दीवाली का त्योहार हर व्यक्ति के लिए खुशियों और रोशनी का त्योहार है। बच्चों से ले कर वयस्क सभी को दीवाली में दीए जलाना, अच्छे कपड़े पहनना, मनपसंद पकवान बनाना और साथ में मिलजुल कर ऐंजौय करना होता है. ऐसे में कुछ सैलिब्रिटीज हैं, जो इसे अपने परिवार के अलावा अपने आसपास के लोगों के साथ इसे मनाना पसंद करते हैं, क्योंकि उन के चेहरे की खुशी उन्हें आनंदित करती है.

आइए, जानते हैं जी मराठी की शो ‘लाखात एक आमचा दादा’ में राजश्री की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री ईशा संजय इस बार दीवाली किस तरह मना रही हैं, जिसे उन्होंने सैट पर पूरी टीम के साथ मनाई है, क्योंकि उन के साथ काम करने वालों के साथ दीवाली मनाने का अनुभव उन के लिए बहुत अलग होता है.

खूबसूरत अनुभव

अपने अनुभव को शेयर करती हुई ईशा कहती हैं कि सैट पर मैं ने इस बार अच्छी तरह दीवाली मनाई है. शूट पर पहले दीवाली मनाने का एक फायदा यह है कि दीवाली से पहले ही हम सभी दीवाली मना लेते हैं, जो प्री दिवाली होती है. असल में सैट पर रोज साथ काम करते हुए सारे टीम के लोग परिवार बन जाते हैं, क्योंकि यहां बहुत सारा समय इन के साथ बिताना पड़ता है। ऐसे में उन के साथ दीवाली की खुशियों को बांटना एक अलग ही अनुभव होता है. मैंने अपनी टीम के भावेश दादा को इस बार चौकलेट गिफ्ट किया है, क्योंकि वे सैट के प्रौपर्टी का बहुत अच्छी तरह से ध्यान रखते हैं, साथ ही वे किसी काम को करने से कभी मना नहीं करते। वे बहुत ही विनम्र स्वभाव के हैं. वैसे तो मैं पटाखे नहीं जलाती, लेकिन इस बार सैट पर मैं ने फुलझड़ी जलाई है.

मिलनेमिलाने का त्योहार

खुशियों के इस त्योहार को ईशा अपने परिवार और आसपास के लोगों के साथ मनाती हैं. वे कहती हैं कि दीवाली का त्योहार मेरे घर में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. सालभर मैं इस का इंतजार करती हूं. इस दिन सब से मिलना मुझे बहुत पसंद है.

सजावट में कमी नहीं

दीवाली पर घर की सजावट के बारे में ईशा कहती हैं कि मेरे घर में मेरी मां बहुत अच्छी रंगोली बनती है, कभी फूल तो कभी रंगों के मिश्रण से वे तरहतरह के रंगोली बनाती हैं, जो उन के मूड पर निर्भर करता है. उन का थीम हर साल अलग होता है. मैं भी उन के साथ रंगोली बनाने की कोशिश करती हूं, लेकिन मुझ से इतना अच्छा नहीं बन पाता है. इसलिए मैं अधिकतर लाइटिंग पर अधिक ध्यान देती हूं, जिस में लंबी स्ट्रिंग लाइट, जो जलतीबुझती रहती है, जिसे बालकनी में मैं लगाती हूं. इस के अलावा कंदील, दीए, मोमबत्तियां हर तरह के रोशनी से घर को सजाती हूं, जो दिखने में बहुत अच्छा लगता है.

बनते हैं स्वादिष्ठ व्यंजन

मुझे मिठाइयां बहुत पसंद हैं, खासकर दीवाली पर मेरी मां हर तरह की मिठाइयां और नमकीन बनाती हैं, जिस में बेसन के लड्डू, रवा लड्डू, चकली, करंजी आदि खास होते हैं. मुझे याद है कि बचपन से मैं ने मां को बाहर से मिठाई मंगाते हुए नहीं देखा है, क्योंकि उन्हें बाहर की मिठाई पसंद नहीं. मेरी बहन जो अमेरिका में रहती है, उस के पास भी ये सारी चीजें भेजती हैं. मेरे लिए भी घर पर रखती हैं. इसलिए ऐसी मिठाइयां और नमकीन मां दीवाली पर 2 बार बनाती हैं, जिस में मैं मां का हाथ बटाती हूं. करीब 15 दिन पहले से मां की तैयारी शुरू हो जाती है. वैसे तो मां के हाथ का बना सबकुछ मुझे पसंद है, लेकिन उन में चकली सब से अधिक पसंद है, क्योंकि दीवाली के बाद भी मैं सुबह
की चाय चकली के साथ खाती हूं.

मिलती हैं छुट्टियां

दीवाली को पसंद करने की वजह सब से मिलना ईशा के लिए खास होता है, क्योंकि दीवाली के अलावा उन्हें काम से छुट्टी नहीं मिल पाती, इसलिए इस दिन पूरी तरह से फ्री हो कर परिवारजनों और फ्रैंड्स से मिलना उन के लिए बहुत खास होता है, क्योंकि पहले इतना दूर वह कभी नहीं रहीं, इसलिए अब तो उन्हें दीवाली पर घर जाने की बहुत अधिक इच्छा रहती है. साथ ही वे बहुत बातूनी भी हैं, इसलिए सब से खूब बातें करती हैं.

सुपर पावर मिलने पर

सुपर पावर मिलने पर ईशा उन की टीम में काम करने वाले लाइट बौय, स्पौट बौय आदि सभी के लिए दीवाली पर कम से कम 5 दिन की छुट्टी देना चाहेगी, ताकि वे जहां भी रहते हों, घर जा कर परिवार के साथ इस त्योहार को अच्छी तरह से मना सकें.

अंत में इस दीवाली पर ईशा सभी से कहना चाहती हैं कि आप सभी इस बार परिवारजनों और दोस्तों से मिल कर अपनी खुशियों को बांटें. इंस्टाग्राम और फेसबुक का सहारा न लें, पटाखे न फोड़ें, कलरफुल लाइट्स से घरों को सजाएं, ताकि प्रदूषण में कमी आए.

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