
सवाल-समय के साथ इंडस्ट्री कितनी बदली है? फिटनेस के लिए क्या करते है?
आज इंडस्ट्री प्रोफेशनल तरीके से काम करती है, दोस्ती यारी अब कम हो चुकी है, सभी काम में लगे है. ये स्ट्रेसफुल है. काम के लिए अच्छा है, पर हेल्थ के लिए ठीक नहीं, पर मेरी कोशिश रहती है कि 9 टू 6 काम करूँ. मैं हमेशा से ही अनुशाषित जीवन बिताना पसंद करता हूं. फिटनेस के लिए व्यायाम और डाइट करता हूं.