रेटिंगः साढ़े तीन स्टार
निर्माताः टीसीरीज
निर्देशकः अभिषेक कपूर
लेखकः सुपार्तिक सेन व तुशार परांजपे
कलाकारः आयुष्मान खुराना, वाणी कपूर,कंवलजीत सिंह,अंजन श्रीवास्तव,गौतम शर्मा,गौरव शर्मा,तान्या ओबेरॉय,गिरीश धमीजा व अन्य
अवधिः एक घंटा 57 मिनट
आयुष्मान खुराना लगातार लीक से हटकर उन विषयों पर आधारित फिल्मों में अभिनय करते जा रहे हैं,जिन विषयों या मुद्दों पर लोग बातचीत करने से परहेज करते हैं. अब वह ट्रांस ओमन सेक्स आपरेशन करवाकर पुरूष से स्त्री बन रहे हैं,उन्हें इंसान समझने व उन्हे सम्मान देने की बात करने वाली फिल्म ‘‘चंडीगढ़ करे आशिकी’’ में नजर आ रहे हैं,जो कि दस दिसंबर से देश के सिनेमाघरों में रिलीज हुई है.
कहानीः
कहानी के केंद्र में चंडीगढ़ में जिम के मालिक,बॉडी बिल्डर, फिटनेस प्रेमी तथा अपने शहर का गबरू जवान का खिताब जीतने के लिए हर वर्ष प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले मनविंदर मंुजाल उर्फ मनु ( आयुष्मान खुराना ) के इर्द गिर्द घूमती है. मनु को शादी व्याह व लड़कियों में कोई रूचि नही है. मनु हर वर्ष प्रतियोगिता हारते रहते हैं. तो वहीं उनके अथक प्रयासों के बावजूद उनका जिम घाटे में ही रहता है. एक दिन मनु अपने जिम में बतौर जुम्बा नृत्य प्रशिक्षक मानवी ब्रार ( वाणी कपूर ) को शामिल करते हैं. फिर सब कुछ बदल जाता है. जिम फायदे में पहुंच जाता है. मानवी खूबसूरत और आकर्षक लड़की है. लेकिन मानवी का अपना अतीत है. मानवी ब्रार कभी लड़का थी. पर उसे अपने अंदर स्त्रीत्व के ही भाव व लक्षणों का अहसास होता था. अपने आपको एक पूर्ण इंसान बनाने के लिए वह अपना ‘सेक्स चेंज आपरेशन’ करवाकर खूबसूरत लड़की मानवी बन जाती है. अब उसे एक स्त्री होने पर गर्व है. जबकि समाज और उसके परिवार के लोग उसे बहिस्कृत कर देते हैं. इसी वजह से वह अंबाला छोड़कर चंडीगढ़ आ जाती है और मनु के जिम में जुम्बा नृत्य प्रशिक्षक बन जाती है.
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इधर मनु और मानवी के बीच रोमांस शुरू हो जाता है. मनु की बहने,पिता व दादा सोचते हैं कि अब जल्द ही मनु व मानवी की शादी हो सकती है. उधर मनु और मानवी के बीच सेक्स शारीरिक संबंध बनते हैं और वह इसे काफी इंज्वॉय करता है. एक दिन मानवी हिम्मत जुटाकर अपने अतीत के बारे में मनु को बता देती है. मानवी कभी लड़का थी,यह जानकर मनु को खुद से ही घृणा हो जाती है. मनु के सिर से मानवी के प्यार का भूत उतर जाता है. वह मानवी से संबंध खत्म कर लेता है. फिर कई घटनाक्रम तेजी से बदलते हैं. मानवी को उसके परिवार के सदस्यों के साथ साथ मनु व मनु के परिवार के सदस्य भी स्वीकार कर लेते हैं.
लेखन व निर्देशनः
निर्देशक अभिषेक कपूर ने मानवीय पहलुओं का चित्रण करने के साथ ही हल्के फुल्के ह्यूमरस परिस्थितियों को भी खूबसूरती से गढ़ा है. उन्होने हार्ड हीटिंग विषय को बड़ी गंभीरता,संजीदगी व परिपक्वता के साथ पेश किया है. फिल्म की शुरूआत काफी हल्की फुल्की है. इंटरवल तक फिल्म बड़े ही खुशनुमा माहौल में आगे बढ़ती है,मगर इंटरवल के बाद फिल्म गंभीर हो जाती है. लेखकद्वय ने बड़ी खूबसूरती से इस बात को रेखांकित है कि हर इंसान अपनी जिंदगी को अपने अंदाज में जीने के लिए स्वतंत्र है. हर इंसान यह तय करने के लिए स्वतंत्र है कि वह कौन है और क्या रहना चाहता है. फिल्म इस बात को साफ तौर पर कहती है कि बच्चे मां बाप की जागीर नही होते. फिल्म के अधिकांश संवाद पंजाबी भाषा में हैं. फिल्म में सेक्स से ही बात शुरू और सेक्स पर ही खत्म होती है. फिल्म में कई सेक्स व संभोग दृश्य हैं,जिन्हे देखकर इसे साफ्ट पॉर्न फिल्म भी कह सकते हैं. इस फिल्म को देखने के बाद कुछ लोग संेसर बोर्ड पर सवाल उठा सकते हैं कि सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को ‘ए’ प्रमाणपत्र देने की बजाय क्या सोचकर ‘यूए’ प्रमाणपत्र दिया है. इतना ही नही कुछ लोगों को बहनों द्वारा सेक्स को लेकर अपने भाई के साथ की गयी बातचीत भी पसंद नही आने वाली है.
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अभिनयः
मनविंदर मुंजाल उर्फ मनु के किरदार को आयुष्मान खुराना ने अपने अभिनय से जीवंत किया है. उन्होने खुद को ‘चंडीगढ़ ब्वॉय’के रूप में बदला है. मानवी ब्रार के किरदार में वाणी कपूर ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ अभिनय किया है. फिल्म में वाणी कपूर और आयुष्मान खुराना की केमिस्ट्री लाजवाब है. अन्य कलाकार ठीकठाक हैं.