बौलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत हमेशा अपने दिए गए बयानों के तहत चर्चा में रहती हैं. जिसके चलते बीजेपी सांसद बनने के बावजूद कंगना को अपने बे सिर पैर के कमेंट की वजह से एयरपोर्ट पर महिला अधिकारी द्वारा थप्पड़ खाने तक की नौबत आ गई . इतना ही नहीं उनका ट्विटर अकाउंट बंद कर दिया गया. कंगना के हिसाब से देश को आजादी 2014 में मिली है. और देश की सबसे ईमानदार नेता भी वो खुद ही है . इतनी सारी महान बातों के बावजूद कंगना इलेक्शन भी जीत गई. और सांसद भी बन गई.

ऐसे में आज के समय में देश की जनता किस मूड में है बताने की जरूरत नहीं. कंगना की बेबाक बयान बाजी और फिल्म इंडस्ट्री से लेकर संसद भवन तक उनके खतरनाक कमेंट जैसे राहुल गांधी गांजा लेते हैं इसलिए उनका इलाज की जरूरत है. और किसानों को लेकर भद्दे कमेंट आदि के चलते हाल ही में जब इंदिरा गांधी पर बनी उनकी फिल्म इमरजेंसी की रिलीज डेट सामने आई तो इस फिल्म की रिलीज को लेकर विवाद शुरू हो गया.

यह विवाद सिख समुदाय द्वारा शुरू हुआ है. सिख समुदाय ने सेंसर से अपील की है इमरजेंसी फिल्म को सर्टिफिकेट ना दे. क्योंकि उनका आरोप है कि कंगना ने इमरजेंसी फिल्म के नाम पर सिख समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की है. क्योंकि इंदिरा गांधी कांग्रेस पार्टी की नेता थी और कंगना इमरजेंसी में इंदिरा गांधी की भूमिका निभा रही हैं जबकि खुद व भाजपा की नेता है लिहाजा कांग्रेस और सिख समुदाय को डर है कि वह अपनी फिल्म के जरिए कांग्रेस की सिख समुदाय की छवि खराब करने का इरादा रखती हैं. गौरतलब है इंदिरा गांधी की मौत कुछ सिखों की वजह से ही हुई थी इसलिए फिल्म इमरजेंसी में भी सिखों को आड़े हाथों लिया गया है. और उनकी छवि खराब करने की कोशिश भी की गई है.

जिसके चलते कंगना को जान से मारने तक की धमकी तक मिली है. कंगना की बकवास सौरी बिंदास बयान बाजी और टिप्पणी की वजह से भाजपा के लोग भी परेशान हैं, और उन्हें आए दिन चेतावनी भी देते रहते हैं. लेकिन बावजूद इसके कंगना की कोई ना कोई टिप्पणी विवादों में घिर ही जाती है और अब तो पूरी की पूरी फिल्म आर रही है . ऐसे में सभी का घबराना वाजिब है. अब देखना यह है कंगना की इमरजेंसी क्या रंग लाती है और ढेर सारे विवादों को जन्म देती है या बौक्स औफिस पर सफलता के झंडे गाड़ती है.

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