कौमेडी का नया फंडा है ‘स्टैंडअप कौमेडी.’ इस के बारे में तो आप जानते ही होंगे और अगर नहीं जानते हैं, तो कपिल शर्मा को टीवी पर जरूर ही देखा होगा. उसी तरह की हास्यकला को दर्शाते हुए होती है ‘स्टैंडअप कौमेडी’ जिस में एक हास्य कलाकार स्टेज पर खड़ा हो कर अपने सामने बैठे दर्शकों को हंसाहंसा कर लोटपोट करता है. वह अपनी बातों व टिप्पणियों से अपने दर्शकों को हंसाता है. उस के चुटकुलों में समाज में चल रहे मुद्दे शामिल होते हैं.

देश में बहुत से ऐसे पुरुष हास्य कलाकार हैं. मगर, अब कई महिलाएं भी इस क्षेत्र में काम कर रही हैं. कौमेडी क्वीन्स कही जाने वाली ये हास्य कलाकार अंधविश्वास, कुरीतियों, रूढि़यों, पुरुषप्रधान समाज आदि पर हास्य के माध्यम से चोट करती हैं.

भारती का हास्यनामा

भारत में किसी स्टैंडअप महिला हास्य कलाकार का नाम लें तो सब से पहले नाम आता है कौमेडी क्वीन का तमगा हासिल कर चुकीं छोटे परदे की लल्ली उर्फ अमृतसर की भारती सिंह का. जो अपनी फुजूल की निरर्थक व बचकानी बातों से दर्शकों को गुदगुदाती हैं. भारती सिंह लल्ली नाम के बारे में कहती हैं, ‘‘मैं जब 2008 में अपने पहले टीवी शो में आई, तो लल्ली नाम से फेमस हुई. अधिकतर लोग तो मेरा सही नाम जानते ही नहीं थे. लेकिन लल्ली अब समय के साथ जवान हो कर भारती बन गई है. हमेशा बच्ची थोड़े ही रहेगी.’’

भारती कौमेडी शो ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ सीजन 4 की दूसरी रनरअप भी रहीं, जहां इन की स्टैंडअप कौमेडी के काल्पनिक पात्र लल्ली की काफी प्रशंसा हुई. वे प्रतियोगी के रूप में ‘कौमेडी सर्कस’ की 2010 की सीरीज ‘कौमेडी सर्कस के सुपरस्टार्स’ और ‘कौमेडी सर्कस का जादू’ में भी शामिल हुईं. 2011 में उन्होंने ‘जुबिली कौमेडी सर्कस,’ ‘कौमेडी सर्कस के तानसेन’ और कौमेडी सर्कस का नया दौर’ में भी भाग लिया. 2011 में टीवी शो ‘प्यार में ट्विस्ट’ में भी अभिनय किया. इस के अतिरिक्त सैलिब्रिटी डांस रिऐलिटी शो ‘झलक दिख ला जा 5’ में भी वे एक प्रतियोगी के तौर पर आईं. ये सालों से स्टैंडअप ऐक्ट कर रही हैं.

ये कई टीवी रिऐलिटी शोज में दिखाई दीं और कई इनाम भी जीते. टीवी शोज के अलावा, वे पंजाबी फिल्मों जैसे ‘एक नूर’ और ‘यमला जाट यमला’ में भी दिखाई दीं. उन्होंने अपनी फिल्म ‘खिलाड़ी  786’ के साथ बौलीवुड में कदम रखा. भारती सिंह एक एपिसोड में अभिनय के लिए 25 से 30 लाख रुपए लेती हैं और 15 लाख रुपए लाइव इवैंट में परफौर्म करने के लेती हैं. उन की सालाना इनकम लगभग 8 करोड़ रुपए है.

व्यंगबाण छोड़तीं अदिति

अदिति मित्तल देश की चर्चित हास्य कलाकार हैं. उन का शो किसी अन्य की तुलना में काफी प्रभावशाली माना जाता है. वे एडिनबर्ग फैस्टिवल और बीबीसी में अपने शो के जरिए तेजी से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना मुकाम बनाती जा रही हैं. बीबीसी रेडियो पर उन्होंने एक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया ‘अ बिगनर्स गाइड टू इंडिया’ के नाम से. उन्होंने अपने पहले शो में दुनिया को भारत की महिलाओं के बारे में बताया.

वे हर विषय पर बात करती हैं. वे 1991 से भारतीय अर्थव्यवस्था से ले कर राजनीति, भारतीय महिला धावकों को अनदेखा करने पर भी व्यंग्य करती हैं. अदिति असल में भारतीय समाज की सोच पर चोट करती हैं. उन के शोज के विषय ऐसे होते हैं कि आप हंसते हुए लोटपोट तो होंगे ही, साथ ही अंदर ही अंदर शर्म से पानीपानी भी हो जाएंगे.

