विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘परिणीता’ से चर्चा में आई अभिनेत्री और माडल दीया मिर्जा मिस इंडिया एशिया पेसिफिक की ताज भी जीत चुकी हैं. ताज जीतने के बाद उनके पास फिल्मों की झड़ी तो लग गयी, पर उनका शुरुआती दौर अधिक सफल नही रहा, उनकी कई फिल्में फ्लाप रहीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और जो भी फिल्म मिली, उसमें काम करती गयीं और एक बार फिर विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ में काम कर नाम कमाया. शांत और हंसमुख स्वभाव की दीया मिर्जा अपने कैरियर से बहुत खुश हैं, क्योंकि उन्होंने काम अपनी शर्तों पर किया और 26 साल की उम्र में अपना प्रोडक्शन हाउस खोल फिल्म निर्माण के काम में लग गईं, हालांकि उनकी निर्मित फिल्में बाक्स आफिस पर अधिक सफल नहीं रही. पर उन्हें इसका मलाल नहीं है.

दीया के इस कैरियर में साथ दिया उनके पति और बिजनेस पार्टनर प्रेमी साहिल सिंहल ने, जिससे वह हर बात पर चर्चा करती हैं. अभी दीया फिल्म ‘संजू’ में मान्यता दत्त की भूमिका निभा रही हैं, उनसे बात करना रोचक था पेश है अंश.

इस फिल्म में काम करने की वजह क्या है? कितनी उत्साहित हैं?

मैंने निर्देशक राजू हिरानी के साथ ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ फिल्म की है. जब मुझे पता चला कि वे फिल्म ‘संजू’ को लिख रहे हैं तो बहुत अच्छा लगा, क्योंकि संजय दत्त के बारे में जो छवि बाहर है, उससे वे कहीं अलग है और हम उन्हें ठीक से जानते नहीं हैं. जब उन्होंने मुझे स्क्रिप्ट सुनने के लिए बुलाया तो उसे सुनकर मैं हैरान हो गयी. उन्होंने बहुत अच्छी तरह से कहानी को कहा है. मैंने संजय दत्त के साथ फिल्में की है, पर मुझे भी उनके बारें में सही जानकारी नहीं है. वही मेरे लिए बहुत उत्साहपूर्ण था.

इसके अलावा बहुत कम लोग इंडस्ट्री में हैं, जो इतनी सादगी, मर्यादा और इमानदारी से कहानी को कहते हैं, यह मेरे लिए सौभाग्य है कि मैं ऐसे निर्देशक के साथ फिर से काम कर पायी.

ऐसी रियलिस्टिक फिल्मों में काम करने के लिए कितनी तैयारी करनी पड़ती है?

उस माहौल और उसे समझना ऐसी फिल्मों में खास होता है. कोई भी भूमिका को तभी किया जा सकता है जब उसके ‘इमोशनल आस्पेक्ट’ को अच्छी तरह से समझ लिया जाय और ये सभी फिल्मों में लागू होता है. मैंने उस एहसास और इमोशन को समझने के लिए काफी रिसर्च किया है.

क्या आप चाहेंगी कि आप पर भी कभी फिल्म बने?

ये कहना बहुत मुश्किल है, क्योंकि मैंने बहुतो की बायोग्राफी पढ़ी है और मैं उसमें आती हूं या नहीं ये समझना पड़ेगा अगर किसी को लगा कि मेरी लाइफ भी उतनी ही रुचिपूर्ण है, तो अवश्य बनेगी और मुझे इससे कोई ऐतराज नहीं होगा.

आप अपनी जर्नी को कैसे देखती हैं?

मेरे काम करने का तरीका कभी भी एक निश्चित रास्ते पर नहीं रहा है. मेरा हमेशा से यह रवैया रहा है कि मुझे काम करना है किसी से कोई बैर भाव रखना नहीं है और हमेशा खुश रहना है. मैं बहुत खुश हूं अपनी जर्नी से, क्योंकि काम ऐसा होना चाहिए जिसे करके आप खुश रह सके आत्मसंतुष्टि मिले. वह मुझे मिला है. मैंने अच्छे–अच्छे लोगों के साथ काम किया है. इसके अलावा मैंने बहुत यात्रा की है, लोगों से बहुत कुछ सीखा है. इस दौरान मैं अपनी शक्ति और कमजोरी को भी खोज पायी, साथ ही महिला के रूप में अपनी पहचान बनायी, जो मेरे लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण है. मैंने 26 साल की उम्र में अपना प्रोडक्शन हाउस खोला और फिल्में बनायीं उसके प्रोसेस को एन्जाय किया. वित्तीय रुप से आत्मनिर्भर होने से अधिक किसी भी महिला के लिए और कुछ भी नहीं होता, जो मैं हूं. मैं अपने आप को लकी मानती हूं.

इंडस्ट्री में इतने साल रहने के बावजूद आपने अपने आप को इतना ‘डाउन टू अर्थ’ कैसे रखा?

मैंने कभी ये नहीं सोचा कि मैं एक सेलेब्रिटी हूं. मैं एक आम इंसान हूं और यही सोच हमेशा मेरे मन में रहती है. इसके अलावा हमेशा मैं खुश रहना चाहती हूं और इसके लिए मुझे जो करना पड़े मैं करती रही और यहां तक पहुंची. इसमें उतार चढ़ाव कई आये, पर मैंने उसे कभी भी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया.

आपकी खूबसूरती का राज क्या है?

मैं हमेशा सकारात्मक सोच रखती हूं और किसी बात से घबराती नहीं. इसके अलावा मेरी त्वचा ही ऐसी है जिसपर अधिक ध्यान देने की जरुरत नहीं पड़ती, लेकिन उसकी क्लीनिंग, टोनिंग और मोयस्चरायजिंग अवश्य करती हूं. इसके अलावा फ्रेश फ्रूट्स और सब्जियां अधिक लेती हूं, गर्मी में खूब सारा पानी पीती हूं.

क्या आप सोशल वर्क करना पसंद करती हैं?

मैं पर्यावरण प्रदूषण को लेकर काफी चिंतित रहती हूं और उसपर जो भी काम मिले मैं करना पसंद करती हूं. हमारे भविष्य के लिए पर्यावरण को बचाना बहुत जरुरी है.

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