मनोरंजन की दुनिया में विख्यात गायक, अभिनेता एल्विस प्रिस्ले के दीवानों की आज भी कमी नहीं है. वे  अब दुनिया में तो नहीं हैं, लेकिन लोगों के दिलों में बसे हुए हैं. तभी तो लाखों लोग उन की याद में उन के ग्रेस्लैंड बंगले का दीदार करने आते हैं.

एल्विस प्रिस्ले का जन्म अमेरिका के मिसिसिप्पी राज्य के टुपेलो शहर में 1935 में हुआ था. 1948 में वे टेनेसी राज्य के मेम्फिस चले आए थे. स्कूलिंग के बाद कुछ दिन उन्होंने थिएटर में काम किया, फिर ट्रक ड्राइवर का काम भी किया.

प्रिस्ले को गाने का शौक था. उन्होंने स्थानीय लोगों के बीच गाना शुरू किया. 1955 में मशहूर रिकौर्डिंग कंपनी आरसीए ने उन के गाने रिकौर्ड किए थे. उन का पहला सोलो गाना ‘हार्टब्रेक होटल’ जनवरी 1956 में निकला जो उस समय अमेरिका का नंबर वन गाना भी था. इस गाने से उन्हें काफी प्रशंसा मिली और वे सुर्खियों में आए. वे गिटार भी बखूबी बजाते थे. 20वीं सदी के ‘रौक ऐंड रोल’ के वे बादशाह माने जाते हैं. वे सभी प्रकार के गाने गाया करते थे. वे गास्पेल, बलाड, रौक और प्लेबैक सिंगर भी थे. प्रिस्ले ने अनेक अलबम बनाए. 1956 में पहला ‘रौक ऐंड रोल’ अलबम लगातार 10 हफ्ते तक बिलबोर्ड के चार्ट में अव्वल रहा था. इस के बाद से वे युवादिलों के पसंदीदा गायक बने रहे थे.

वर्ष 1958 में उन्हें सेना में सेवा के लिए बुलाया गया. वे जरमनी गए. वहां उन्हें एक लड़की प्रिसिला वाग्नर से प्रेम हुआ जिस से बाद में उन्होंने शादी कर ली. हालांकि 1970 में उन का तलाक भी हो गया था.

उन्हें अभिनय का भी शौक था. कुछ टैलीविजन शोज के बाद 1956 में पहली बार फिल्म ‘लव मी टैंडर’ में अभिनय किया था. उन्होंने करीब 33 फिल्मों में अभिनय किया. 1960 में प्रिस्ले हौलीवुड आए. यहां उन्होंने फिल्मों में अभिनय किया. 1969 में बनी फिल्म ‘चेंज औफ हैबिट’ उन की अंतिम फिल्म थी. उन की ज्यादातर फिल्में संगीतप्रधान होती थीं. 36 साल की उम्र में ही उन्हें 3 बार ग्रैमी अवार्ड मिले और 3 लाइफटाइम अचीवमैंट ग्रैमी अवार्ड मिले. इस के अतिरिक्त 8 बार उन्हें भिन्न पुरस्कारों के लिए नामांकित किया गया था. एल्विस प्रिस्ले आज तक दुनिया के एकमात्र ऐसे गायक हैं जिन्हें संगीत के अलगअलग 3 ‘हौल्स औफ फेम’ में स्थान मिला है.

1970 में फिर उन्होंने गायन पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने 500 से अधिक लाइव कंसर्ट्स दिए थे और लगभग सभी शोज हाउसफुल होते थे. एक बार उन को अपने अलबम ‘द एड सलवान शो’ के लिए लोगों के क्रोध का सामना करना पड़ा था.

मेम्फिस में ग्रेस्लैंड के निकट अपने बंगले में 16 अगस्त, 1977 को मात्र 42 वर्ष की उम्र में उन का देहांत हो गया था. सिर्फ अमेरिका ही नहीं, अनेक देशों में करोड़ों प्रशंसकों को निराश कर एल्विस प्रिस्ले ने दुनिया को अलविदा कहा. अपनी मृत्यु के 4 दशक बाद भी वे अमेरिका के दिल में बसते हैं. इस बात का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि प्रतिवर्ष लगभग 6 लाख लोग प्रिस्ले के ग्रेस्लैंड बंगले में जाते हैं.                  

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