आज हम 5 ऐसे बौलीवुड स्टार्स की बात करेंगे. जिन्होंने टीचर्स की भूमिका में अपनी अदाकारी से गहरी छाप छोड़ी हैं. ये टीचर्स न केवल वास्तविक जीवन में बल्कि फिल्मी दुनिया में भी प्रभावशाली होते हैं. आइए उन बौलीवुड स्टार्स के शानदार परफौर्मेंस पर एक नजर डालते हैं, जिन्होंने टीचर्स के रियल करेक्टर को पर्दे पर बड़ी ही खूबसूरती से निभाया है और खूब वाहीवाही भी बटोरी. सबसे पहले बात करेंगे बौलीवुड के फेमस स्टार आमिर खान की.
आमिर खान
मिस्टर परफेक्शनिस्ट यानी आमिर खान ने फिल्म ‘तारे ज़मीन पर’ में पहली बार एक आर्ट टीचर की शानदार भूमिका निभाई. इस फिल्म में आमिर, राम शंकर निकुंभ, एक आर्ट टीचर की भूमिका में नजर आते हैं, जो एक छोटे बच्चे, इशान, को डिस्लेक्सिया से उबरने और उसकी रियल कैपेसिटी को अपनाने में हैल्प करते हैं. आमिर का सहानुभूतिपूर्ण प्रदर्शन (sympathetic display) एक अच्छे टीचर की ट्रांस्फोर्मेटिव पावर की दिल को छू लेने वाली याद दिलाता है.
राजकुमार राव
फिल्म ‘श्रीकांत’ में एक्टर राजकुमार राव ने श्रीकांत बोला का बेहतरीन किरदार निभाया है. कैसे एक नेत्रहीन बिजनेसमैन अपनी लाइफ में कई उतार-चढ़ाव देखता है और आगे बढ़ता है. उनकी इस जर्नी में जो कभी उनका साथ नहीं छोड़ती वह श्रीकांत की टीचर ही होती हैं. फिल्म में एक्टर की टीचर का किरदार ज्योतिका ने निभाया है. इस फिल्म में राजकुमार राव का बेहतरीन अभिनय लाजबाब है.
रानी मुखर्जी
फिल्म ‘हिचकी’ में रानी मुखर्जी ने एक ऐसी टीचर की भूमिका निभाई है. जो टौरेट सिंड्रोम से पीड़ित होती है. ये फिल्म एक महिला की प्रेरणादायक कहानी बताती है,जो अपनी सबसे बड़ी चुनौती को अपनी सबसे बड़ी ताकत में बदल देती है. यह वह किरदार है जिसे हम सब अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहेंगे.
ऋतिक रोशन
विकास बहल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘सुपर 30’ बिहार के फेमस मथेमैटिशन आनंद कुमार के जीवन में घटी प्रमुख घटनाओं को पर आधारित है. जो एक व्यक्ति के संघर्ष और जीत को दर्शाती है. इस फिल्म में ऋतिक रोशन ने आनंद कुमार के रोल को पूरी ईमानदारी के साथ प्ले किया, जिसमें एक ऐसे टीचर की ऊंच-नीच को दिखाया गया है जो वंचित छात्रों (disadvantaged students) को सफल बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर देता है.
विद्या बालन
बौलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन ने फिल्म ‘शकुंतला देवी’ में फेमस मथेमैटिशन के शानदार रोल में अपनी चमक बिखेरी. बेंगलुरु में जन्मी शंकुतला देवी सिर्फ देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में ह्यूमन कंप्यूटर के नाम से मशहूर थीं. यह फिल्म न केवल शकुंतला देवी की (intelligence) बुद्धिमत्ता को दिखाती है बल्कि उन्हें एक मां और एक महिला के रूप में भी मानवीय रूप में प्रस्तुत करती है. विद्या का शानदार प्रदर्शन इस जटिल किरदार को जीवंत कर देता है और यह भारत की सबसे प्रतिभाशाली शख्सियतों में से एक है.