हँसना और हसाना मेरी जिंदगी की सबसे अहम् पहलू है….. अगर इसे हुनर के द्वारा कहने को मिले……तो ख़ुशी होती है….मैं कई बार कुछ सालों तक अच्छी स्क्रिप्ट के लिए इंतज़ार कर सकता हूँ…..पर किसी भी चरित्र को निभा नहीं सकता.

ऐसी ही कुछ बातों को हँसते हुए कहने वाले अभिनेता सुमित राघवन सोनी सब टीवी शो ‘बागले की दुनिया नई पीढ़ी नये किस्से’ में काम कर रहे है. उन्होंने डबिंग, थिएटर, फिल्मों और टीवी शो, सभी में काम किया है, उनकी सबसे चर्चित शो ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ थी, जिसकी वजह से वे घर-घर जाने गए, इस शो को आज भी सुमित की दिल के करीब मानते है. सुमित का अभिनय में आना एक इत्तफाक था, लेकिन अब वे इसे एन्जॉय करते है. थिएटर में काम के दौरान उनकी मुलाकात मराठी थिएटर, फिल्म और धारावाहिक आर्टिस्ट चिन्मयी सुर्वे से हुई. सुमित को उनकी सादगी पसंद आई, दोनों में प्यार हुआ और शादी की. इसके बाद दोनों नीरद सुमित और दिया सुमीत के पेरेंट्स बने. बात-बात में हंसने वाले सुमित ने खास गृहशोभा के लिए बात की, पेश है, कुछ खास अंश.

सवाल-‘बागले की दुनिया नयी पीढ़ी नए किस्से’ में आपकी भूमिका से आप कितने संतुष्ट है?

मुझे राजेश बागले की भूमिका करने में बहुत अच्छा मजा आ रहा है, जिसे शब्दों में बताना संभव नहीं. मैंने हमेशा गिने चुने काम करना पसंद किया है. इससे पहले मैंने ‘बड़ी दूर से आये है’, शो किया था, इसके बाद मैंने 4 साल तक काम नहीं किया. कुछ अच्छा और ढंग के शो आने पर मैं काम करता हूँ. जब पहली बार इस शो को करने के लिए कहा गया था तो मैंने इसे करने के लिए सौ प्रतिशत तैयार हो गया, क्योंकि ये एक अनोखा और चर्चित शो है. आज से 32 साल पहले मैं जब कॉलेज में था, तो मैंने इस शो को देखा था और मुझे इसमें नई जेनरेशन को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल रहा है, इससे अच्छी बात कुछ नहीं हो सकती. इसके अलावा इसमें मैं पुरानी शो के दिग्गज कलाकार भारती सिंह और अंजन श्रीवास्तव की जोड़ी के साथ अभिनय करना मेरे लिए अद्भुत है. इसे केवल मैं ही नहीं, मेरे माता-पिता भी इस शो को देख रहे है, क्योंकि उन्होंने पहली शो ‘बागले की दुनिया’ देखी है. इस शो की हर एपिसोड अलग विषय है, जिसमें चाइल्ड मोलेस्टेशन, चाइल्ड ट्राफिकिंग आदि कई विषयों पर बन रहे है, जिसे दर्शक सराह रहे है.

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सवाल-आपने डबिंग से लेकर एक्टिंग फिल्मों, वेब और धारावाहिकों में काम किया है, किसे करते हुए आपको अच्छा लगता है?

मैं हमेशा से गिने चुने काम करता हूँ. एक कलाकार के लिए उसका नाम होना, जिससे वह पोपुलर हो जाय, सबसे जरुरी होता है. ये नाटक, फिल्म और टीवी शो सभी में मिल सकता है, लेकिन मुझे नाम, पैसा और काम सब टीवी में मिला है. डिजिटल आने के बाद आज भी टीवी के दर्शक है और उसे हिलाना संभव नहीं.

सवाल-मनोरंजन की दुनिया में आपने एक लम्बा समय बिताया है, क्या कोई मलाल रह गया है?

