Item Dance: बौलीवुड में दौर कोई भी रहा हो, आइटम गाने हमेशा ही चर्चा में रहे. फिल्म की कहानी से अलग किरदार पर फिल्माए गए इन डांस नंबर्स को सिर्फ दर्शकों के मनोरंजन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. वर्ष 1930 से 60 के दौर में भी इन का राज रहा है. 1940 और 50 के दौर में कुक्कू मोरे उस दौर की पहली आइटम डांसर थीं. कुक्कू मोरे ऐंग्लो इंडियन परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उन्होंने 40 और 50 के दशक की फिल्मों पर खूब राज किया. उन की शोहरत इतनी थी कि उस जमाने में एक आइटम गाने के लिए ₹6 हजार लेती थीं.

करोड़ों का मेहनताना

यही वजह है कि आज की हीरोइनें भी आइटम डांस कर खूब पैसा बटोरती हैं. सब से अधिक मेहनताना लेने वाली हीरोइन की अगर बात करें, तो इस में करीना कपूर खान नंबर वन पर आती हैं। करीना अपने एक आइटम नंबर के लिए ₹5 करोड़ लेती हैं. इस के बाद अभिनेत्री सनी लियोनी का नंबर आता है, जो एक डांस नंबर के लिए करीब ₹2 करोड़ लेती हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म ‘रागिनी एमएमएस’ का ‘बेबी डौल…’ सौंग के लिए उन्होंने और भी ज्यादा फीस चार्ज की थी. इस के अलावा नोरा, जैकलीन फर्नांडीस, चित्रांगदा सिंह, कैटरीना कैफ, मलाइका अरोड़ा, सामंथा रूथ प्रभु आदि कई हैं, जो आइटम डांस करना पसंद भी करती हैं.

इन दिनों अभिनेत्री तमन्ना भाटिया का आइटम डांस, जो फिल्म ‘स्त्री 2’ का गाना ‘आज की रात.. है, खूब सुर्खिया बटोरीं। इस के लिए उन्होंने ₹2 करोड़ लिए. वे मानती हैं कि उन के इस गाने की पौपुलैरिटी उन की चाबी फिगर की वजह से है, जिसे दर्शकों ने स्वीकार किया और आज की साइज प्लस लड़कियां भी उन से खूब प्रेरित हैं.

कैबरे क्वीन हेलन

हिंदी सिनेमा में यदि कोई सब से पौपुलर डांसर मानी जाती हैं तो वे निस्संदेह हेलन ही हैं. उन्हें कैबरे क्वीन कहा जाता है. वर्ष 1971 की फिल्म ‘कारवां’ का गाना ‘पिया तू…’ आज भी पौपुलर डांस आइटम है। इस के कई रीमिक्स भी बन चुके हैं. हेलन उस दौर की सब से अधिक पौपुलर आइटम डांसर रही हैं. वे वर्ष 1958 से वर्ष 1980 के बीच बड़ी फिल्मों का अनिवार्य हिस्सा थीं. उन के ऐसे आइटम डांस करने वाली कोई भी हीरोइन आज तक पौपुलर नहीं हो सकी हैं। उन के डांस मूव्स की तारीफ आज भी की जाती है, जिस में वैरायटी के अलावा ऐलीगैंस भी खूब होते थे.

वर्ष 1970 और 80 के दशक में कैबरे गानों में कबीलाई और बंजारा ड्रैसेज और लोकेशनों का इस्तेमाल किया जाने लगा था. इस में आसानी से भड़कीले गाने, ग्रुप डांसरों की गुंजाइश निकलने लगी. धीरेधीरे ग्लोबलाइजेशन से प्रभावित हो कर इस में मौडर्निटी दिखी और आज की हीरोइनें मौडर्न ड्रैस के साथ ही
आइटम सौंग करती हैं, जैसे अभिनेत्री शिल्पा शेट्‌टी ने शूल फिल्म का गाना ‘आई हूं यूपी बिहार लूटने…’ मलाइका अरोड़ा की ‘छैंयाछैंया…’, ‘मुन्नी बदनाम हुई…’ कैटरीना कैफ की ‘शीला की जवानी, चिकनी चमेली…’ प्रियंका चोपड़ा की ‘राम चाहे लीला…’ आदि कई प्रसिद्ध गानों पर इन हीरोइनों ने आइटम डांस किए.

