कई बार आप उस रास्ते पर चल पड़ते है, जहाँ आपकी मंजिल नहीं होती. ये समझना मुश्किल है कि आपकी मंजिल है कहाँ, पर आपकीसमझ उसे महसूस करवाती है और आप सही दिशा निर्देश की ओर चल पड़ते है. कुछ ऐसा ही सोचते है, मॉडल और अभिनेता क्रुशाल आहूजा, स्पोर्ट्स पर्सन होने के बावजूद वे अभिनेता बनें और एक सफल कलाकार के रूप में जाने जाते है. कोलकाता में जन्मे और वहां रहने वाले क्रुशल ने बांग्ला धारावाहिकों और फिल्मों में काम किया है,उनकी बांग्ला धारावाहिक ‘रानू पेलो लटारी’ और ‘की कोरे बोलबो तोमाय’ को दर्शकों ने काफी पसंद किया, जिससे वे बांग्ला इंडस्ट्री में काफी लोकप्रिय हुए. उनके इस काम में उनके परिवार वालों ने काफी सहयोग दिया है. क्रुशाल को हिंदी धारावाहिकों में काम करने की इच्छा थी और अब उन्हें जी टीवी की हिंदी धारावाहिक ‘रिश्तों का मांझा’ में मुख्य भूमिका अर्जुन अग्रवाल की निभाने का अवसर मिला है, जिससे वे बहुत खुश है.इस धारावाहिक में क्रुशाल की भूमिका को दर्शक पसंद भी कर रहे है, जिम करते हुए उन्होंने कोलकाता से बात की, पेश है कुछ खास अंश.

सवाल– इस धारावाहिक में काम करने की खास वजह क्या है?

जवाब – ये मेरी पहली हिंदी धारावाहिक है, जिसकी प्रतीक्षा मुझे बहुत दिनों से रही. इसके अलावा मुझे इसकी कहानी काफी पसंद आई. कहानी में बैडमिंटन, वुमन इमपॉवरमेंट, स्वीट लव स्टोरी आदि सबकुछ होने की वजह से मैं इसे मना नहीं कर पाया. इसके अलावा इसमें  अर्जुन एक लड़का, जो अपनी नकारात्मक सोच और समस्याओं से हार कर आत्महत्या करेगा या सब छोड़ देगा.उसके इस डार्क फेज में उसकी पत्नी ‘दिया’उसे उस दायरे से हमेशा निकालने में सफल होती है.

सवाल– ये कहानी एक बांग्ला धारावाहिक ‘दीप जेले जाय’ से कितना प्रेरित है?

जवाब – ये उस बांग्ला धारावाहिक की एडाप्टेशन है, लेकिन नेशनल ऑडियंस को ध्यान में रखते हुए कुछ बदलाव किये गए है.

सवाल– ये तो धारावाहिक है, जिसमें आप नकारात्मक सोच रख रहे है, क्या रियल लाइफ में आपको कभी डार्क फेज, डिप्रेशन या स्ट्रेस हुआ, जिससे आप पूरी तरह से टूट चुके हो, कैसे उससे निकले, किसने सहयोग दिया?

जवाब – ये तो हर दिन कुछ न कुछ होता रहता है. डिप्रेशन और तनाव हर किसी के जीवन में होता रहता है, लेकिन इसमें व्यक्ति की मानसिक अवस्था कितनी मजबूत है, उसे देखना पड़ता है, ताकि वह इंसान व्यक्ति या परिवार से अपनी बातें शेयर करते हो और डिप्रेशन में जाने की नौबत न आती हो. मैं क्रुशाल आहूजा कभी भी गिव अप नहीं करता, फाइट करताहूँ और समाधान भी निकालता हूँ. मेरे किसी समस्या में परिवार का सहयोग बहुत रहा है, इससे कभी गिवअप करने का सवाल नहीं उठा. इसके अलावा काम के साथ-साथ इंडस्ट्री की समस्या और पर्सनल समस्या सभी में भी उन्होंने साथ दिया है. इसलिए परिवार मेरे जीवन में एक बहुत बड़ा एडवांटेज है.

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सवाल– हिंदी में आप डेब्यू कर रहे है, जबकि आपने पहले बांग्ला धारावाहिकों में काम किया है, क्या इन दोनों माध्यम में किसी प्रकार का अंतर महसूस करते है?

जवाब–अंतर केवल भाषा का है. इमोशन सभी का एक ही होता है. नेशनल लेवल पर इस शो को जाने की वजह से इसकी मेकिंग पर खास ध्यान दिया जा रहा है. बाकी शूटिंग सब एक है.

सवाल– इसकी शूटिंग कहाँ की जा रही है?

जवाब– इसकी शूटिंग कोलकाता में की जा रही है.