कोई मलाल नहीं है, क्योंकि मैंने जो चाहा धीरे-धीरे पूरा हुआ और मुझे बहुत ख़ुशी मिली है. मैं मानता हूँ कि अगर किसी काम से आप खुश नहीं है, तो आप दूसरों को किसी प्रकार की ख़ुशी नहीं दे सकते. ये बातें सुमित राघवन के साथ भी लागू होती है. मेरा खुश रहना जरुरी है, ताकि मैं अपने पेरेंट्स, पत्नी और बच्चों को ख़ुशी दे सकूँ.

सवाल-आप के दिल के करीब कौन सी शो है और क्यों ?

साराभाई वर्सेज साराभाई शो मेरे दिल के करीब है, क्योंकि इस शो की कहानी और ह्यूमर बहुत ही सुंदर तरीके से पेश किया गया था. मजे की बात यह है कि 16 साल पहले ये शो एकदम नहीं चली, जबकि सभी ने इसके लिए काफी मेहनत की थी. दर्शकों को पसंद नहीं आ रही थी, इसलिए यह शो सप्ताह में केवल एक दिन आता था. इसके बाद जब इस शो की एक दिन की एपिसोड को बार-बार रिपीट किया जाने लगा और लोगों ने देखा, तो सबको पसंद आने लगा. ये सही है कि मेहनत से किया गया कोई भी काम हमेशा सफल होता है.

सवाल-एक्टिंग में आना एक इत्तफाक था या बचपन से सोचा था? परिवार का सहयोग कितना रहा? 

36 साल की इस जर्नी में एक्टिंग, एक इत्तफाक ही था. 13 साल की उम्र में स्कूल की छुट्टियों में पेरेंट्स ने एक्टिंग क्लास में डाल दिया, ताकि मैं कुछ समय के लिए व्यस्त रहूँ. वहां मुझे एक्टिंग का चस्का लग गया. किसी भी सिचुएशन को दिए जाने के बाद उसे एक्ट करना मेरे लिए एक अद्भुत अनुभूति थी. थोड़े दिनों बाद मुझे एक धारावाहिक में काम मिला और मेरी एक्टिंग शुरू हो गयी.

मेरे माता-पिता ने मुझे पहले ही कह दिया था कि उनके पास अधिक पैसे और इंडस्ट्री की कोई पहचान नहीं है, इसलिए जो भी काम मैं करूँ ,सोच समझ कर करूँ. लेकिन उन्होंने और बड़े भाई की वजह से मैं यहाँ तक पहुँच पाया.

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सवाल-आप चिन्मयी सुर्वे से कैसे मिले, उनकी किस बात से आप आकर्षित हुए?

मैं उनसे थिएटर में मिला था, हमारी लव मैरिज हुई है. मुझे उसकी बातचीत रहन-सहन सब अच्छा लगता था, कुछ दिनों तक हम मिले फिर शादी का प्रस्ताव दिया. परिवार वाले मान गए और शादी हो गयी.

सवाल-आप दोनों के काम को बच्चे कितना सराहते है?

नया काम आने पर हम दोनों बच्चों से डिस्कस करते है, उनकी राय लेते है, क्योंकि बेटा 24 और बेटी 19 वर्ष की है. बच्चों की राय लेने से उनकी रिएक्शन कहानी के बारें में पता चलता है. इसके अलावा बेटा म्यूजिशियन और बेटी फोटोग्राफी सीख रही है.

सवाल-आगे की योजनाएं क्या है? हिंदी फिल्मों में आगे कब आने वाले है?

अधिक से अधिक हिंदी फिल्मों में अभिनय करने की बहुत इच्छा है और अच्छे स्क्रिप्ट का इंतज़ार कर रहा हूँ. मुझे रिश्तें और कॉमेडी पर आधारित फिल्मे करने की इच्छा है, क्योंकि मैने सालों से कॉमेडी में काम करता आया हूँ और कॉमेडी के साथ रिश्तों को दिखाना मुझे पसंद है.

सवाल-जीवन जीने का मन्त्र क्या है?

चिंता न करें, जो मिला है, उसी में खुश रहना सीखे. इसके अलावा जो भी काम मिलता है, उसे मेहनत और लगन से करें.

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