अदिति ने भारतीय समाज की कड़वी सचाइयों को मजाक के रूप में प्रस्तुत किया है. उन के मजाक में महिलाएं तो ठहाके लगाती ही हैं, पर लड़कों के लिए वहां बैठे रहना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. वे देश में महिला हास्य कलाकारों की कमी पर भी मजाक करती है, कहती हैं, ‘‘आप देश में महिला कौमेडियनों की संख्या गिनो तो आप जीरो की खोज कर लेंगे.’’ अदिति अपनी कौमेडी से लोगों के दिलोदिमाग पर छा रही हैं.

अदिति मित्तल तमाम विषयों पर ऐसीऐसी बातें करती हैं कि आप हंसते ही रह जाओगे. उन्हें भारत की सब से फनी महिलाओं में और भारत के सब से अच्छे कौमेडियनों में से एक माना जाता है. विदेशों में भी उन्हें अपने ऐक्ट दिखाने के मौके मिल चुके हैं. अदिति की खास बात यह है कि वे ऐसी बातों को मजाकमजाक में कह जाती हैं जो आप भारत में लड़कियों से सुनने की उम्मीद भी नहीं कर सकते. वे ब्रा और ब्रैस्ट से जुड़ी बातों को बहुत तीखे अंदाज में कहती हैं. और साथ ही, वे संदेश भी देती हैं कि ब्रैस्ट कैंसर को ले कर जागरूक रहना चाहिए. सोशल नैटवर्किंग साइट ट्विटर पर स्टैंडअप कौमेडियन अदिति मित्तल ने अभिषेक बच्चन का मजाक उड़ाते हुए लिखा, ‘ऐश्वर्या को पहले एक पेड़ से शादी करनी पड़ी, ताकि बाद में वे एक चट्टान से शादी कर सकें मतलब अभिषेक से ऐक्टिंग नहीं होती, है न?’

महिला और कौमेडी!

‘‘हे भगवान, तुम एक औरत हो, तुम किसी को कैसे हंसा सकती हो?’’ कुछ ऐसी ही प्रतिक्रियाओं से गुजर कर भारत की युवा उभरती हास्य कलाकार जोड़ी ऋचा कपूर और सुमुखी सुरेश ने पुरुष प्रधान समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. ये बस कुछ ही पंक्तियां हैं जो ऋचा और सुमुखी को अकसर सुनने को मिलीं. हालांकि सुमुखी को एक और संदेश मिला वह भी किसी के मैट्रिमोनियल प्रोफाइल से, जिस में लिखा था कि वह अपने परिवार में एक ऐसे शख्स को चाहेंगे जो सब का मनोरंजन कर सके.

उन के सफर की कहानी जानने को उत्सुक लोगों को वे बताती हैं कि ये सब एक ऐसा सफर है जिस पर महिलाओं के कदम कभीकभी ही पड़े हैं. लोगों को लगता है कि महिलाएं लोगों को नहीं हंसा सकतीं. बस, यही धारणा तोड़ने के लिए उन्होंने इस ओर कदम बढ़ाया. इस दौरान कुछ ऐसे लोग मिले, जो थे तो बिलकुल अलग, फिर भी उन में कुछ अजीब तरह की समानताएं थीं.

ऋचा और सुमुखी की मुलाकात एक केंद्रीय मंच ‘द इम्प्रूव’ के साधारण से कौमेडी शो में हुई. सुमुखी जब इस मंच से जुड़ीं तो ऋचा को यह शो करते 2 साल हो चुके थे. सुमुखी कहती हैं, ‘‘हम ने साथ मिल कर इस में सुधार की कोशिश की और तब हमें महसूस हुआ कि हम दोनों बिलकुल अलग हो कर भी आपस में काफी मिलतेजुलते हैं. इस से हमें यह समझ आया कि हम एक टीम के रूप में बेहतर काम कर सकते हैं. फिर हम ने अपने हास्य नाटक खुद लिखने और उन्हें रंगमंच पर उतारने का फैसला किया.’’

बहुत से नाटक करने के बाद उन्होंने फैसला लिया कि वे इसे आधिकारिक तौर पर शुरू करेंगी और फिर यूट्यूब पर ‘स्केच इन द सिटी’ नाम से एक चैनल शुरू हुआ. ऋचा और सुमुखी को इस बात पर बहुत गुस्सा आता है जब लोग हैरानी जताते हैं कि 2 लड़कियां लोगों को कैसे हंसा सकती हैं? क्या वाकई इन लड़कियों में वह कला है? हालांकि वे दोनों समझती हैं कि लोगों की इस विचारधारा को गलत साबित करने का एक ही तरीका है, और वह है हर बार बेहतर प्रदर्शन, अपने हर शो को ऐसे पेश करना जैसे यह उन का आखिरी शो हो.

उन दोनों का कहना है, ‘‘हम ने शर्मिंदा होने के मजे लिए और उन चीजों से भी प्यार किया जो अपमानित करने वाली थीं. इन चीजों में दिमाग लगाने के बदले काम पर ध्यान देने की हमारी सोच ने हमें बांधे रखा और हर जोखिम लेने के लिए तैयार किया.’’

