‘फिल्म 83’ फेम अभिनेता निशांत दहिया ने मुख्य रूप से हिंदी फिल्मों में काम किया हैं, जिसमे टीटू एमबीए, मुझसे फ्रेंडशिप करोगे, मेरी प्यारी बिंदु आदि फिल्में शामिल हैं. निशांत ने मॉडलिंग से अपने अभिनय की शुरुआत की है और वर्ष 2006 में ग्रासिम मिस्टर इंडिया की प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमे वे फर्स्ट रनर अप रहे. बेस्ट स्माइल और मिस्टर फोटोजेनिक का टाइटल भी जीता. इसके बाद वे मुंबई आये और मॉडलिंग शुरू की. इससे उनकी पहचान इंडस्ट्री में बनी और उन्हें छोटी – छोटी भूमिका मिलने लगी. उन्होंने शुरू में जो भी काम मिला करते गए, क्योंकि इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान नहीं होता.
मध्यप्रदेश के जाट परिवार में जन्मे निशांत के पिता राजेंद्र सिंह इंडियन आर्मी में रहे और उनकी माँ उर्मिला एक हाउसवाइफ है. सरकारी पद पर कार्य करने की वजह से निशांत को देश के विभिन्न स्थानों पर जाना पड़ा. उनका एक बड़ा भाई प्रशांत दहिया भी सेना में है.
मिली प्रेरणा
निशांत कहते है कि मैं एक आर्मी परिवार से हूँ, मेरे पिता आर्मी में कर्नल थे, अब रिटायर हो चुके है. मेरे दादा कर्नल रहे, वे भी रिटायर्ड है. मेरे बड़े भाई कर्नल है आर्मी में मेरे परिवार की तीसरी पीढ़ी चल रही है, पर मैं नहीं गया , क्योंकि भाई कश्मीर बॉर्डर पर है और पिता चाइना बॉर्डर पर रहे, ऐसे में माँ की इच्छा थी कि मैं उनके साथ रहूँ. उसी वजह से मैं आर्मी में नहीं गया. मैंने इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की, फ़ौज में सेलेक्ट भी हुआ, एक छोटी सी नौकरी भी किया, लेकिन अंत में मुंबई एक्टिंग के लिए आ गया, जबकि मैंने अभिनय के बारें में कभी सोचा नहीं था. मुझे परफॉर्म करना पसंद था. मुंबई आकर मैंने छोटे – छोटे काम करने लगा, इससे लोगों ने मुझे जाना और धीरे – धीरे बड़ा काम मिला. इस तरह एक फिल्म से दूसरी और दूसरी से तीसरी फिल्में की.
किये संघर्ष
निशांत आगे कहते है कि बीच के 3 साल का दौर कभी ऐसा भी था, जब बहुत संघर्ष था और मुझे काम नहीं मिल रहा था. मैंने काफी अच्छे दोस्त खो दिए, रिश्ते टूटे, वित्तीय रूप से भी कमजोर रहा, लेकिन मेरी कोशिश हमेशा जारी रही और माता – पिता के आशीर्वाद से मैं यहाँ तक पहुँच पाया. आगे भी मेरी इच्छा है कि मैं अच्छा काम करू और दर्शकों का प्यार मिलता रहे.
सपना आगे बढ़ने का
निशांत की वेब सीरीज सुल्तान ऑफ़ दिल्ली डिजनी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज हो चुकी है, जिसे सभी पसंद कर रहे है और निशांत खुश है कि उन्हें एक अच्छी वेब सीरीज में काम करने का अवसर मिला. उनका कहना है कि ये वेब सीरीज फिल्म की तरह है. इसकी कहानी बहुत रिलेटेबल है, क्योंकि देखा गया है कि सालों से लोगों का सपना सुल्तान यानि पॉवर को पाने का होता है. जिसमे उनके आपसी रिश्ते बंट जाने के अलावा बिगड़ भी जाते है.
इसके आगे निशांत कहते है कि हर व्यक्ति कामयाब होने का सपना देखता है. मैंने भी देखा है और उसी के अनुसार काम कर रहा हूँ. इसके लिए मुझे हर काम को चुनने से पहले सोच – विचार करना पड़ता है. मैं एक अभिनेता हूँ और अभिनय करना मेरा काम है. मैं अपने निर्णय स्क्रिप्ट को पढने के बाद लेता हूँ. स्क्रिप्ट फिल्म की है या वेब की इस बारें में नहीं पूछता, क्योंकि इतने कम्पटीशन में जहाँ इतने बड़े – बड़े एक्टर्स है, ऐसे में अगर कोई मेरे पास अपनी स्क्रिप्ट लेकर आता है, तो वह मेरे लिए बड़ी बात होती है, ऐसे में स्क्रिप्ट पसंद होने पर मैं कर लेता हूँ.
मैं जब छोटा था तो ओटीटी नहीं थी, थिएटर ही मुख्य था, ऐसे में जब बड़े पर्दे पर एक्टर्स को अभिनय करते हुए देखता था, तो मैं अपने मन में सोचता था कि शायद मैं भी कभी ऐसा काम कर सकूँ, तो मेरे लिए अच्छी बात होगी. ये दूर का सपना था और तब उस ख्याल से खुश हो जाता था. बड़े पर्दे पर दिखना मुझे पसंद रहा, लेकिन एक अच्छी कहानी का हिस्सा बनना ही मुझे बहुत अधिक अपील करती है.