Amitabh Bachchan : 80 और 90 के दशक की फिल्मों में कई ऐसे सीन होते थे जिनका कोई लौजिक नहीं होता था लेकिन वह इमोशनल होने की वजह से दशकों के दिलो से जुड़ जाते थे. क्योंकि ना तो उस दौरान डायरेक्टर ज्यादा लौजिक और अन लौजिक के बारे में सोचते थे और ना ही दर्शक इस बारे में ज्यादा सोचते थे, उस दौरान सिर्फ इमोशनल सीन हो तो दर्शकों को जरूर पसंद आ जाता था.
लिहाजा ऐसे सीन करने में एक्टर भी ज्यादा ना नुकूर नहीं करते थे. अमिताभ बच्चन उन्हीं एक्टरों में से एक थे जो डायरेक्टर की बात मानकर चलते थे क्योंकि अमिताभ बच्चन का मानना है डायरेक्टर कैप्टेन औफ द शीप होता है और उसे सब पता होता है कि वह क्या कर रहा है.
ऐसा ही एक सीन अमित जी ने अमर अकबर एंथोनी फिल्म को लेकर एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि जब वह अमर अकबर एंथोनी में काम कर रहे थे तब उस फिल्म में एक सीन था जिसमें बचपन में खोए हुए तीन बेटे अपनी बिछड़ी हुई मां को जिसे वह जानते नहीं है लेकिन मदद के हिसाब से खून दे रहे हैं जो कि एक ही जगह पर जमा हो रहा है जो कि बेसिकली गलत है उस दौरान जब अमित जी ने डायरेक्टर को उस सीन में दिखाई जाने वाली गलती के बारे में बताने की कोशिश की तो डायरेक्टर ने कहा दर्शक लौजिक नहीं इमोशन देखते हैं, उसके बाद जब फिल्म रिलीज हुई तो वहीं सीन सबसे ज्यादा पसंद किया गया.
ऐसा ही एक और वाकया अपनी फिल्म से जुड़ा अमित जी ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्हें अपने शुरुआती करियर में फिल्म जंजीर मिली थी, उस दौरान अमित जी को उत्सुकता थी कि आखिर मुझे यह फिल्म जंजीर के लिए कैसे चुना गया. इस फिल्म की कहानी सलीम जावेद ने लिखी थी लिहाजा मैंने जब एक बार जावेद साहब से पूछा उन्होंने मुझे जंजीर फिल्म में कैसे लिया. तो जावेद साहेब ने बताया कि उन्होंने अमित जी की मुंबई टू गोवा फिल्म देखी थी जिसमें वह एक सीन में होटल में सैंडविच खाने जाते हैं और तभी विलन शत्रुघ्न सिन्हा उनको मारने के लिए टेबल पर आते हैं तो हमारी मारपीट होती है और उस फाइट सीन के दौरान मैंने सैंडविच पूरा खाया और सैंडविच चबाते चबाते मैने शत्रुघ्न से फाइट की, जावेद साहेब के अनुसार उनको मेरा यही स्टाइल अच्छा लगा कि मैंने मार खाते हुए भी सैंडविच नहीं छोड़ा और सैंडविच खाते खाते मारपीट का शॉट दिया.
मेरे इस सेंडविच वाले स्टाइल ने ही जावेद साहब को मुझे जंजीर फिल्म में लेने के लिए प्रोत्साहित किया. गौरतलब है अमिताभ बच्चन ने हमेशा डायरेक्टर के सुझाव का डायरेक्शन का सम्मान किया है. हमेशा डायरेक्टर के कहने पर चले. यही वजह है कि आज अमिताभ बच्चन सुपरस्टार हैं.