जोखिम लेना जरूरी

सुमुखी के मुताबिक, ‘‘हमारे देश में लोग इतना नहीं हंसते जितना हंसना चाहिए और खुद पर तो बिलकुल भी नहीं. देश हंस तो रहा है, लेकिन ज्यादातर लोगों की हंसी की वजह ऐसे चुटकुले हैं जो आमतौर पर पत्नियों, महिलाओं, महिलाओं से जुड़ी बातों, परेशान करती प्रेमिकाओं और कपड़ों को ले कर होते हैं या फिर सैक्स को ले कर.’’ वे आगे कहती हैं, ‘‘इसे रोकने की जरूरत है. हम ने एक छोटी सी शुरुआत की है.

‘‘उम्मीद है कि हम आगे बढ़ेंगे. एक ऐसे देश में जहां हास्य अनकही बातों को कहने और असहज मुद्दों पर चर्चा का एक जरिया बन पाए और हास्य कलाकार को यह कहने में कोई डर न हो.’’

ऋचा कहती हैं, ‘‘आगे बढ़ो और अपने अंदर के बेवकूफ को बाहर निकालो. खुद को समझा लो, अभी नहीं, तो कभी नहीं.’’ ऋचा अपनी जोड़ी के लिए गाते हुए संदेश देती हैं, ‘‘जब तक हम अपने लक्ष्यों के प्रति सचेत हैं, दुश्वारियां कमजोर पड़ने लगती हैं. ऐसे मौकों पर आप को खुद को अपना सब से बड़ा हथियार बनाना पड़ेगा.’’

यह बात इन अदाकाराओं के बारे में दिए जाने वाले लगभग हर इंटरव्यू में कही जाती है, यहां तक कि अब ये खुद अपने कार्यक्रमों के दौरान यह बात दोहराना नहीं भूलतीं. कौमार्य झिल्ली वाला चुटकुला तो इन के द्वारा उठाए जाने वाले अनेक मुद्दों का एक छोटा सा उदाहरण मात्र है. इन के द्वारा चर्चा किए जाने वाले विषयों की लंबी फेहरिस्त है, जो सैक्स से जुड़े मुद्दों की है.standup comedian

बढ़ती संभावनाएं

आज नीति पल्टा, वासु प्रिम्लानी और राधिका वाज के साथसाथ अदिति मित्तल की गिनती भारत की चुनिंदा 4 महिला कौमेडियनों में की जाती है. नीति पल्टा दिल्ली से हैं और एक फेमस स्टैंडअप कौमेडियन हैं. वे अपने ह्यूमर में नारीवादी सोच रखती हैं. अपने यूट्यूब चैनल के अलावा वे दूसरे चैनलों पर भी दिखती हैं. वे भारत के बेहतरीन स्टैंडअप कौमेडियनों में से एक हैं.

पिछले ढाई वर्षों से चार्टर्ड अकाउंटैंसी की छात्र सोनाली ठक्कर भी तेजी से इस क्षेत्र में उभर रही हैं. वे कहती हैं, ‘‘कौमेडी के क्षेत्र में संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. जितनी डिमांड है उतनी सप्लाई नहीं है.’’ सोनाली अंधविश्वासों और गुजराती होने पर जो चुटकुले और व्यंग्य सुनाती हैं वे काफी लोकप्रिय हैं.

बेंगलुरु हो, दिल्ली हो या फिर देश का कोई भी कोना, महिलाओं के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है. वे छोटे कपड़े पहनें या फिर बुर्का, उन के साथ छेड़छाड़ तो होनी ही है, लेकिन कौमेडियन मल्लिका दुआ ने सारी लड़कियों को इस छेड़खानी से बचने का एक तरीका सुझाया है, मेकअप के जरिए. मल्लिका सोशल मीडिया पर मेकअप दीदी के नाम से वीडियो सीरीज करती हैं जिस में वे अलगअलग लुक्स के साथ कौमेडी करती दिखती हैं.

मल्लिका अपने सरोजिनी नगर वाले वीडियो से मशहूर हुईं और इस के बाद वे आज हर इंटरनैटप्रेमी के दिल में बसती हैं. उन्होंने एक वीडियो बनाया. यह वीडियो सरोजिनी नगर मार्केट पर बनाया गया था. इस में मल्लिका ने अलगअलग तरह की कई लड़कियों की भूमिकाएं निभाई थीं. मल्लिका कहती हैं कि उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ था कि उन का यह मजाकमजाक में बनाया गया वीडियो इतना हिट हो जाएगा.

दरअसल, इन दिनों हास्य कलाकारों की बाढ़ आई हुई है. ‘जो मांगोगे वही मिलेगा’ वाली हालत है. कोई परिवारों का मनोरंजन कर रहा है, तो कोई इस के जरिए सामाजिक व्यवस्था पर प्रहार कर रहा है, कोई सिर्फ चुटकुलेबाजी कर रहा है तो कोई सैक्स कौमेडी. तरीके भले ही बहुतेरे हों मगर हर कौमेडी का ही मकसद होता है हंसाना और उसे ये कलाकार पूरा करने की बखूबी कोशिश कर रहे हैं.

VIDEO : एविल आई नेल आर्ट

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