मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में आएदिन न्यूकमर आते ही रहते हैं. उन में कुछ ऐसे होते हैं जो अपनी ऐक्ंिटग स्किल्स से दर्शकों के ऊपर अपनी छाप छोड़ देते हैं तो वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जो आएगए जैसे ही साबित होते हैं. उन्हीं न्यूकमर्स में से एक हैं काव्या थापर. उन्हें आखिरी बार शाहिद कपूर की वैब सीरीज ‘फर्जी’ में देखा गया था. उस के बाद वे किसी वैब सीरीज या फिल्म में नहीं दिखाई दीं.

हालांकि चर्चा है कि साल 2024 में वे कई फिल्मों में दिखाई देंगी. कहा तो यह भी जा रहा है कि उन के पास एक अनटाइटल्ड फिल्म भी है जिस में वे रवि तेजा के साथ नजर आएंगी. लेकिन दूसरी तरफ काव्या को ले कर यह चर्चा भी रहती है कि वे अपनी ऐक्ंिटग स्किल्स से ज्यादा अपने ग्लैमरस अवतार से फैंस का अटैंशन पाती हैं. अब देखना यह है कि आखिर और कितने दिन काव्या ग्लैमरस का तड़का लगा कर अपना काम चलाती हैं.

बिना विवाद काम कहां

काव्या थापर को ले कर एक कंट्रोवर्सी भी रही है. उन्हें पिछले साल फरवरी में मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था. उन पर शराब पी कर गाड़ी चलाने और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से बदतमीजी करने का आरोप लगा था.

दरअसल, काव्या पर आरोप था कि वे शराब के नशे में कार चला रही थीं और तभी उन्होंने एक व्यक्ति को ठोकर मारी जिस से उसे चोट आई. वहीं पुलिस ने जब उन्हें रोका तो उन्होंने कर्मचारियों से हाथापाई व अधिकारियों से गालीगलौज की.

यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया था और फिर उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया था. उस वक्त काव्या को खासी बदनामी   झेलनी पड़ी थी. हालांकि उस का एक फायदा यह हुआ कि मीडिया का अटैंशन उन्हें मिल गया.

काव्या के कैरियर की बात करें तो काव्या ने अपने कैरियर में कई ऐड शूट किए हैं. उन्होंने कई फेमस ब्रैंड्स, जैसे मेक माई ट्रिप, पतंजलि, जिंजर बाय, लाइफस्टाइल, लुआ साबुन और कोहिनूर के साथ काम किया है. काव्या कई रैंप शो में मौडल के तौर पर भी परफौर्म कर चुकी हैं.

काव्या के फिल्मी कैरियर की बात करें तो काव्या ने 2013 में अपने कैरियर की शुरुआत एक हिंदी शौर्ट फिल्म ‘तत्काल’ से की थी. उस के बाद काव्या ने 2018 की तेलुगू फिल्म ‘इ माया पेरिमिटो’ से तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री में डैब्यू किया. इस के बाद उन्होंने तमिल भाषा की ‘मार्केट राजा एमबीबीएस’ और एक लघु फिल्म की.

वर्ष 2022 में ही काव्या ने वैब सीरीज में डैब्यू किया. उन्होंने ‘कैट’ वैब सीरीज की. काव्या ने हिंदी सिनेमा में मिडिल क्लास लव से एंट्री ली. इस के साथ ही वे पंजाबी इंडस्ट्री से भी जुड़ गईं. काव्या थापर ने अभी तक 9 फिल्मों में काम किया है.

काव्या के इंस्टाग्राम पर 1.2 मिलियन फौलोअर्स हैं. उन के पास खूबसूरती और ग्लैमर है पर ऐक्ंिटग में खुद को साबित करने की उन्हें अभी जरूरत है. वे 28 साल की हैं. काव्या का जन्म 20 अगस्त, 1995 को महाराष्ट्र में हुआ था. उन्होंने अपनी पढ़ाई मुंबई से की है. काव्या की हौबी में डांस, सिंगिंग, पेंटिंग शामिल हैं.

एक अखबार को दिए इंटरव्यू में वे कहती हैं, ‘‘बौलीवुड में जो फीस मिलती है वह आप के काम पर बेस्ड होती है. अगर हीरो का काम ज्यादा है और हीरोइन का काम कम है तो आप कैसे सोच सकते हैं कि आप को भी सेम फीस मिल जाए. थोड़ाबहुत भेदभाव है, जो नहीं होना चाहिए क्योंकि आज इक्वलिटी का जमाना है. लेकिन फीस आप के काम के हिसाब से ही तो मिलेगी.’’

काव्या महिला सशक्तीकरण के बारे में बात करते हुए कहती हैं, ‘‘आप वह सब कर सकती हैं जो एक मर्द कर सकता है. मैं ने अपनेआप को कभी भी उन से कम नहीं पाया है. मैं ने खुद के लिए लड़ना और अपने लिए जगह बनाना सीखा है.’’

ऐक्ंिटग स्किल आए तो आए कैसे

काव्या का   झुकाव बाबाओं और सत्संग में भी है. पूरी तरह से आध्यात्मिक स्वभाव की काव्या को अकसर लगता है कि अपने आसपास के सभी लोगों को खुश करना बहुत जरूरी है. काव्या अपनी फिल्म ‘मिडिल क्लास लव’ की रिलीज के बाद अपने गुरुजी के धाम दर्शन करने गई थीं. वहां उन्होंने अपनी ओर से सभी जरूरतमंद लोगों को लंगर दिया और उन के साथ अपनी फिल्म की सफलता का आनंद लिया.

काम पर ध्यान न दे कर काव्या का फोकस बाबा, सत्संग और लंगर बांटने पर रहता है. किसी भी फिल्म के रिलीज होते ही वे अपने बाबा को धन्यवाद देने उन के आश्रम चली जाती हैं. फिल्में हिट अच्छी ऐक्ंिटग, सही चुनाव से होती हैं न कि बाबाओं के चरणों में पड़े रहने से.

आस्था अपनी जगह है पर जितना समय सत्संग में बरबाद होता है उतना ही समय अच्छे ऐक्ंिटग स्कूल में ऐक्ंिटग सीखने पर लगा दें तो मंदिरों के घंटे बजाने की जरूरत नहीं पड़ती.

अभी काव्या को लंबा सफर तय करना है. अपनी ऐक्ंिटग के बल पर दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनानी है. अपनी छाप छोड़ने के लिए अदाओं के साथसाथ कठिन भूमिकाएं निभानी भी जरूरी हैं जो आज की डिमांड हो चली है. अपनी साइड ऐक्ट्रैस की छवि को सुधारने के लिए उन्हें बहुत मेहनत करने की जरूरत भी है.

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