टौप ऐक्ट्रैस ने भी किए आइटम नंबर्स

बौलीवुड की कई ऐक्ट्रैस ऐसी भी रहीं, जो अपने दौर में टौप ऐक्ट्रैस रह कर भी आइटम डांस करती रहीं. इस लिस्ट में पहला नाम वैजयंती माला का रहा. जब वे अपने दौर की टौप ऐक्ट्रैस थीं तब उन्होंने कई आइटम सौंग किए, जिन में 1954 में आई फिल्म ‘नागिन’ का ‘तन डोले मेरा मन डोले…’ और 1967 में आई उन की फिल्म ‘ज्वैल थीफ’ का गाना ‘होंठों में ऐसी बात…’ काफी हिट रहा.

इन गानों में खास बात यह होती कि इन गानों में ताकत अधिक होती है और बौलीवुड के कई डांसर्स ने इन के जरीए ही अपनी पहचान बनाई, जिस में हेलेन, आरडी बर्मन और आशा भोसले की तिकड़ी सब से ज्यादा सफल रही है. हालांकि गीता दत्त ने भी शुरुआती कैबरे गीतों में अपनी आवाज का बहुत बढ़िया
इस्तेमाल किया है.

इस के अलावा डिंपल कपाड़िया, माधुरी दीक्षित, शिल्पा शेट्टी, रवीना टंडन, कटरीना कैफ, प्रियंका चोपड़ा और करीना कपूर ने भी कई आइटम नंबर्स किए, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया.

क्या है आइटम डांस

फिल्म का वह गाना जो किसी ऐसे कलाकार पर फिल्माया जाए, जिस का फिल्म में कोई रोल नहीं है, उसे ही आइटम सौंग कहते हैं और जिस कलाकार पर गाना फिल्माया गया हो, उसे आइटम गर्ल कहा जाता है.

आइटम सौंग फिल्म में जबरदस्ती डाले गए गाने को कहते हैं, जिस का फिल्म से सीधा कोई संबंध नहीं होता है. हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर में आइटम सौंग कैबरे की शक्ल में आए, जिन का किसी हद तक स्टोरी को आगे बढ़ाने में योगदान होता था.

बाद में पूरी तरह इसे अतिरिक्त आकर्षण के रूप में जोड़ा जाने लगा. असल में आइटम सौंग सामान्यता चलताऊ शब्दावली में तेज बीट्स के साथ कुछ भड़काऊ डांस स्टेप्स, क्लब और बार की लोकेशन में शूट किया जाता है. कई बार दर्शक सिर्फ किसी आइटम नंबर को देखने के लिए ही बारबार फिल्म देखने पहुंचते हैं. यही वजह है कि आज भी इन गानों का क्रेज देखने को मिलता है.

बौलीवुड का पहला आइटम सौंग वर्ष 1936 में आई ‘सोनार संसार’ में अजूरी पर फिल्माया गया था.
आइटम सौंग की इतिहास के बारें में अगर बात करें, तो आइटम सौंग का क्लासिकल मीनिंग गाने के बोल और उस की सेनशुएलिटी से होता है. जब बौलीवुड में इस तरह के गानों की शुरुआत हुई, तब ऐसी धारणा थी कि ऐसे गानों में उसी को लिया जा सकता है, जो सुंदर हो और जिस का इस्तेमाल सिर्फ उस गाने के लिए ही हो, हालांकि, आज भी इसी तरह की सोच के साथ गाने के लिए किसी का चुनाव होता है, लेकिन अब यह जरूरी नहीं रह गया है कि वह फिल्म के सिर्फ उसी गाने में दिखे, बल्कि आजकल कुछ हीरोइनें फिल्म में भी होती है, मसलन माधुरी दीक्षित, शिल्पा शेट्टी, रवीना टंडन, करीना कपूर आदि.