सवाल– अभिनय में आने की प्रेरणा कैसे मिली? क्या आपके परिवार से कोई मनोरंजन के क्षेत्र में है?

जवाब– बचपन से मैं स्पोर्ट्स में था और कक्षा 12 तक स्पोर्ट्स को ही फोलो किया, पर एक दिन मैंने एक बांग्ला फिल्म की शूटिंग को स्कूल परिसर में होते हुए देखा, जिसमें स्कूल के 100 छात्र बैकग्राउंड में खड़े थे, उसमें मैं भी एक था. पूरे दिन शूटिंग को देखने में बहुत मजा आया और अभिनय के क्षेत्र में जाने की इच्छा हुई. मैं कोलकाता से मुंबई आकर एक संस्था से अभिनय की ट्रेनिंग ली और ऑडिशन देने लगा, लेकिन तब मुझे बांग्ला में अच्छा अवसर मिला और मैं उसमें अभिनय करने लगा.

सवाल–आप एक डांसर भी है, क्या उस दिशा में कुछ करने की इच्छा है?

जवाब– अभी डांस में मैं कुछ नहीं कर पाता,क्योंकि सारा दिन शूटिंग में गुजर जाता है. जब कभी चैनेल्स के प्रोग्राम या इवेंट्स होते है, तब डांस करने का मौका मिल जाता है. आगे डांस के क्षेत्र में कुछ करने की कोशिश करूँगा. इस समय काफी आउटडोर शूटिंग हो रहे थे,जिसमें समय का अभाव रहा है, लेकिन एक बार इन डोर में शिफ्ट हो जाने पर समय मिलेगा, फिर मैं डांस की नियमित प्रैक्टिस करूँगा.

सवाल– बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री में सुपरस्टार मटेरियल वाले कलाकारों की कमी हो गयी है, जबकि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सुपरस्टार पहले से है और नए भी बन रहे है, आपकी सोच इस बारें में क्या है?

जवाब– मैं इस बात से निश्चित हूँ कि काफी लोग बांग्ला इंडस्ट्री में काम करने की कोशिश कर रहे होंगे, इसमें आर्टिस्ट्स, फिल्म डायरेक्टर, राइटर कोई भी हो सकता है, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल रहा है. मेरे हिसाब से ये सबकुछ समय का फेर है कि अच्छी प्रतिभा वाली कलाकारों की कमी दिख रही है, लेकिन आगे चलकर सभी को सुपरस्टार मैटर वाले हीरों भी मिल जायेंगे, क्योंकि प्रतिभा की कमी हमारे देश में नहीं है.

सवाल – क्या आगे हिंदी शो के अलावा बांग्ला में कुछ करने की इच्छा है?

जवाब –अच्छी स्क्रिप्ट जिसमें मुझे लीड के अलावा ग्रो करने का भी मौका मिलता है तो मैं बांग्ला ही नहीं किसी भी भाषा में हो,अवश्य करूँगा. फिलहाल मैं इस प्रोजेक्ट में व्यस्त हूँ.

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सवाल – क्या आपको मनपसंद पार्टनर मिल चुकी है?

जवाब – मुझे अभी तक कोई मनपसंद साथी नहीं मिला है और मैं उस बारें में अभी सोच भी नहीं रहा, क्योंकि मुझे एक्टिंग के क्षेत्र में खुद को स्थापित करना है. मैं जिस किसी से भी बात करता हूँ, लोग उसी को मेरा जीवन संगिनी बना देते है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है. अगर कोई होगी, तो मुझे छुपाने वाली कोई बात नहीं होगी, बल्कि वह प्राउड मोमेंट होगा. मेरी सोच है कि मेरी जीवन संगिनी होने वाली साधारण, आकर्षक और लॉयल होने की जरुरत है, बाकी सारी चीजे मैनेज करना मुश्किल नहीं होता.

सवाल – आज के यूथ के लिए आपका मेसेज क्या है?

जवाब –नए जेनरेशन का स्ट्रेस लेवल बढ़ने की वजह हर किसी को ओवरनाईट कुछ न कुछ चाहिए, जो संभव नहीं. जल्दी सबकुछ पा लेने की चाह सही है या गलत समझ पाना मुश्किल है, क्योंकि ऐसी सफलता अधिक दिनों तक नहीं टिक पाती. इसलिए मेरा मेसेज यूथ से है कि अपनी फाउंडेशन को मजबूत कर, धैर्य और मेहनत से काम करें. आपमें प्रतिभा होने से आपको अपनी मंजिल एक साल या चार साल बाद अवश्य मिलेगी. इसका सबसे अच्छा उदाहरण अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी है, उन्होंने 14 साल तक इन्जार कर आज एक सुपरस्टार बन चुके है. ये सब उनकी धीरज, मेहनत और लगन का ही परिणाम है.

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