डांस स्टाइल में बदलाव

35 साल से कोरियोग्राफी के क्षेत्र में काम कर रहे कोरियोग्राफर गनेश आचार्य कहते हैं कि आज के डांस मुव्स का एक जैसे होना दर्शकों की पसंद का होना होता है. इस के अलावा आज के डांस स्टाइल में भी बहुत बदलाव आया है. पहले के गाने आज की तुलना में काफी बड़े होते थे, जिस से कई मूव्स उन में करना पड़ता था. आज के गाने इतने बड़े नहीं होते. मेरे लिए चाहे लव सौंग हों या आइटम सौंग सब गाने एक जैसे ही होते हैं और मुझे उन्हें कोरियोग्राफ करना पड़ता है, क्योंकि कोई भी गाना दृश्य के हिसाब से निर्देशक की मांग को देखते हुए कोरियोग्राफी की जाती है. आजकल जो भी गाना हिट होता है, उसे आइटम कह कर संबोधन किया जाता है. मुझे पता नहीं इस आइटम शब्द को किस ने पौपुलर किया है.
यह सही है कि हेलेन की तरह डांस करने वाली ऐक्ट्रैस अब नहीं हैं, आज के डांस फौर्म में काफी बदलाव आया है. पहले केवल एक गाने में डांस होता था, जो ट्रेन या बस में गाते हुए दिखाया जाता था, जबकि अब हर गाने में डांस होता है। ऐसे में, कोरियोग्राफर के लिए अब काम करना अधिक कठिन हो गया है.जैसे अभी ‘पुष्पा 2′ के गाने ‘सूसेकी…,’ ‘किसिक…’ को मैं ने ही कोरियोग्राफी किया है.

आज की हीरोइनें डांस में पारंगत

वे आगे कहते हैं कि यह कहना गलत होगा कि आज की हीरोइनों को डांस नहीं आती। सचाई तो यही है कि आज की हीरोइनें अधिकतर डांस सीख कर आती हैं, ऐसे में कोई भी स्टेप वे आसानी से कर लेती हैं. पहले के डांसर भी बहुत अच्छे रहे हैं, लेकिन केवल इंडियन डांस वे अधिक करती थीं. आज की जैनरेशन इंडियन के साथ हिपहौप, जैज, सालसा आदि सब कर सकती हैं. उन्हे जो भी डांस मूव्स दिए जाते हैं, वे आसानी से कर लेती हैं. अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, कृति सेनन आलिया भट्ट, श्रद्धा कपूर, तमन्ना भाटिया, जान्हवी कपूर आदि सारी लड़कियां हर तरीके की डांस मूव्स कर सकती हैं. इतना ही नहीं, वे किसी भी डांस के पीछे बहुत अधिक मेहनत और समय देती हैं, जिस में उन के कौस्टयूम से ले कर हर मूव्स की बारीकियों का बारबार रिहर्सल करती हैं, क्योंकि आज उन्हें पता है कि एक गाने के पीछे उन्हे लाखों फौलोवर्स और पैसे मिलने वाले हैं. उन का प्रोफैशनलिज्म पहले की ऐक्ट्रैस की तुलना में अधिक अच्छा है.

कैमरा भी बहुत अच्छी क्वालिटी के होते हैं, जो थोड़ी सी गलती को आसानी से पकड़ लेती है. इतने सालों के कोरियोग्राफी के क्षेत्र में आए परिवर्तन के बारे में गनेश हंसते हुए कहते हैं कि परिवर्तनशील जगत है और परिवर्तन आया है. पहले और आज के डांस में अंतर है और मैं उसी को फौलो और एडौप्ट करता हुआ यहां तक पहुंचा हूं. मेरे लिए हर गाना पहला गाना होता है, जो कठिन और मेरा बच्चा है, इसे करने में चुनौती होती है.

कम मेहनत

साल 2012 के डांस इंडिया डांस के विनर और अभिनेता फैसल खान कोरियोग्राफर भी हैं. वे कहते हैं कि अब आइटम सौंग में बौडी रिविल अधिक होता है. दर्शक उस में डांस को न देख कर उसे ही देखने आते हैं, जिस से फिल्म चलती है. सोशल मीडिया पर भी इस की झलक मिलती है.

वैसे तो सभी कलाकार डांस सीख कर आते हैं, लेकिन कुछ ऐसे हैं, जिन्हें डांस नहीं आती, उन्हे इजी स्टेप्स दिए जाते हैं, जिसे वे आसानी से कर सकें. नोरा फतेही जैसे हर तरह के डांस मूवमेंट करने वाले डांसर कम होते हैं, लेकिन कम डांस जानने वालों के साथ कोरियोग्राफर को भी अपना लेवल थोड़ा नीचे करना पड़ता है. इस के अलावा एक गाना हिट हुआ, तो फिल्म मेकर वैसे ही लुक और गानों को आगे भी बनाना चाहते हैं. मेरे हिसाब से आज कुछ लोग कम मेहनत कर पैसे कमाना चाहते हैं.

अंत में इतना कहना सही होगा कि डांस एक कला है फिर चाहे वह किसी भी फौर्म में हो, उस में वेरायटी का होना सब से अधिक आवश्यक होता है, ताकि दर्शकों का आकर्षण बना रहे और इस के लिए जरूरी है, मेहनत, लगन और रिहर्सल.

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...